
Fatehpur News: सावधान! छठी की खुशियां पल भर में मातम में बदलीं, बाल्टी में गिरकर डेढ़ साल के बच्चे की मौत
फतेहपुर के जाफरगंज कस्बे में एक मामूली सी लापरवाही ने पूरे परिवार की दुनिया उजाड़ दी. छठी कार्यक्रम से ठीक पहले डेढ़ वर्षीय मासूम की बाल्टी में डूबने से मौत हो गई, जिससे घर और मोहल्ले में मातम पसर गया.
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से सामने आई यह घटना हर माता-पिता को झकझोर देने वाली है. जाफरगंज कस्बे में जहां परिवार छठी कार्यक्रम की तैयारियों में जुटा था, वहीं खेलते-खेलते एक मासूम की जान चली गई. कुछ मिनटों की अनदेखी ने खुशियों से भरे घर को गहरे शोक में बदल दिया.
उत्सव का माहौल, लेकिन नजरों से ओझल हो गया मासूम

खेलते-खेलते बाथरुम तक कैसे पहुंच गया आयुष्मान
परिजनों के मुताबिक आयुष्मान शाम करीब साढ़े आठ बजे अपने बाबा विनोद के पास खेल रहा था. घर में चहल-पहल इतनी ज्यादा थी कि यह पता ही नहीं चला कि वह कब वहां से हट गया. बच्चा घर के दूसरे हिस्से में बने बाथरुम तक पहुंच गया, जहां एक पेंट की बाल्टी रखी थी. बाल्टी में कुछ ही लीटर पानी भरा था, लेकिन वही पानी मासूम के लिए जानलेवा साबित हो गया. संतुलन बिगड़ने से वह सिर के बल बाल्टी में गिर गया और बाहर नहीं निकल सका.
बाथरुम में दिखा खौफनाक दृश्य
अस्पताल पहुंचते ही टूट गई आखिरी उम्मीद
परिजन पहले बच्चे को कस्बे के निजी डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे, जहां से हालत गंभीर देखते हुए उसे सीएचसी बिंदकी भेजा गया. अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद आयुष्मान को मृत घोषित कर दिया. यह खबर सुनते ही मां दिव्या बेसुध हो गईं. उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया और तबियत बिगड़ने पर उन्हें संभालना मुश्किल हो गया. पूरे परिवार पर जैसे दुखों का पहाड़ टूट पड़ा.
पिता के लौटने के बाद नम आंखों से अंतिम विदाई
घटना की सूचना दिल्ली में प्राइवेट नौकरी कर रहे पिता शिवम शिवहरे को दी गई. मंगलवार को उनके पहुंचने के बाद यमुना नदी के बिंदौर घाट पर मासूम का अंतिम संस्कार किया गया. अंतिम संस्कार के दौरान हर आंख नम थी. जिस घर में छठी के गीत गूंजने वाले थे, वहां अब सिर्फ सन्नाटा और आंसुओं की खामोशी थी. मोहल्ले के लोग भी इस हादसे से गहरे सदमे में हैं.
