Fatehpur News: फतेहपुर में पुलिस पर हमला ! उग्र भीड़ ने किया पथराव, चौकी इंचार्ज की वर्दी फटी, सिपाही समेत 43 लोगों पर मुकदमा
फतेहपुर के बिंदकी कोतवाली क्षेत्र में राहगीरों से अभद्रता की शिकायत पर पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। पथराव में चार पुलिसकर्मी घायल हो गए और चौकी इंचार्ज की वर्दी तक फट गई। पुलिस ने सिपाही सहित 43 लोगों पर मुकदमा दर्ज कर 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के बिंदकी कोतवाली क्षेत्र में बुधवार देर शाम हालात उस समय बिगड़ गए जब शिकायत पर मौके पर पहुंची पुलिस टीम को ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा. छोटेलालपुर गांव के पास कुछ लोगों द्वारा राहगीरों से अभद्रता की सूचना पर पहुंची पुलिस पर अचानक भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया. इस हिंसक झड़प में चार पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि चौकी इंचार्ज की वर्दी तक फट गई. पुलिस ने 43 लोगों पर मुकदमा दर्ज कर 13 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
राहगीरों से अभद्रता की सूचना पर पहुंची थी पुलिस टीम
जानकारी के अनुसार बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के फरीदपुर–मंडराव मार्ग पर स्थित छोटेलालपुर गांव के पास बुधवार देर शाम कुछ ग्रामीण सड़क से गुजरने वाले लोगों के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे थे और उन्हें अपशब्द कह रहे थे. राहगीरों ने इसकी सूचना पुलिस को दी.
सूचना मिलते ही सरकंडी पुलिस चौकी इंचार्ज उपनिरीक्षक प्रमोद सिंह मौके पर पहुंचे. उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और सार्वजनिक रास्ते पर इस तरह का व्यवहार न करने की हिदायत दी. लेकिन पुलिस की समझाइश कुछ लोगों को नागवार गुजरी और वे चौकी इंचार्ज से ही उलझ गए. पहले कहासुनी हुई और धीरे-धीरे माहौल तनावपूर्ण होता चला गया.
पुलिस बल बुलाने पर शुरू हुआ पथराव
मौके की स्थिति बिगड़ती देख चौकी इंचार्ज प्रमोद सिंह ने तत्काल कोतवाली प्रभारी हेमंत मिश्रा को सूचना दी. सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंच गया. लेकिन पुलिस के पहुंचते ही कुछ ग्रामीण उग्र हो गए और देखते ही देखते भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया.
अचानक हुए इस हमले से वहां अफरा-तफरी मच गई. पुलिसकर्मियों को संभलने का मौका भी नहीं मिला और चारों ओर से पत्थर बरसने लगे. हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को खुद को बचाते हुए स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश करनी पड़ी.
हमले में चार पुलिसकर्मी घायल, चौकी इंचार्ज की फट गई वर्दी
इस हिंसक पथराव में कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक वृंदावन राय, चौकी इंचार्ज प्रमोद सिंह, सिपाही रामप्रकाश और सिपाही रमाकांत घायल हो गए. सभी को उपचार के लिए तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया.
हमले के दौरान चौकी इंचार्ज प्रमोद सिंह की वर्दी तक फट गई, जबकि एसएसआई वृंदावन राय के हाथ, कंधे और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं. पुलिसकर्मियों पर हमले की इस घटना से पुलिस महकमे में भी नाराजगी देखी जा रही है.
जब सिपाही ने कहा किसी पुलिस वाले को मत छोड़ना
जानकारी के मुताबिक घटना के दौरान भीड़ को उकसाने में गांव का रहने वाला मुख्य आरक्षी अखिलेश कुमार भी शामिल था. बताया जा रहा है कि अखिलेश कुमार वर्तमान में कौशांबी जनपद में मुख्य आरक्षी के पद पर तैनात है और निलंबन के कारण पुलिस लाइन में है. आरोप है कि उसने ही भीड़ को भड़काते हुए कहा कि पुलिसवालों को मारो और किसी को बचकर जाने मत दो.
13 नामजद और 30 अज्ञात पर मुकदमा, देर रात हुई गिरफ्तारी
सरकंडी चौकी इंचार्ज प्रमोद सिंह की तहरीर पर पुलिस ने तेजबहादुर, पंकज, मुकेश बीरू, अवनीश और तीन महिलाओं समेत कुल 13 नामजद तथा 30 अज्ञात महिला-पुरुषों के खिलाफ बलवा, सरकारी काम में बाधा और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है.
घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए रात में ही तीन महिलाओं सहित 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. कोतवाली प्रभारी हेमंत कुमार मिश्र ने बताया कि घायल पुलिसकर्मियों का मेडिकल कराया गया है और मामले में सख्त कार्रवाई की जा रही है.
क्रिकेट खेलने के दौरान बिगड़ा था मामला?
सूत्रों की माने तो इस घटना का एक दूसरा पहलू भी सामने आया है. अखिलेश कुमार का बेटा पास के मैदान में क्रिकेट खेल रहा था बताया जा रहा है कि खेलने के दौरान उसकी बॉल सरकंडी चौकी में चली गई..जब वो बॉल लेने गया तो किसी बात को लेकर एक सिपाही ने उसे थप्पड़ जड़ दिया.. जिसके बात मामला बिगड़ गया.
हेड कांस्टेबल अखिलेश कुमार कई लोगों के साथ चौकी पहुंचे तो मामला और बिगड़ गया..और वाद विवाद होने लगा..चौकी पुलिस ने अखिलेश कुमार सहित कई लोगों को जबरन वहीं बिठा लिया. इसके बाद बात और बिगड़ गई और ग्रामीणों ने भी अपने साथियों को छुड़ाने के लिए पथराव शुरू कर दिया जिसके बाद अखिलेश कुमार ग्रामीणों से साथ वहां से भाग निकले.
Fatehpur News: फतेहपुर में पुलिस पर हमला ! उग्र भीड़ ने किया पथराव, चौकी इंचार्ज की वर्दी फटी, सिपाही समेत 43 लोगों पर मुकदमा
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के बिंदकी कोतवाली क्षेत्र में बुधवार देर शाम हालात उस समय बिगड़ गए जब शिकायत पर मौके पर पहुंची पुलिस टीम को ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा. छोटेलालपुर गांव के पास कुछ लोगों द्वारा राहगीरों से अभद्रता की सूचना पर पहुंची पुलिस पर अचानक भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया. इस हिंसक झड़प में चार पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि चौकी इंचार्ज की वर्दी तक फट गई. पुलिस ने 43 लोगों पर मुकदमा दर्ज कर 13 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
राहगीरों से अभद्रता की सूचना पर पहुंची थी पुलिस टीम
जानकारी के अनुसार बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के फरीदपुर–मंडराव मार्ग पर स्थित छोटेलालपुर गांव के पास बुधवार देर शाम कुछ ग्रामीण सड़क से गुजरने वाले लोगों के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे थे और उन्हें अपशब्द कह रहे थे. राहगीरों ने इसकी सूचना पुलिस को दी.
सूचना मिलते ही सरकंडी पुलिस चौकी इंचार्ज उपनिरीक्षक प्रमोद सिंह मौके पर पहुंचे. उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और सार्वजनिक रास्ते पर इस तरह का व्यवहार न करने की हिदायत दी. लेकिन पुलिस की समझाइश कुछ लोगों को नागवार गुजरी और वे चौकी इंचार्ज से ही उलझ गए. पहले कहासुनी हुई और धीरे-धीरे माहौल तनावपूर्ण होता चला गया.
पुलिस बल बुलाने पर शुरू हुआ पथराव
मौके की स्थिति बिगड़ती देख चौकी इंचार्ज प्रमोद सिंह ने तत्काल कोतवाली प्रभारी हेमंत मिश्रा को सूचना दी. सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंच गया. लेकिन पुलिस के पहुंचते ही कुछ ग्रामीण उग्र हो गए और देखते ही देखते भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया.
अचानक हुए इस हमले से वहां अफरा-तफरी मच गई. पुलिसकर्मियों को संभलने का मौका भी नहीं मिला और चारों ओर से पत्थर बरसने लगे. हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को खुद को बचाते हुए स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश करनी पड़ी.
हमले में चार पुलिसकर्मी घायल, चौकी इंचार्ज की फट गई वर्दी
इस हिंसक पथराव में कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक वृंदावन राय, चौकी इंचार्ज प्रमोद सिंह, सिपाही रामप्रकाश और सिपाही रमाकांत घायल हो गए. सभी को उपचार के लिए तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया.
हमले के दौरान चौकी इंचार्ज प्रमोद सिंह की वर्दी तक फट गई, जबकि एसएसआई वृंदावन राय के हाथ, कंधे और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं. पुलिसकर्मियों पर हमले की इस घटना से पुलिस महकमे में भी नाराजगी देखी जा रही है.
जब सिपाही ने कहा किसी पुलिस वाले को मत छोड़ना
जानकारी के मुताबिक घटना के दौरान भीड़ को उकसाने में गांव का रहने वाला मुख्य आरक्षी अखिलेश कुमार भी शामिल था. बताया जा रहा है कि अखिलेश कुमार वर्तमान में कौशांबी जनपद में मुख्य आरक्षी के पद पर तैनात है और निलंबन के कारण पुलिस लाइन में है. आरोप है कि उसने ही भीड़ को भड़काते हुए कहा कि पुलिसवालों को मारो और किसी को बचकर जाने मत दो.
13 नामजद और 30 अज्ञात पर मुकदमा, देर रात हुई गिरफ्तारी
सरकंडी चौकी इंचार्ज प्रमोद सिंह की तहरीर पर पुलिस ने तेजबहादुर, पंकज, मुकेश बीरू, अवनीश और तीन महिलाओं समेत कुल 13 नामजद तथा 30 अज्ञात महिला-पुरुषों के खिलाफ बलवा, सरकारी काम में बाधा और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है.
घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए रात में ही तीन महिलाओं सहित 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. कोतवाली प्रभारी हेमंत कुमार मिश्र ने बताया कि घायल पुलिसकर्मियों का मेडिकल कराया गया है और मामले में सख्त कार्रवाई की जा रही है.
क्रिकेट खेलने के दौरान बिगड़ा था मामला?
सूत्रों की माने तो इस घटना का एक दूसरा पहलू भी सामने आया है. अखिलेश कुमार का बेटा पास के मैदान में क्रिकेट खेल रहा था बताया जा रहा है कि खेलने के दौरान उसकी बॉल सरकंडी चौकी में चली गई..जब वो बॉल लेने गया तो किसी बात को लेकर एक सिपाही ने उसे थप्पड़ जड़ दिया.. जिसके बात मामला बिगड़ गया.
हेड कांस्टेबल अखिलेश कुमार कई लोगों के साथ चौकी पहुंचे तो मामला और बिगड़ गया..और वाद विवाद होने लगा..चौकी पुलिस ने अखिलेश कुमार सहित कई लोगों को जबरन वहीं बिठा लिया. इसके बाद बात और बिगड़ गई और ग्रामीणों ने भी अपने साथियों को छुड़ाने के लिए पथराव शुरू कर दिया जिसके बाद अखिलेश कुमार ग्रामीणों से साथ वहां से भाग निकले.