Alankar Agnihotri Resign: इस्तीफे के बाद बरेली में हड़कंप, सिटी मजिस्ट्रेट ने लगाए बंधक बनाने के आरोप, लखनऊ कॉल पर भी खुलासा
बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद प्रशासनिक गलियारों में भूचाल आ गया. उन्होंने डीएम आवास में बंधक बनाए जाने और लखनऊ से आए एक कॉल पर अपशब्द कहे जाने का गंभीर आरोप लगाया. डीएम ने इन आरोपों को भ्रामक बताया.
Alankar Agnihotri Resign: उत्तर प्रदेश के बरेली में सोमवार को उस वक्त सनसनी फैल गई जब सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने दिन में इस्तीफा देने के बाद शाम होते-होते जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगा दिए. उन्होंने दावा किया कि डीएम आवास में उन्हें बंधक बनाकर रखा गया और लखनऊ से आए एक अधिकारी के कॉल पर अपशब्द कहे गए. यह मामला अब प्रशासनिक और राजनीतिक चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया है.
दिन में इस्तीफा, शाम को बंधक का आरोप

लेकिन अलंकार अग्निहोत्री अपने फैसले पर अड़े रहे. दिनभर चली मान-मनौव्वल के बाद शाम को वह डीएम आवास पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात जिलाधिकारी अविनाश सिंह से हुई. लेकिन बाहर निकलते ही उन्होंने ऐसा बयान दिया जिसने पूरे जिले में हलचल मचा दी.
डीएम आवास में बंधक बनाने का दावा, गंभीर आरोप
उन्होंने बताया कि स्थिति बिगड़ने पर उन्होंने सचिव दीपक पांडेय को फोन कर कहा कि उन्हें बंधक बनाया गया है. इसके बाद जब डीएम और एसएसपी को जानकारी दी गई तो उन्हें तुरंत छोड़ा गया. यह बयान सामने आते ही प्रशासनिक हलकों में तनाव का माहौल बन गया.
लखनऊ से आया कॉल और बोला अपशब्द
अलंकार अग्निहोत्री ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि डीएम अविनाश सिंह किसी लखनऊ के अधिकारी से स्पीकर पर बात कर रहे थे. उसी दौरान दूसरी तरफ से संबंधित अधिकारी ने अपशब्द कहे. उन्होंने दावा किया कि यह कॉल उनके इस्तीफे से जुड़ा हुआ था और उस बातचीत ने पूरे माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया.
हालांकि उन्होंने उस अधिकारी का नाम सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन इतना जरूर कहा कि यह घटना बेहद अपमानजनक थी. इस बयान के बाद यह सवाल उठने लगा कि आखिर लखनऊ से किसका फोन आया था और किस स्तर पर दबाव बनाया जा रहा था.
समर्थकों को बंगले पर बुलाया, बढ़ी हलचल
इस्तीफे के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने अपना सरकारी आवास खाली करने की प्रक्रिया शुरू कर दी. उन्होंने अपने समर्थकों को बंगले पर बुलाया, जहां धीरे-धीरे लोग जुटने लगे. प्रशासनिक हलकों में यह भी चर्चा रही कि उनके समर्थन में संगठन और समाज के लोग सक्रिय हो सकते हैं.
इसी बीच अखंड भारत गौरव ट्रस्ट के संस्थापक अनिल मुनि भी उनके बंगले पर पहुंचे. उन्होंने सरकार की नीतियों के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए मीडिया के सामने कपड़े उतारकर विरोध प्रदर्शन किया. अनिल मुनि ने कहा कि स्वर्ण समाज के कपड़े उतर गए हैं और यूजीसी बिल जैसे मुद्दों पर संसद में चुप्पी सवाल खड़े करती है.
डीएम का जवाब: आरोप पूरी तरह भ्रामक और गलत
मीडिया को जानकारी देते हुए बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने सिटी मजिस्ट्रेट के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. डीएम ने कहा कि बंधक बनाने जैसी बात पूरी तरह गलत और भ्रामक है. उन्होंने बताया कि पीसीएस अधिकारियों की मौजूदगी में सामान्य तरीके से बातचीत हुई और चाय पीते हुए यह समझने का प्रयास किया गया कि अचानक अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा देने का निर्णय क्यों लिया. डीएम के मुताबिक वहां कोई दबाव या बंधक जैसी स्थिति नहीं थी. प्रशासन ने इसे एक सामान्य बैठक बताया, जबकि सिटी मजिस्ट्रेट इसे गंभीर घटना कह रहे हैं.
