UPSC Topper Anuj Agnihotri: कौन हैं अनुज अग्निहोत्री जिन्होंने डॉक्टरी के पेशे को छोड़ अपनाई यूपीएससी की राह
राजस्थान के रावतभाटा के डॉ. अनुज अग्निहोत्री ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल कर देशभर में चर्चा बटोरी है. AIIMS जोधपुर से MBBS करने वाले अनुज पहले SDM दिल्ली रह चुके हैं. तीसरे प्रयास में मिली इस सफलता ने लाखों युवाओं को नई प्रेरणा दी है.
Anuj Agnihotri IAS Biography: डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना अपने आप में बड़ा लक्ष्य होता है, लेकिन राजस्थान के रावतभाटा निवासी 26 वर्षीय डॉ. अनुज अग्निहोत्री ने इससे भी बड़ा सपना देखा. उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रशासनिक सेवा की राह चुनी और वर्षों की मेहनत के बाद UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में पूरे देश में पहला स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया.
कौन हैं अनुज अग्निहोत्री जानिए उनके बारे में
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा कस्बे से निकलकर देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक UPSC सिविल सेवा परीक्षा में टॉप करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है. डॉ. अनुज अग्निहोत्री ने यह मुकाम अपने तीसरे प्रयास में हासिल किया है.
अनुज का शैक्षणिक बैकग्राउंड मेडिकल का रहा है. उन्होंने जोधपुर स्थित एम्स से MBBS की डिग्री प्राप्त की. डॉक्टर बनने के बाद भी उन्होंने महसूस किया कि प्रशासनिक सेवा में काम करते हुए वह समाज के बड़े हिस्से के लिए बदलाव ला सकते हैं.
पहले भी पास कर चुके थे UPSC, दिल्ली में रहें SDM
अनुज अग्निहोत्री की यह पहली सफलता नहीं है. इससे पहले भी वह UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास कर चुके हैं. वर्ष 2023 में अपने पहले प्रयास में उन्होंने परीक्षा पास की थी और उन्हें दिल्ली, अंडमान और निकोबार सिविल सेवा (DANICS) कैडर मिला था.
इस कैडर के तहत उन्हें दिल्ली में SDM के पद पर नियुक्ति मिली थी. उन्होंने दिसंबर 2024 में इस पद की जिम्मेदारी संभाली थी.
हालांकि उनका लक्ष्य IAS बनना था, इसलिए उन्होंने नौकरी के साथ-साथ अपनी तैयारी जारी रखी. दूसरे प्रयास में उन्होंने मेंस परीक्षा पास कर ली थी लेकिन इंटरव्यू में चयन नहीं हो पाया. तीसरे प्रयास में उन्होंने पूरे देश में पहला स्थान हासिल कर अपनी मेहनत को मुकाम तक पहुंचा दिया.
अनुज ने इंटरव्यू में क्या दिया जवाब?
डॉ. अनुज अग्निहोत्री ने बताया कि इंटरव्यू के दौरान उनसे उनके मेडिकल बैकग्राउंड से जुड़े कई सवाल पूछे गए. चूंकि उन्होंने MBBS किया है, इसलिए इंटरव्यू बोर्ड ने मेडिकल साइंस से संबंधित विषयों पर चर्चा की.
इसके अलावा राजस्थान के इतिहास और संस्कृति को लेकर भी सवाल किए गए. चित्तौड़गढ़ से जुड़े होने के कारण उनसे संत मीरा बाई के बारे में पूछा गया और यह भी सवाल किया गया कि उनके गुरु कौन थे.
इसके साथ ही राजस्थान के इतिहास को प्रसिद्ध करने वाले इतिहासकार के बारे में पूछा गया, जिसका जवाब उन्होंने जेम्स टॉड बताया. अनुज के अनुसार इंटरव्यू के दौरान आत्मविश्वास और शांत रहना बहुत जरूरी होता है.
परिवार ने दिया पूरा साथ, माता-पिता ने जताया गर्व
अनुज अग्निहोत्री की इस सफलता के पीछे उनके परिवार का भी बड़ा योगदान है. उनके पिता केबी अग्निहोत्री राजस्थान परमाणु बिजलीघर की यूनिट 1 और 2 में कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां मंजू अग्निहोत्री गृहिणी हैं.
उनके पिता ने कहा कि बेटे की इस उपलब्धि से पूरा परिवार गर्व महसूस कर रहा है. उन्होंने बताया कि अनुज शुरू से ही पढ़ाई में बहुत होनहार थे और हमेशा अपने लक्ष्य को लेकर गंभीर रहते थे.
वहीं उनकी मां ने कहा कि उन्होंने बेटे के खानपान और दिनचर्या का पूरा ध्यान रखा ताकि उसकी पढ़ाई प्रभावित न हो. परिवार के इसी सहयोग ने अनुज को कठिन तैयारी के दौरान भी मजबूती दी.
रावतभाटा से AIIMS और फिर UPSC टॉपर बनने तक का सफर
अनुज अग्निहोत्री की शुरुआती पढ़ाई रावतभाटा परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय से हुई. स्कूल के समय से ही वह पढ़ाई में काफी तेज थे.
उन्होंने 12वीं कक्षा में 94 प्रतिशत अंक हासिल किए थे. इसके बाद उन्होंने AIIMS की मेडिकल प्रवेश परीक्षा में 215वीं रैंक प्राप्त की और जोधपुर एम्स में MBBS की पढ़ाई शुरू की.
मेडिकल की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का निर्णय लिया. पढ़ाई के साथ-साथ अनुज को टेबल टेनिस खेलना पसंद है. इसके अलावा वह क्रिकेट देखना और स्टैंड-अप कॉमेडी देखना भी पसंद करते हैं. उनका मानना है कि कठिन तैयारी के बीच थोड़ा मानसिक संतुलन बनाए रखना भी जरूरी होता है.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी बधाई
UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में देश में पहला स्थान हासिल करने पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी अनुज अग्निहोत्री को बधाई दी है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुज की यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है. उन्होंने कहा कि उनकी सफलता राज्य के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी.
मुख्यमंत्री ने परीक्षा में सफल हुए सभी अभ्यर्थियों को भी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे सभी पूरी निष्ठा के साथ राष्ट्र सेवा के अपने संकल्प को पूरा करेंगे.
UPSC Topper Anuj Agnihotri: कौन हैं अनुज अग्निहोत्री जिन्होंने डॉक्टरी के पेशे को छोड़ अपनाई यूपीएससी की राह
Anuj Agnihotri IAS Biography: डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना अपने आप में बड़ा लक्ष्य होता है, लेकिन राजस्थान के रावतभाटा निवासी 26 वर्षीय डॉ. अनुज अग्निहोत्री ने इससे भी बड़ा सपना देखा. उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रशासनिक सेवा की राह चुनी और वर्षों की मेहनत के बाद UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में पूरे देश में पहला स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया.
कौन हैं अनुज अग्निहोत्री जानिए उनके बारे में
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा कस्बे से निकलकर देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक UPSC सिविल सेवा परीक्षा में टॉप करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है. डॉ. अनुज अग्निहोत्री ने यह मुकाम अपने तीसरे प्रयास में हासिल किया है.
अनुज का शैक्षणिक बैकग्राउंड मेडिकल का रहा है. उन्होंने जोधपुर स्थित एम्स से MBBS की डिग्री प्राप्त की. डॉक्टर बनने के बाद भी उन्होंने महसूस किया कि प्रशासनिक सेवा में काम करते हुए वह समाज के बड़े हिस्से के लिए बदलाव ला सकते हैं.
इसी सोच के साथ उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की और लगातार प्रयास करते हुए आखिरकार UPSC 2025 में ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल कर ली.
पहले भी पास कर चुके थे UPSC, दिल्ली में रहें SDM
अनुज अग्निहोत्री की यह पहली सफलता नहीं है. इससे पहले भी वह UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास कर चुके हैं. वर्ष 2023 में अपने पहले प्रयास में उन्होंने परीक्षा पास की थी और उन्हें दिल्ली, अंडमान और निकोबार सिविल सेवा (DANICS) कैडर मिला था.
इस कैडर के तहत उन्हें दिल्ली में SDM के पद पर नियुक्ति मिली थी. उन्होंने दिसंबर 2024 में इस पद की जिम्मेदारी संभाली थी.
हालांकि उनका लक्ष्य IAS बनना था, इसलिए उन्होंने नौकरी के साथ-साथ अपनी तैयारी जारी रखी. दूसरे प्रयास में उन्होंने मेंस परीक्षा पास कर ली थी लेकिन इंटरव्यू में चयन नहीं हो पाया. तीसरे प्रयास में उन्होंने पूरे देश में पहला स्थान हासिल कर अपनी मेहनत को मुकाम तक पहुंचा दिया.
अनुज ने इंटरव्यू में क्या दिया जवाब?
डॉ. अनुज अग्निहोत्री ने बताया कि इंटरव्यू के दौरान उनसे उनके मेडिकल बैकग्राउंड से जुड़े कई सवाल पूछे गए. चूंकि उन्होंने MBBS किया है, इसलिए इंटरव्यू बोर्ड ने मेडिकल साइंस से संबंधित विषयों पर चर्चा की.
इसके अलावा राजस्थान के इतिहास और संस्कृति को लेकर भी सवाल किए गए. चित्तौड़गढ़ से जुड़े होने के कारण उनसे संत मीरा बाई के बारे में पूछा गया और यह भी सवाल किया गया कि उनके गुरु कौन थे.
इसके साथ ही राजस्थान के इतिहास को प्रसिद्ध करने वाले इतिहासकार के बारे में पूछा गया, जिसका जवाब उन्होंने जेम्स टॉड बताया. अनुज के अनुसार इंटरव्यू के दौरान आत्मविश्वास और शांत रहना बहुत जरूरी होता है.
परिवार ने दिया पूरा साथ, माता-पिता ने जताया गर्व
अनुज अग्निहोत्री की इस सफलता के पीछे उनके परिवार का भी बड़ा योगदान है. उनके पिता केबी अग्निहोत्री राजस्थान परमाणु बिजलीघर की यूनिट 1 और 2 में कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां मंजू अग्निहोत्री गृहिणी हैं.
उनके पिता ने कहा कि बेटे की इस उपलब्धि से पूरा परिवार गर्व महसूस कर रहा है. उन्होंने बताया कि अनुज शुरू से ही पढ़ाई में बहुत होनहार थे और हमेशा अपने लक्ष्य को लेकर गंभीर रहते थे.
वहीं उनकी मां ने कहा कि उन्होंने बेटे के खानपान और दिनचर्या का पूरा ध्यान रखा ताकि उसकी पढ़ाई प्रभावित न हो. परिवार के इसी सहयोग ने अनुज को कठिन तैयारी के दौरान भी मजबूती दी.
रावतभाटा से AIIMS और फिर UPSC टॉपर बनने तक का सफर
अनुज अग्निहोत्री की शुरुआती पढ़ाई रावतभाटा परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय से हुई. स्कूल के समय से ही वह पढ़ाई में काफी तेज थे.
उन्होंने 12वीं कक्षा में 94 प्रतिशत अंक हासिल किए थे. इसके बाद उन्होंने AIIMS की मेडिकल प्रवेश परीक्षा में 215वीं रैंक प्राप्त की और जोधपुर एम्स में MBBS की पढ़ाई शुरू की.
मेडिकल की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का निर्णय लिया. पढ़ाई के साथ-साथ अनुज को टेबल टेनिस खेलना पसंद है. इसके अलावा वह क्रिकेट देखना और स्टैंड-अप कॉमेडी देखना भी पसंद करते हैं. उनका मानना है कि कठिन तैयारी के बीच थोड़ा मानसिक संतुलन बनाए रखना भी जरूरी होता है.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी बधाई
UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में देश में पहला स्थान हासिल करने पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी अनुज अग्निहोत्री को बधाई दी है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुज की यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है. उन्होंने कहा कि उनकी सफलता राज्य के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी.
मुख्यमंत्री ने परीक्षा में सफल हुए सभी अभ्यर्थियों को भी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे सभी पूरी निष्ठा के साथ राष्ट्र सेवा के अपने संकल्प को पूरा करेंगे.