Please enable JavaScript to support our website by allowing ads.

UPSC Shambhavi Tiwari: फतेहपुर की शांभवी तिवारी बनीं IAS, हासिल की 46वीं रैंक, ख़बर सुनते ही छलके बाबा के आंसू

UPSC Shambhavi Tiwari: फतेहपुर की शांभवी तिवारी बनीं IAS, हासिल की 46वीं रैंक, ख़बर सुनते ही छलके बाबा के आंसू
फतेहपुर की बेटी बनी IAS छलके बाबा के आंसू (फोटो के कुछ अंश AI से बने हैं)

फतेहपुर के भिटौरा ब्लॉक के मौजमाबाद गांव की मूल निवासी शांभवी तिवारी ने UPSC 2025 में 46वीं रैंक हासिल कर IAS बनने का सपना पूरा किया. बिना कोचिंग दूसरे प्रयास में मिली इस सफलता ने पूरे परिवार को भावुक कर दिया. बाबा शिव सहाय तिवारी की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े.

Fatehpur UPSC Shambhavi Tiwari: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले की एक बेटी ने अपने संकल्प और मेहनत के दम पर वह मुकाम हासिल किया है, जिसका सपना लाखों युवा देखते हैं. भिटौरा ब्लॉक के मौजमाबाद गांव की मूल निवासी शांभवी तिवारी ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 46वीं रैंक हासिल कर IAS बनने का गौरव पाया है. जैसे ही यह खबर परिवार तक पहुंची, खुशी और भावनाओं का ऐसा सैलाब उमड़ा कि उनके बाबा की आंखों से आंसू छलक पड़े.

दूसरे प्रयास में मिली ऐतिहासिक सफलता

शांभवी तिवारी की यह सफलता किसी चमत्कार से कम नहीं मानी जा रही है. उन्होंने UPSC की कठिन परीक्षा में दूसरे प्रयास में 46वीं रैंक हासिल कर देशभर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. इससे पहले वर्ष 2024 में भी उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास की थी, जिसमें उनकी 464वीं रैंक आई थी और उन्हें भारतीय रेलवे सेवा आवंटित हुई थी.

हालांकि शांभवी का लक्ष्य इससे बड़ा था. उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी तैयारी जारी रखी. निरंतर अध्ययन, अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने अगले ही प्रयास में अपनी रैंक में जबरदस्त सुधार करते हुए IAS बनने का सपना साकार कर लिया. यह उपलब्धि केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं बल्कि फतेहपुर जिले के लिए भी गर्व का विषय बन गई है. जिले के लोग इसे बेटी की बड़ी उपलब्धि मानते हुए खुशी जाहिर कर रहे हैं.

फतेहपुर से बांदा और फिर उत्तराखंड तक का सफर

शांभवी तिवारी के परिवार की जड़ें फतेहपुर जिले के भिटौरा ब्लॉक के मौजमाबाद गांव से जुड़ी हैं. उनके बाबा शिव सहाय तिवारी करीब 50 वर्ष पहले फतेहपुर से निकलकर बांदा जिले के तिंदवारी कस्बे में बस गए थे, जहां आज भी परिवार का पुराना संबंध बना हुआ है.

Read More: Fatehpur News: फतेहपुर में एंटी करप्शन का बड़ा एक्शन, 1 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार हुआ वरिष्ठ लेखा परीक्षक

शांभवी के पिता सुशील कुमार तिवारी मूल रूप से बांदा के तिंदवारी ब्लॉक के भुजरख गांव के निवासी हैं और वर्तमान में उत्तराखंड के नैनीताल में शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं. वहीं उनकी मां निवेदिता तिवारी जो कि उत्तराखंड में ही शिक्षक हैं ने बेटी की पढ़ाई और तैयारी में हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

Read More: Fatehpur News: फतेहपुर में बच्चों की कहासुनी के बाद भिड़े परिजन, 11 लोगों पर मुकदमा, मारपीट का वीडियो वायरल

शांभवी का बचपन और शिक्षा का अधिकांश समय उत्तराखंड में ही बीता. हालांकि परिवार की जड़ें फतेहपुर और बांदा से जुड़ी होने के कारण उनकी सफलता की खबर दोनों जिलों में गर्व और उत्साह का कारण बन गई.

Read More: Fatehpur Murder: जीजा पर सवार हुआ खून ! ससुराल पहुंचा दामाद, 5 लोगों पर बांके से हमला, पीट-पीट कर हुई हत्या

पंतनगर विश्वविद्यालय से बीटेक तक की पढ़ाई

शांभवी तिवारी बचपन से ही मेधावी छात्रा रही हैं. उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक का सफर उत्तराखंड के प्रतिष्ठित पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय से पूरा किया. यहीं से उन्होंने हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और बाद में बीटेक की पढ़ाई पूरी की.

पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का सपना देखा था. इसके बाद उन्होंने पूरी लगन के साथ UPSC की तैयारी शुरू की. खास बात यह रही कि उन्होंने किसी बड़े कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया. घर पर रहकर सेल्फ स्टडी के जरिए ही उन्होंने इस परीक्षा की तैयारी की.

उनकी सफलता यह साबित करती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी से बड़ी परीक्षा को भी पार किया जा सकता है.

मां बनीं प्रेरणा और सबसे बड़ी ताकत

हर सफल व्यक्ति के पीछे किसी न किसी का प्रेरणादायक सहयोग जरूर होता है. शांभवी की सफलता में उनकी मां निवेदिता तिवारी की भूमिका बेहद अहम रही. उन्होंने बेटी को पढ़ाई के लिए लगातार प्रेरित किया और हर कठिन समय में उसका मनोबल बढ़ाया.

UPSC जैसी परीक्षा की तैयारी में लंबे समय तक धैर्य और मानसिक मजबूती की जरूरत होती है. ऐसे समय में परिवार का समर्थन सबसे बड़ी ताकत बन जाता है. शांभवी के माता-पिता ने भी हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.

परिवार के सहयोग और अपनी मेहनत के दम पर शांभवी ने न केवल परीक्षा पास की बल्कि देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं में शामिल होकर IAS अधिकारी बनने का गौरव हासिल किया.

फोन पर मिली खबर और भावुक हो उठे बाबा

UPSC का परिणाम घोषित होने के बाद सबसे भावुक पल तब आया जब शांभवी ने अपने बाबा शिव सहाय तिवारी को फोन कर अपनी सफलता की खबर दी. उन्होंने फोन पर कहा, “बाबूजी, मैं IAS बन गई हूं.”

यह सुनकर उनके बाबा को पहले विश्वास ही नहीं हुआ. जब शांभवी ने अपनी रैंक बताई, तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा. शिव सहाय तिवारी बताते हैं कि उस पल उनकी आंखों से खुशी के आंसू निकल पड़े. उन्हें लगा जैसे वर्षों की मेहनत और परिवार के सपने एक साथ पूरे हो गए हों.

शांभवी के IAS बनने की खबर जैसे ही फतेहपुर और बांदा के तिंदवारी कस्बे और आसपास के गांवों में फैली, लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई. बाबा ने पूरे मोहल्ले में मिठाई बांटकर इस खुशी का जश्न मनाया. आज शांभवी की यह सफलता हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है.

Latest News

UP News: उत्तर प्रदेश में अब बदलेंगे थानों के हालात, 18.41 करोड़ रुपये से बनेंगे नए हॉस्टल-बैरक और विवेचना कक्ष UP News: उत्तर प्रदेश में अब बदलेंगे थानों के हालात, 18.41 करोड़ रुपये से बनेंगे नए हॉस्टल-बैरक और विवेचना कक्ष
उत्तर प्रदेश में पुलिस थानों और पुलिस इकाइयों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 18.41 करोड़ रुपये मंजूर किए...
आज का राशिफल 21 सितंबर 2026: भगवान भोलेनाथ की कृपा से बनेंगे काम, जानिए आज का दैनिक राशिफल
Fatehpur News: भाजपा नेता और मंत्री के करीबी रिंकू लोहारी सहित 5 भेजे गए जेल ! प्रदेश कांग्रेस ने उठाया फतेहपुर का मुद्दा
Fatehpur News: भाजपा नेता रिंकू लोहारी समेत 10 पर हत्या के प्रयास और बलवा का मुकदमा, चौकी के पास ताबड़तोड़ फायरिंग
Weather Update: यूपी समेत 22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, 80 KM प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं
Fatehpur News: सरकार कहती है तालाबों को संरक्षित करो, प्रशासन कब्जा दिलाने में मस्त ! तालाबी नंबर में जारी है अवैध निर्माण
Fatehpur News: 5G नेटवर्क नहीं आया तो ग्रामीणों का चढ़ा पारा, टेलीकॉम कर्मचारी को टावर से बांधा, वीडियो वायरल

Follow Us