Fatehpur News: साइबर अपराध का गढ़ बनता फतेहपुर, एक साल में करोड़ों की ठगी, पुलिस लगातार अलर्ट मोड पर
फतेहपुर जिले में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है. बीते एक साल में करोड़ों की ऑनलाइन ठगी सामने आई है. दर्जनों युवक साइबर गैंग से जुड़े मिले हैं. पुलिस ने कई गिरफ्तारियां की हैं और फरार आरोपियों की तलाश जारी है.
Cyber Crime In Fatehpur: उत्तर प्रदेश का फतेहपुर जिला अब साइबर अपराध के बढ़ते खतरे से जूझ रहा है. बीते एक वर्ष में ऑनलाइन ठगी के मामलों ने पुलिस और प्रशासन दोनों की चिंता बढ़ा दी है. करोड़ों रुपये की ठगी, सैकड़ों केस और हजारों शिकायतें इस बात का संकेत हैं कि साइबर अपराध अब जिले के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है.
एक साल में दर्ज हुए दर्जनों केस, चार करोड़ से ज्यादा की ठगी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिले में बीते लगभग एक वर्ष के भीतर साइबर क्राइम थाने में 46 मामले दर्ज किए गए हैं. इन मामलों में ठगों ने चार करोड़ रुपये से अधिक की रकम पार की है. इसके अलावा जिले के अन्य थानों में पूरे साल के दौरान साइबर अपराध से जुड़े करीब सौ मामले दर्ज हुए. सबसे चिंताजनक आंकड़ा यह है कि हेल्पलाइन नंबर 1930 पर डेढ़ हजार से अधिक शिकायतें दर्ज कराई गईं, जिससे साफ होता है कि साइबर ठगी का दायरा पुलिस रिकॉर्ड से कहीं अधिक व्यापक है.
भगवानपुर और भगवंतपुर बने साइबर ठगी के केंद्र
पुलिस जांच में सामने आया है कि गाजीपुर थाना क्षेत्र का भगवानपुर गांव, राधानगर थाना क्षेत्र का भगवंतपुर और हुसैनगंज थाना क्षेत्र के कुछ इलाके साइबर अपराध का केंद्र बनते जा रहे हैं. इन क्षेत्रों के दर्जनों युवक ऑनलाइन ठगी के नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं. पुलिस को इनके खिलाफ ठोस सुराग मिले हैं, जिसके आधार पर लगातार छापेमारी और कार्रवाई की जा रही है. भगवानपुर गांव को इस पूरे साइबर नेटवर्क का मुख्य केंद्र माना जा रहा है.
बीते वर्ष पुलिस की बड़ी छापेमारी, तीन साइबर ठग गिरफ्तार
सरगना सुग्गा सिंह फरार, कई नाम पुलिस रडार पर
छापेमारी के दौरान गिरोह का सरगना सुग्गा सिंह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया. उसके साथ रिंकू सिंह, देवनारायन सिंह, अनुज सिंह, मनोज सिंह, कुलदीप सिंह, शिवम सिंह, दीपक सिंह, अखिलेश उर्फ भूरा सिंह, सोनू और शानू सिंह निवासी भगवंतपुर राधानगर फरार बताए गए. इसके अलावा जितेंद्र और शिवम सिंह निवासी फत्तेपुर थाना रनिया, कानपुर देहात भी फरार हैं. पुलिस इन सभी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है.
CBI अफसर बनकर करते थे डिजिटल अरेस्ट की ठगी
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि भगवानपुर गांव के साइबर ठग खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर लोगों को डराते थे. वे वाट्सएप कॉल के जरिए अश्लील वीडियो देखने का आरोप लगाकर लोगों को डिजिटल अरेस्ट की धमकी देते थे. इसके बाद डर और बदनामी के भय से पीड़ितों से ऑनलाइन पैसे ऐंठे जाते थे. बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और दिल्ली जैसे राज्यों के लोग इनके मुख्य शिकार थे.
2025 में 30 से ज्यादा साइबर ठग जेल भेजे गए
साइबर क्राइम थाना प्रभारी सुनील सिंह के अनुसार, वर्ष 2025 में अब तक 30 से अधिक साइबर ठगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. दर्ज मामलों में से 22 मामलों का निस्तारण भी किया गया है. पुलिस की सक्रियता से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की रकम विभिन्न बैंक खातों में होल्ड कराकर पीड़ितों को वापस कराई गई है. पुलिस का कहना है कि जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है.
Fatehpur News: साइबर अपराध का गढ़ बनता फतेहपुर, एक साल में करोड़ों की ठगी, पुलिस लगातार अलर्ट मोड पर
Cyber Crime In Fatehpur: उत्तर प्रदेश का फतेहपुर जिला अब साइबर अपराध के बढ़ते खतरे से जूझ रहा है. बीते एक वर्ष में ऑनलाइन ठगी के मामलों ने पुलिस और प्रशासन दोनों की चिंता बढ़ा दी है. करोड़ों रुपये की ठगी, सैकड़ों केस और हजारों शिकायतें इस बात का संकेत हैं कि साइबर अपराध अब जिले के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है.
एक साल में दर्ज हुए दर्जनों केस, चार करोड़ से ज्यादा की ठगी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिले में बीते लगभग एक वर्ष के भीतर साइबर क्राइम थाने में 46 मामले दर्ज किए गए हैं. इन मामलों में ठगों ने चार करोड़ रुपये से अधिक की रकम पार की है. इसके अलावा जिले के अन्य थानों में पूरे साल के दौरान साइबर अपराध से जुड़े करीब सौ मामले दर्ज हुए. सबसे चिंताजनक आंकड़ा यह है कि हेल्पलाइन नंबर 1930 पर डेढ़ हजार से अधिक शिकायतें दर्ज कराई गईं, जिससे साफ होता है कि साइबर ठगी का दायरा पुलिस रिकॉर्ड से कहीं अधिक व्यापक है.
भगवानपुर और भगवंतपुर बने साइबर ठगी के केंद्र
पुलिस जांच में सामने आया है कि गाजीपुर थाना क्षेत्र का भगवानपुर गांव, राधानगर थाना क्षेत्र का भगवंतपुर और हुसैनगंज थाना क्षेत्र के कुछ इलाके साइबर अपराध का केंद्र बनते जा रहे हैं. इन क्षेत्रों के दर्जनों युवक ऑनलाइन ठगी के नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं. पुलिस को इनके खिलाफ ठोस सुराग मिले हैं, जिसके आधार पर लगातार छापेमारी और कार्रवाई की जा रही है. भगवानपुर गांव को इस पूरे साइबर नेटवर्क का मुख्य केंद्र माना जा रहा है.
बीते वर्ष पुलिस की बड़ी छापेमारी, तीन साइबर ठग गिरफ्तार
24 नवंबर 2025 को साइबर क्राइम पुलिस ने भगवानपुर गांव में बड़ी कार्रवाई की. इस दौरान त्रिभुवन सिंह उर्फ रामसनेही, जितेंद्र सिंह निवासी भगवानपुर गाजीपुर और राहुल सिंह निवासी मीरपुर थरियांव को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया. पूछताछ में इन आरोपियों ने कई अहम जानकारियां दीं, जिससे पूरे गिरोह की गतिविधियों का खुलासा हुआ. पुलिस के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से अंतरराज्यीय स्तर पर साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था.
सरगना सुग्गा सिंह फरार, कई नाम पुलिस रडार पर
छापेमारी के दौरान गिरोह का सरगना सुग्गा सिंह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया. उसके साथ रिंकू सिंह, देवनारायन सिंह, अनुज सिंह, मनोज सिंह, कुलदीप सिंह, शिवम सिंह, दीपक सिंह, अखिलेश उर्फ भूरा सिंह, सोनू और शानू सिंह निवासी भगवंतपुर राधानगर फरार बताए गए. इसके अलावा जितेंद्र और शिवम सिंह निवासी फत्तेपुर थाना रनिया, कानपुर देहात भी फरार हैं. पुलिस इन सभी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है.
CBI अफसर बनकर करते थे डिजिटल अरेस्ट की ठगी
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि भगवानपुर गांव के साइबर ठग खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर लोगों को डराते थे. वे वाट्सएप कॉल के जरिए अश्लील वीडियो देखने का आरोप लगाकर लोगों को डिजिटल अरेस्ट की धमकी देते थे. इसके बाद डर और बदनामी के भय से पीड़ितों से ऑनलाइन पैसे ऐंठे जाते थे. बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और दिल्ली जैसे राज्यों के लोग इनके मुख्य शिकार थे.
2025 में 30 से ज्यादा साइबर ठग जेल भेजे गए
साइबर क्राइम थाना प्रभारी सुनील सिंह के अनुसार, वर्ष 2025 में अब तक 30 से अधिक साइबर ठगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. दर्ज मामलों में से 22 मामलों का निस्तारण भी किया गया है. पुलिस की सक्रियता से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की रकम विभिन्न बैंक खातों में होल्ड कराकर पीड़ितों को वापस कराई गई है. पुलिस का कहना है कि जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है.