Please enable JavaScript to support our website by allowing ads.

UP Fatehpur News: फतेहपुर का शिवभक्त कैसे बना Umar Gautam ! मंदिर का शिलापट्ट बयां करता है धार्मिकता की कहानी

UP Fatehpur News: फतेहपुर का शिवभक्त कैसे बना Umar Gautam ! मंदिर का शिलापट्ट बयां करता है धार्मिकता की कहानी
फतेहपुर के पंथुआ गांव में बना उमर का पुस्तैनी घर और मंदिर (फोटो युगान्तर प्रवाह) Umar Gautam Image Credit Original Source

Fatehpur News In Hindi

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फतेहपुर (Fatehpur) के रहने वाले मौलाना उमर गौतम (Umar Gautam) को एनआईए एटीएस कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुना दी है. बाउजूद पथ से विमुख हुए उमर के चेहरे पर एक भी सिकन ना थी. उसके साथी कोर्ट के बाहर हंसते हुए दिखाई दिए. उमर ने कभी अपने जीवन के फ्लैशबैक को झांक कर देखा होता तो उसे मंदिर में पढ़ी गई मानस की चौपाई जरूर सुनाई देती.

Umar Gautam Fatehpur: पिता धनराज सुबह की नित्य क्रिया से निवृत होकर स्नान करने जाते. सर में एक लोटा पानी डालते और कंधे में पड़े जनेऊ को रगड़ते हुए मानस की दो चार चौपाई पढ़ते हुए नहा धोकर बाहर आते..तांबे के लोटे में जल लेकर दो चार पुष्प उसमें डालते और दरवाजे पर बने शिव मंदिर पहुंच जाते.

शिव स्तुति करते हुए जल चढ़ाते..फिर घर के पाटे में बैठते हुए भगवान को भोग लगाने से पहले मां से पूछते हैं..गाय का अगराशन निकाला की नहीं..मां हंस कर कहती हैं.. हां निकाला है..पिता जी भोग लगाते हुए भोजन करते फिर कपड़े पहनकर साइकिल से क्षेत्र निकल जाते.

बाबा खटिया में बिछौने का गिर्दा लगाए कभी मानस पढ़ते तो कभी मौका पाकर अपनी सरौती से सुपाड़ी को धार देते..ग्रामीण जय राम लंबरी करते हुए बाबा से बतियाते..श्याम प्रताप भी जल्दी से नहाता और पिता की तरह लोटे में जल लेकर शिव मंदिर जाता और मानस की चौपाई पढ़ते हुए अभिषेक करता.

फिर खाना खाकर पड़ोस के गांव सुभाष जूनियर हाईस्कूल में पढ़ने चला जाता..ऐसे धार्मिक परिवार में साल 1964 में जन्मा था श्याम प्रताप सिंह गौतम उर्फ उमर गौतम

Read More: Keshav Prashad Maurya In Fatehpur: सत्ता के अभाव में रो रही है कांग्रेस, 2047 से पहले विकसित बनेगा राष्ट्र, 2027 में होगी प्रचंड जीत

शिव मंदिर के शिलापट्ट पर दर्ज है परिवार का नाम 

फतेहपुर (Fatehpur) के पंथुआ मजरे रमवा (Ramva) के क्षत्रिय परिवार में जन्में श्याम प्रताप सिंह गौतम (Shyam Pratap Singh Gautam) का परिवार बेहद धार्मिक है. पिता धनराज सिंह ने घर के बाहर ही एक शिव मंदिर बनवाया था.

Read More: Fatehpur Rail News: फतेहपुर रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर चार को मिली मंजूरी, 17 फरवरी से आठ ट्रेनों का ठहराव शुरू

जिसके शिलापट्ट में परिवार के धनराज सिंह, ननकू सिंह, बंशी सिंह औऱ जगदेव सिंह का नाम लिखा हुआ है साथ ही मंदिर निर्माण की तिथि संवत 2046 अंकित है. घर के बाहर दो नीम के पेड़ हैं. घर की महिलाएं अक्सर त्योहारों में पूजन भी करती हैं.

Read More: Fatehpur News: फतेहपुर के विजयीपुर में करोड़ों का घोटाला, फर्जी दस्तावेजों से कराए गए भुगतान, मुकदमें की तैयारी

धनराज सिंह के छः बेटों में बड़ा उदय राज प्रताप सिंह, दूसरा उदय प्रताप सिंह, तीसरा उदय नाथ सिंह, चौथा उमर उर्फ श्याम प्रताप सिंह, पांचवां श्रीनाथ सिंह और छठा ध्रुव प्रताप सिंह. धनराज पंचायत विभाग में सचिव थे और एडीओ पंचायत से सेवानिवृत हुए.

बचपन का शिवभक्त कैसे बना मौलाना? 

श्याम प्रताप सिंह गौतम अपने पिता धनराज का चौथे नंबर का बेटा था. बचपन में शिव भक्त और मानस का पाठ करने वाला था..गांव में उसके घर राम चरित मानस का पाठ साल में एक बार ज़रूर होता था.

पड़ोस के गांव में पढ़ाई करने के बाद उसने सर्वोदय इंटर कालेज से इंटर किया..पिता ने जवान हो रहे बेटे को जिम्मेदारियों का एहसास कराने के लिए राजेश्वरी से शादी कर दी..लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था..बीएससी एजी की पढ़ाई के लिए श्याम ऐसा पंतनगर नगर गया कि उमर बनकर लौटा.

चेहरे की दाढ़ी सर की जालीदार टोपी देख जब पिता को आया क्रोध

पंथनगर में मुस्लिम दोस्तों के संपर्क में आने के बाद श्याम अलीगढ़ पहुंच गया. बताया जा रहा है कि वहां किसी मुस्लिम महिला के संपर्क में आने के बाद उसको लालच दिया गया. यही उसके मन में बड़ा पैसे वाला बनने का सपना जागा.

साल 1984 में श्याम से बना मौलाना उमर जब लंबी दाढ़ी बढ़ाए और सर पर जालीदार टोपी रखकर गांव पहुंचा तो सभी उसको देखर हैरान हो गए..पिता धनराज आग बबूला होते हुए अपना माथा पकड़कर बैठ गए..त्रिनेत्रधारी शिव से विनती करते हुए कहने लगे कि हे परमेश्वर मैने कौन सा पाप किया था जो मुझे ये दिन देखने को मिला.

पिता धनराज ने बेटे को बहुत समझाया..उसका हांथ पकड़ कर शिव मंदिर ले गए और क्षमा मांगने को कहा लेकिन मौलाना टस से मस नहीं हुआ..पत्नी राजेश्वरी भी पति धर्म के आगे विवश होकर उसके साथ जाने को राजी हो गई. पूरे परिवार और गांव ने उसकी बुराई करते हुए बिरादरी से बेदखल कर दिया..उमर ने राजेश्वरी को भी रजिया बना दिया. 

एक हजार से ज्यादा धर्म परिवर्तन, करोड़ों की फंडिंग

करोड़पति का सपना देखने वाले उमर गौतम ने अब धर्मान्तरण का खेल शुरू कर दिया. संगठन बनाकर दिव्यांग मूक-बधिरों सहित गरीब लोगों को लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने लगा.

बताया जा रहा है पाकिस्तान से लेकर कई देश इसके संगठन को करोड़ों की फंडिंग करने लगे..जेहादी मिशन से जुड़े उमर गौतम अपनी मां और पिता की मौत के दो महीने बाद अपने गांव गया था लेकिन महज आधे घंटे में चला गया.

एक धार्मिक परिवार को कलंक लगाने के बाउजूद उसके चेहरे में जरा भी शिकन नहीं थी..फतेहपुर के रसूखदार मुस्लिमों के साथ उसका आना जाना लगा रहा..मदरसों और मुस्लिम विद्यालयों में लाखों की फंडिंग भी होती थी.

साल 2021 में एटीएस की रडार में आने के बाद लोगों के सामने उसका भेद खुला..बीते बुधवार को लखनऊ की एनआईए एटीएस कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई.

जीवन के अंतिम पलों में होगा गलती का एहसास

उमर गौतम को सजा होने के बाद उसके गांव पंथुआ के कुछ लोगों ने कहा कि जो अपने धर्म का ना हो सका वो किसी और का क्या होगा..जिस घर में कभी मानस की चौपाइयां गूंजती थी उस घर में इसने कलंक लगा दिया.

लेकिन विधि का विधान देखिए आज उसकी क्या दशा है..एक ग्रामीण ने कहा कि जब जीवन का अंतिम पड़ाव होगा तो उसे अपनी गलतियों पर पछतावा होगा.. वो चीखेगा रोएगा और अपने परिवार गांव और शिव मंदिर को याद करेगा लेकिन कोई सुनने वाला नहीं होगा.

14 Sep 2024 By Vishwa Deepak Awasthi

UP Fatehpur News: फतेहपुर का शिवभक्त कैसे बना Umar Gautam ! मंदिर का शिलापट्ट बयां करता है धार्मिकता की कहानी

Fatehpur News In Hindi

Umar Gautam Fatehpur: पिता धनराज सुबह की नित्य क्रिया से निवृत होकर स्नान करने जाते. सर में एक लोटा पानी डालते और कंधे में पड़े जनेऊ को रगड़ते हुए मानस की दो चार चौपाई पढ़ते हुए नहा धोकर बाहर आते..तांबे के लोटे में जल लेकर दो चार पुष्प उसमें डालते और दरवाजे पर बने शिव मंदिर पहुंच जाते.

शिव स्तुति करते हुए जल चढ़ाते..फिर घर के पाटे में बैठते हुए भगवान को भोग लगाने से पहले मां से पूछते हैं..गाय का अगराशन निकाला की नहीं..मां हंस कर कहती हैं.. हां निकाला है..पिता जी भोग लगाते हुए भोजन करते फिर कपड़े पहनकर साइकिल से क्षेत्र निकल जाते.

बाबा खटिया में बिछौने का गिर्दा लगाए कभी मानस पढ़ते तो कभी मौका पाकर अपनी सरौती से सुपाड़ी को धार देते..ग्रामीण जय राम लंबरी करते हुए बाबा से बतियाते..श्याम प्रताप भी जल्दी से नहाता और पिता की तरह लोटे में जल लेकर शिव मंदिर जाता और मानस की चौपाई पढ़ते हुए अभिषेक करता.

फिर खाना खाकर पड़ोस के गांव सुभाष जूनियर हाईस्कूल में पढ़ने चला जाता..ऐसे धार्मिक परिवार में साल 1964 में जन्मा था श्याम प्रताप सिंह गौतम उर्फ उमर गौतम

शिव मंदिर के शिलापट्ट पर दर्ज है परिवार का नाम 

फतेहपुर (Fatehpur) के पंथुआ मजरे रमवा (Ramva) के क्षत्रिय परिवार में जन्में श्याम प्रताप सिंह गौतम (Shyam Pratap Singh Gautam) का परिवार बेहद धार्मिक है. पिता धनराज सिंह ने घर के बाहर ही एक शिव मंदिर बनवाया था.

जिसके शिलापट्ट में परिवार के धनराज सिंह, ननकू सिंह, बंशी सिंह औऱ जगदेव सिंह का नाम लिखा हुआ है साथ ही मंदिर निर्माण की तिथि संवत 2046 अंकित है. घर के बाहर दो नीम के पेड़ हैं. घर की महिलाएं अक्सर त्योहारों में पूजन भी करती हैं.

धनराज सिंह के छः बेटों में बड़ा उदय राज प्रताप सिंह, दूसरा उदय प्रताप सिंह, तीसरा उदय नाथ सिंह, चौथा उमर उर्फ श्याम प्रताप सिंह, पांचवां श्रीनाथ सिंह और छठा ध्रुव प्रताप सिंह. धनराज पंचायत विभाग में सचिव थे और एडीओ पंचायत से सेवानिवृत हुए.

बचपन का शिवभक्त कैसे बना मौलाना? 

श्याम प्रताप सिंह गौतम अपने पिता धनराज का चौथे नंबर का बेटा था. बचपन में शिव भक्त और मानस का पाठ करने वाला था..गांव में उसके घर राम चरित मानस का पाठ साल में एक बार ज़रूर होता था.

पड़ोस के गांव में पढ़ाई करने के बाद उसने सर्वोदय इंटर कालेज से इंटर किया..पिता ने जवान हो रहे बेटे को जिम्मेदारियों का एहसास कराने के लिए राजेश्वरी से शादी कर दी..लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था..बीएससी एजी की पढ़ाई के लिए श्याम ऐसा पंतनगर नगर गया कि उमर बनकर लौटा.

चेहरे की दाढ़ी सर की जालीदार टोपी देख जब पिता को आया क्रोध

पंथनगर में मुस्लिम दोस्तों के संपर्क में आने के बाद श्याम अलीगढ़ पहुंच गया. बताया जा रहा है कि वहां किसी मुस्लिम महिला के संपर्क में आने के बाद उसको लालच दिया गया. यही उसके मन में बड़ा पैसे वाला बनने का सपना जागा.

साल 1984 में श्याम से बना मौलाना उमर जब लंबी दाढ़ी बढ़ाए और सर पर जालीदार टोपी रखकर गांव पहुंचा तो सभी उसको देखर हैरान हो गए..पिता धनराज आग बबूला होते हुए अपना माथा पकड़कर बैठ गए..त्रिनेत्रधारी शिव से विनती करते हुए कहने लगे कि हे परमेश्वर मैने कौन सा पाप किया था जो मुझे ये दिन देखने को मिला.

पिता धनराज ने बेटे को बहुत समझाया..उसका हांथ पकड़ कर शिव मंदिर ले गए और क्षमा मांगने को कहा लेकिन मौलाना टस से मस नहीं हुआ..पत्नी राजेश्वरी भी पति धर्म के आगे विवश होकर उसके साथ जाने को राजी हो गई. पूरे परिवार और गांव ने उसकी बुराई करते हुए बिरादरी से बेदखल कर दिया..उमर ने राजेश्वरी को भी रजिया बना दिया. 

एक हजार से ज्यादा धर्म परिवर्तन, करोड़ों की फंडिंग

करोड़पति का सपना देखने वाले उमर गौतम ने अब धर्मान्तरण का खेल शुरू कर दिया. संगठन बनाकर दिव्यांग मूक-बधिरों सहित गरीब लोगों को लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने लगा.

बताया जा रहा है पाकिस्तान से लेकर कई देश इसके संगठन को करोड़ों की फंडिंग करने लगे..जेहादी मिशन से जुड़े उमर गौतम अपनी मां और पिता की मौत के दो महीने बाद अपने गांव गया था लेकिन महज आधे घंटे में चला गया.

एक धार्मिक परिवार को कलंक लगाने के बाउजूद उसके चेहरे में जरा भी शिकन नहीं थी..फतेहपुर के रसूखदार मुस्लिमों के साथ उसका आना जाना लगा रहा..मदरसों और मुस्लिम विद्यालयों में लाखों की फंडिंग भी होती थी.

साल 2021 में एटीएस की रडार में आने के बाद लोगों के सामने उसका भेद खुला..बीते बुधवार को लखनऊ की एनआईए एटीएस कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई.

जीवन के अंतिम पलों में होगा गलती का एहसास

उमर गौतम को सजा होने के बाद उसके गांव पंथुआ के कुछ लोगों ने कहा कि जो अपने धर्म का ना हो सका वो किसी और का क्या होगा..जिस घर में कभी मानस की चौपाइयां गूंजती थी उस घर में इसने कलंक लगा दिया.

लेकिन विधि का विधान देखिए आज उसकी क्या दशा है..एक ग्रामीण ने कहा कि जब जीवन का अंतिम पड़ाव होगा तो उसे अपनी गलतियों पर पछतावा होगा.. वो चीखेगा रोएगा और अपने परिवार गांव और शिव मंदिर को याद करेगा लेकिन कोई सुनने वाला नहीं होगा.

Latest News

CBSE Board Results 2026: फतेहपुर में सीबीएसई बोर्ड का जलवा, 99% अंक लाकर अर्पिता सिंह बनीं जिले की टॉपर CBSE Board Results 2026: फतेहपुर में सीबीएसई बोर्ड का जलवा, 99% अंक लाकर अर्पिता सिंह बनीं जिले की टॉपर
सीबीएसई हाईस्कूल परीक्षा परिणाम में फतेहपुर के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया. जयपुरिया विद्यालय की अर्पिता सिंह ने 99% अंक...
फतेहपुर में एसपी का सख्त एक्शन: जोनिहां चौकी इंचार्ज लाइन हाजिर, कारखास नेटवर्क पर भी गिरी गाज, 10 कांस्टेबल हटाए गए
आज का राशिफल 15 अप्रैल 2026: कर्क, सिंह और मकर राशि के लिए खास संकेत, जानिए आपका दिन कैसा रहेगा
Bihar Politics: बिहार की राजनीति से समाप्त हुआ नीतीश युग! 20 साल बाद सत्ता से विदा हुए कुमार, जानिए पूरा राजनीतिक सफर
Fatehpur News: फतेहपुर में गजब मामला ! कपड़े बेचने वाला निकला करोड़पति, जांच में खुली सच्चाई
Fatehpur News: मंच पर डिप्टी सीएम के स्वास्थ्य के दावे, चंद कदम दूर महिला अस्पताल की ओटी एक महीने से बंद
Asha Bhosle Biography: संघर्ष, सुर और सिसकियों की कहानी, 16 की उम्र में शादी, बेटी की मौत और 12,000 गानों की विरासत

Follow Us