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Holika Dahan Kab Hai 2026: 2 नहीं 3 को होगा होलिका दहन, भद्रा खंड ग्रास चंद्रग्रहण का साया, जानिए शुभ मुहूर्त

Holika Dahan Kab Hai 2026: 2 नहीं 3 को होगा होलिका दहन, भद्रा खंड ग्रास चंद्रग्रहण का साया, जानिए शुभ मुहूर्त
होली में मृत्यु लोक की भद्रा जानिए क्या है शुभ मुहूर्त (प्रतीकात्मक फोटो): Image Credit Original Source

Holika Dahan 2026 को लेकर देशभर में भ्रम की स्थिति है, लेकिन काशी पंचांग के अनुसार 2 मार्च को मृत्यु लोक की भद्रा के कारण होलिका दहन अशुभ है. सेना में धर्मगुरु के पद पर कार्यरत ज्योतिषाचार्य पंडित ईश्वर दीक्षित ने स्पष्ट किया है कि 3 मार्च को चंद्रग्रहण समाप्ति के बाद शाम 7 से 8 बजे तक होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रहेगा.

Holika Dahan Kab Hai 2026: फाल्गुन पूर्णिमा की पावन रात इस बार ग्रहों की विशेष चाल के कारण चर्चा में है. कहीं 2 मार्च तो कहीं 3 मार्च को होलिका दहन की तैयारियां चल रही हैं. भद्रा और खंडग्रास चंद्रग्रहण के साये ने लोगों के मन में संशय पैदा कर दिया है. ऐसे में काशी पंचांग के आधार पर ज्योतिषाचार्य पंडित ईश्वर दीक्षित ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष 3 मार्च को प्रदोष काल में ही होलिका दहन करना शास्त्र सम्मत और मंगलकारी रहेगा.

2 मार्च को पूरी रात रहेगी मृत्यु लोक की भद्रा

भारतीय सेना में धर्मगुरु और प्रकांड ज्योतिषाचार्य पंडित ईश्वर दीक्षित ने युगान्तर प्रवाह से बातचीत करते हुए बताया कि 2 मार्च को शाम 5 बजकर 56 मिनट से 3 मार्च की भोर 4 बजकर 56 मिनट तक मृत्यु लोक की भद्रा रहेगी. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब भद्रा का वास पृथ्वी लोक में होता है तो वह अत्यंत कष्टकारी मानी जाती है. इस अवधि में किए गए शुभ कार्यों में बाधा और अशुभ फल की आशंका रहती है. होलिका दहन जैसे मांगलिक अनुष्ठान को भद्रा काल में करना शास्त्रों के विरुद्ध माना गया है.

3 मार्च को खंड ग्रास चंद्रग्रहण, सुबह से प्रभावी रहेगा सूतक

पंडित ईश्वर दीक्षित के अनुसार 3 मार्च को वर्ष का पहला खंड ग्रास चंद्रग्रहण लगेगा. उन्होंने कहा कि भारत में सूतक काल 9 बजकर 40 मिनट पर होगा क्योंकि चंद्रोदय 5 बजकर 59 मिनट पर होगा जबकि कई देशों में चंद्रोदय दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. अन्य देशों में सूतक काल सुबह 6 बजकर 20 मिनट से प्रभावी रहेगा. पंडित ईश्वर दीक्षित के अनुसार सूतक काल में मूर्ति स्पर्श, पूजा पाठ और भोजन पकाने या खाने की मनाही होती है. हालांकि ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान और दान के पश्चात धार्मिक अनुष्ठान किए जा सकते हैं.

प्रदोष काल में 7 से 8 बजे तक शुभ रहेगा होलिका दहन

काशी पंचांग के अनुसार 3 मार्च को शाम 5 बजकर 59 मिनट पर भारत में चंद्रोदय होगा और 6 बजकर 47 मिनट तक खंड ग्रास चंद्रग्रहण दिखाई देगा. पंडित ईश्वर दीक्षित ने बताया कि प्रदोष काल से जुड़ी पूर्णिमा होलिका दहन के लिए मान्य होती है.

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ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करें और पूजन करने के बाद शाम 7 बजे से रात्रि 8 बजे तक का समय होलिका दहन अत्यंत शुभ है. इस मुहूर्त में विधि विधान से होलिका दहन करने से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और परिवार में सुख समृद्धि का वास होता है. 4 मार्च को रंगभरी होली पूरे उत्साह के साथ मनाई जाएगी.

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इन शहरों में इतने समय तक दिखेगा खंड ग्रास चंद्रग्रहण

पंडित ईश्वर दीक्षित ने जानकारी दी कि खंडग्रास चंद्रग्रहण दुनिया के कई हिस्सों में दिखाई देगा. वहीं भारत के अलग-अलग शहरों में अलग अवधि तक दिखाई देगा. दिल्ली में यह शाम 6 बजकर 26 मिनट से 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा. प्रयागराज में 6 बजकर 08 मिनट से 6 बजकर 46 मिनट तक, कानपुर में 6 बजकर 14 मिनट से 6 बजकर 46 मिनट तक और वाराणसी में 6 बजकर 04 मिनट से 6 बजकर 46 मिनट तक दिखाई देगा.

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पटना और रांची में 5 बजकर 55 मिनट से 6 बजकर 46 मिनट तक, कोलकाता में 5 बजकर 43 मिनट से 6 बजकर 46 मिनट तक और गुवाहाटी में 5 बजकर 27 मिनट से 6 बजकर 46 मिनट तक ग्रहण दिखेगा. चेन्नई में 6 बजकर 21 मिनट से 6 बजकर 46 मिनट तक, हैदराबाद में 6 बजकर 26 मिनट से 6 बजकर 46 मिनट तक और बेंगलुरु में 6 बजकर 32 मिनट से 6 बजकर 46 मिनट तक यह खगोलीय दृश्य देखा जा सकेगा.

28 Feb 2026 By Vishwa Deepak Awasthi

Holika Dahan Kab Hai 2026: 2 नहीं 3 को होगा होलिका दहन, भद्रा खंड ग्रास चंद्रग्रहण का साया, जानिए शुभ मुहूर्त

Holika Dahan Kab Hai 2026: फाल्गुन पूर्णिमा की पावन रात इस बार ग्रहों की विशेष चाल के कारण चर्चा में है. कहीं 2 मार्च तो कहीं 3 मार्च को होलिका दहन की तैयारियां चल रही हैं. भद्रा और खंडग्रास चंद्रग्रहण के साये ने लोगों के मन में संशय पैदा कर दिया है. ऐसे में काशी पंचांग के आधार पर ज्योतिषाचार्य पंडित ईश्वर दीक्षित ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष 3 मार्च को प्रदोष काल में ही होलिका दहन करना शास्त्र सम्मत और मंगलकारी रहेगा.

2 मार्च को पूरी रात रहेगी मृत्यु लोक की भद्रा

भारतीय सेना में धर्मगुरु और प्रकांड ज्योतिषाचार्य पंडित ईश्वर दीक्षित ने युगान्तर प्रवाह से बातचीत करते हुए बताया कि 2 मार्च को शाम 5 बजकर 56 मिनट से 3 मार्च की भोर 4 बजकर 56 मिनट तक मृत्यु लोक की भद्रा रहेगी. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब भद्रा का वास पृथ्वी लोक में होता है तो वह अत्यंत कष्टकारी मानी जाती है. इस अवधि में किए गए शुभ कार्यों में बाधा और अशुभ फल की आशंका रहती है. होलिका दहन जैसे मांगलिक अनुष्ठान को भद्रा काल में करना शास्त्रों के विरुद्ध माना गया है.

3 मार्च को खंड ग्रास चंद्रग्रहण, सुबह से प्रभावी रहेगा सूतक

पंडित ईश्वर दीक्षित के अनुसार 3 मार्च को वर्ष का पहला खंड ग्रास चंद्रग्रहण लगेगा. उन्होंने कहा कि भारत में सूतक काल 9 बजकर 40 मिनट पर होगा क्योंकि चंद्रोदय 5 बजकर 59 मिनट पर होगा जबकि कई देशों में चंद्रोदय दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. अन्य देशों में सूतक काल सुबह 6 बजकर 20 मिनट से प्रभावी रहेगा. पंडित ईश्वर दीक्षित के अनुसार सूतक काल में मूर्ति स्पर्श, पूजा पाठ और भोजन पकाने या खाने की मनाही होती है. हालांकि ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान और दान के पश्चात धार्मिक अनुष्ठान किए जा सकते हैं.

प्रदोष काल में 7 से 8 बजे तक शुभ रहेगा होलिका दहन

काशी पंचांग के अनुसार 3 मार्च को शाम 5 बजकर 59 मिनट पर भारत में चंद्रोदय होगा और 6 बजकर 47 मिनट तक खंड ग्रास चंद्रग्रहण दिखाई देगा. पंडित ईश्वर दीक्षित ने बताया कि प्रदोष काल से जुड़ी पूर्णिमा होलिका दहन के लिए मान्य होती है.

ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करें और पूजन करने के बाद शाम 7 बजे से रात्रि 8 बजे तक का समय होलिका दहन अत्यंत शुभ है. इस मुहूर्त में विधि विधान से होलिका दहन करने से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और परिवार में सुख समृद्धि का वास होता है. 4 मार्च को रंगभरी होली पूरे उत्साह के साथ मनाई जाएगी.

इन शहरों में इतने समय तक दिखेगा खंड ग्रास चंद्रग्रहण

पंडित ईश्वर दीक्षित ने जानकारी दी कि खंडग्रास चंद्रग्रहण दुनिया के कई हिस्सों में दिखाई देगा. वहीं भारत के अलग-अलग शहरों में अलग अवधि तक दिखाई देगा. दिल्ली में यह शाम 6 बजकर 26 मिनट से 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा. प्रयागराज में 6 बजकर 08 मिनट से 6 बजकर 46 मिनट तक, कानपुर में 6 बजकर 14 मिनट से 6 बजकर 46 मिनट तक और वाराणसी में 6 बजकर 04 मिनट से 6 बजकर 46 मिनट तक दिखाई देगा.

पटना और रांची में 5 बजकर 55 मिनट से 6 बजकर 46 मिनट तक, कोलकाता में 5 बजकर 43 मिनट से 6 बजकर 46 मिनट तक और गुवाहाटी में 5 बजकर 27 मिनट से 6 बजकर 46 मिनट तक ग्रहण दिखेगा. चेन्नई में 6 बजकर 21 मिनट से 6 बजकर 46 मिनट तक, हैदराबाद में 6 बजकर 26 मिनट से 6 बजकर 46 मिनट तक और बेंगलुरु में 6 बजकर 32 मिनट से 6 बजकर 46 मिनट तक यह खगोलीय दृश्य देखा जा सकेगा.

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