
Fatehpur News: बिना खाता, बिना साइन-बैंक से उड़ गए 15 लाख ! किसान के नाम पर हो गया बड़ा खेल
Fatehpur News In Hindi
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फतेहपुर (Fatehpur) में बिना खाता और बिना साइन के किसान के नाम पर 15 लाख रुपये का फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनाकर लोन ले लिया गया. मामला राधानगर थाना (RadhaNagar Thana) क्षेत्र के पीएनबी बैंक (PNB Bank) का है. कोर्ट के आदेश पर बैंक मैनेजर समेत 4 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है.
Fatehpur PNB Fraud: यूपी के फतेहपुर जिले से बैंकिंग फर्जीवाड़े का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. एक किसान, जिसका ना तो बैंक में खाता था और ना ही उसने किसी दस्तावेज़ पर साइन किया, उसके नाम पर फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनाकर 15 लाख रुपये का लोन ले लिया गया.
यह कारनामा किसी आम ठग ने नहीं, बल्कि खुद बैंक के अंदर बैठे जिम्मेदार अधिकारियों ने किया. मामले का खुलासा तब हुआ, जब किसान अपनी ज़मीन की खतौनी निकालने पहुंचा और उसे पता चला कि उसकी पूरी भूमि बैंक में गिरवी रखी हुई है.
खतौनी निकलते ही दिखा फर्जीवाड़ा

अब सबसे बड़ा सवाल ये कि जब किसान का उस बैंक में खाता ही नहीं था, उसने किसी दस्तावेज़ पर साइन नहीं किया था, तो फिर कैसे बैंक ने 15 लाख का लोन पास कर दिया?
बैंक पहुंचने पर शिकायत, धक्के मारकर निकाला
सच्चाई जानने के बाद किसान 23 नवंबर 2024 को बैंक की शाखा में शिकायत करने पहुंचा. उसने जब शाखा प्रबंधक (ब्रांच मैनेजर) और फील्ड ऑफिसर से सवाल किया कि बिना खाता और बिना साइन के उसके नाम पर लोन कैसे स्वीकृत हुआ, तो उसे असंभव टाइप के जवाब मिले.
किसान का आरोप है कि बैंक अधिकारियों ने उसके फर्जी दस्तखत कर 15 लाख रुपये निकाल लिए और जब उसने सवाल-जवाब किए, तो उसे धक्के देकर बैंक से भगा दिया गया.
थाने गए, लेकिन सुनवाई नहीं हुई!
अपनी शिकायत लेकर जब किसान राधानगर थाना (Radha Nagar Thana) पहुंचा, तो वहां भी उसे सिर्फ़ जांच का आश्वासन दिया गया. लेकिन हफ्तों बीत जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई. आखिरकार, किसान ने न्याय की उम्मीद में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया.
अब दर्ज हुआ मुकदमा–पुलिस जांच में जुटी
थानाध्यक्ष रमेश पटेल बताते हैं कि कोर्ट के आदेश पर बैंक मैनेजर, फील्ड ऑफिसर, फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने वाले व्यक्ति और फर्जी गारंटर समेत कुल 4 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित सुसंगत धाराओं में केस दर्ज किया गया है. मामले की जांच करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी.
सवाल जो अब भी जवाब मांग रहे हैं?
- बैंक के अंदर इतना बड़ा फर्जीवाड़ा कैसे हुआ?
- बिना खाता और बिना दस्तावेज़ के साइन, लोन कैसे पास हुआ?
- अगर किसान कोर्ट न जाता, तो क्या यह घोटाला कभी सामने आता?
बैंकिंग सेक्टर की ऐसी लापरवाहियां किसानों की जिंदगी पर भारी पड़ सकती हैं. सवाल यह भी उठता है कि आम आदमी की मेहनत की कमाई कब तक इस तरह लुटती रहेगी?
