
UP Board: फतेहपुर में परीक्षा देते पकड़े गए 5 साल्वर, डीआईओएस ने दर्ज कराया मुकदमा, मान्यता होगी रद्द
फतेहपुर में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा के दौरान पांच साल्वर दूसरे छात्रों की जगह परीक्षा देते पकड़े गए. डीआईओएस की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है. संबंधित विद्यालयों की मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. मामले में संगठित गिरोह की भूमिका की भी जांच हो रही है.
UP Board Fatehpur: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. हाईस्कूल गणित की परीक्षा में पांच युवक असली परीक्षार्थियों की जगह बैठकर पेपर देते रंगे हाथों पकड़े गए. जिला विद्यालय निरीक्षक की सख्ती और सचल दल की संयुक्त कार्रवाई से पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ. अब शिक्षा विभाग और पुलिस दोनों स्तर पर कड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है.
नौवें दिन हाईस्कूल गणित परीक्षा में हुआ खुलासा

सूचना मिलते ही सचल दल, स्टैटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापक ने संयुक्त रूप से कक्षों की जांच शुरू की. प्रवेश पत्र, फोटो और पहचान पत्र के मिलान में गड़बड़ी सामने आई. गहन जांच के बाद पांच युवक संदिग्ध पाए गए और पूछताछ में सच्चाई सामने आ गई कि वे दूसरे छात्रों की जगह बैठकर परीक्षा दे रहे थे.
इन छात्रों की जगह परीक्षा दे रहे थे साल्वर
मोहम्मद अफजल की जगह गणेश कुमार और ओपी इंटर कॉलेज बिलंदा के छात्र आसिफ खान की जगह रवि परीक्षा देता पकड़ा गया. पूछताछ में सभी आरोपियों ने दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने की बात स्वीकार की.
संगठित साल्वर गैंग की भूमिका की जांच
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि इसके पीछे संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है. आरोपियों को परीक्षा केंद्र तक किसने पहुंचाया, किसने लेनदेन कराया और किस स्तर तक मिलीभगत रही, इसकी जांच की जा रही है. पूछताछ के दौरान ज्ञानेंद्र कुमार श्रीवास्तव, मनोज कुमार और एक प्रधानाचार्य का नाम भी सामने आया है. हालांकि आधिकारिक पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही होगी. पुलिस कॉल डिटेल, परीक्षा फार्म और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके.
डीआईओएस की शिकायत पर दर्ज होगा मुकदमा
जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने मामले को गंभीर मानते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं. साल्वर, मूल परीक्षार्थी और संबंधित विद्यालयों के जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है. बोर्ड नियमावली के तहत परीक्षार्थियों की परीक्षा निरस्त की जाएगी और भविष्य की परीक्षाओं से भी प्रतिबंधित किया जा सकता है. शिक्षा विभाग ने स्पष्ट दिया है कि नकल और साल्वर प्रथा पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
विद्यालयों की मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू
डीआईओएस कार्यालय ने संबंधित विद्यालयों के खिलाफ मान्यता प्रत्याहरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है. यदि जांच में विद्यालय प्रबंधन की संलिप्तता पाई जाती है तो बोर्ड की ओर से उनकी मान्यता रद्द की जा सकती है.
प्रशासन का कहना है कि यूपी बोर्ड परीक्षा की साख से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. पुलिस मामले की विवेचना में जुटी है और जल्द ही पूरे प्रकरण में और खुलासे हो सकते हैं. इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य परीक्षा केंद्रों पर भी निगरानी और कड़ी कर दी गई है.
