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Fatehpur News: जब 12 साल की उम्र से जिस्म नोंचता रहा पिता, पति ने ठुकराया ! फतेहपुर में न्याय मांगने वाली पीड़िता की कहानी

Fatehpur News: जब 12 साल की उम्र से जिस्म नोंचता रहा पिता, पति ने ठुकराया ! फतेहपुर में न्याय मांगने वाली पीड़िता की कहानी
फतेहपुर में रह रही कानपुर की दुष्कर्म पीड़िता बाएं, न्याय का बीड़ा उठाने वाले एडवोकेट आर के मिश्रा दाएं: Image Yugantar Pravah

Fatehpur News In Hindi

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फतेहपुर में कानपुर देहात की रहने वाली एक दुष्कर्म पीड़िता न्याय की गुहार लगा रही है. जिसकी कहानी दिल दहला देने वाली है. 12 साल की उम्र से उसका सौतेला पिता शारीरिक शोषण कर रहा है. जिसमें उसकी मां की भी सहभागिता है..शादी हुई तो नशेड़ी पति मिला..उसकी भी प्रताड़ना झेली फिर उसने भी उसको निकाल दिया..मायके पहुंची तो सौतेले पिता ने फिर शोषण शुरू कर दिया..अब पीड़िता घर से भाग कर फतेहपुर जनपद के अपने रिश्तेदारों के यहां पहुंची है और प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रही है.

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Fatehpur News: एक मासूम बच्ची का बचपन, जिसे घर में ही हवस का शिकार होना पड़ा. कानपुर की 27 वर्षीय महिला की कहानी समाज के काले सच को उजागर करती है. 12 साल की उम्र से सौतेले पिता का अत्याचार, माँ की खामोशी, पुलिस की बेरुखी और पति की मारपीट ने उसकी जिंदगी छीन ली. अब फतेहपुर में रिश्तेदारों के पास छिपकर वह न्याय की उम्मीद लिए जी रही है..यह कहानी हर उस इंसान को झकझोरती है जो अन्याय के खिलाफ चुप है.

बचपन में उठ गया था पिता का साया, सौतेले बाप की राक्षसी करतूत 

पीड़िता ने बताया कि जब पांच साल की थी तब फतेहपुर निवासी उसके पिता का देहांत हो गया था..पिता किसी सरकारी विभाग में थे. माँ ने कानपुर पनकी क्षेत्र के एक व्यक्ति से दूसरी शादी कर थी. जब 12 साल की मासूम उम्र में, जब बच्चे सपने देखते हैं, उसका सपना नशे में धुत सौतेले पिता ने तोड़ दिया.

शराब पिलाकर उसने पहली बार उसका शोषण किया. माँ को बताया तो बदनामी का डर दिखाकर चुप कराया. यह सिर्फ़ एक रात की त्रासदी नहीं थी, बल्कि सालों का दर्द था, जिसने उसकी आत्मा को कुचल दिया. सौतेले पिता की हवस ने उसका बचपन छीन लिया, और माँ की खामोशी ने उसका भरोसा.

माँ की खामोशी से अनगिनत बार हुआ उसका शोषण

माँ, जो हर बच्चे की पहली रक्षक होती है, इस कहानी में मौन सहमति देती रही. पीड़िता ने रोते-बिलखते अपनी पीड़ा बताई, लेकिन माँ ने सामाजिक इज्जत के नाम पर उसे चुप कराया. इससे सौतेले पिता की हिम्मत बढ़ी और वह बार-बार उस मासूम पर जुल्म ढाता रहा. माँ की यह चुप्पी सिर्फ़ उदासीनता नहीं, बल्कि अपराध में भागीदारी थी जिसने बेटी को अकेले दर्द में डूबने दिया. 

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पैसों की खनक ने पुलिस का मुंह कराया बंद 

न्याय की उम्मीद लिए पीड़िता कई बार थाने पहुंची, लेकिन हर बार उसे निराशा मिली. सौतेला पिता पैसे के दम पर पुलिस को खरीद लेता. शिकायतें दबा दी गईं, और उसकी चीखें अनसुनी रहीं. पुलिस जो समाज की रक्षा का प्रतीक है, इस मामले में भ्रष्टाचार का शिकार बन गई.

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सालों तक कोई FIR नहीं, कोई कार्रवाई नहीं. पीड़िता ने बताया कि जब पुलिस से शिकायत की तो सौतेले पिता ने उसको और प्रताड़ना दी और जबरन दुष्कर्म करता रहा. उसकी आँखों में अब भी डर है, जुबान में लड़खागत है.

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शादी के बाद मिला नशेड़ी पति, जबरन प्रताड़ित करता

2017 में उसकी शादी कानपुर देहात के थाना मंगलपुर क्षेत्र में हुई, लेकिन यह नया जीवन भी दर्द का सबब बना. पति शराब पीकर मारपीट करता, दहेज के लिए ताने देता. पीड़िता ने बताया कि जब 2023 में उसे पीड़िता के अतीत का पता चला तो उसने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं. उसे घर से निकाल दिया गया, जैसे वह अपराधी हो. मायके लौटी तो सौतेले पिता ने फिर शोषण का प्रयास किया. मायके में ही उसने एक बच्ची को जन्म दिया जो अब डेढ़ साल की है.

आत्महत्या के लिए मजबूर पीड़िता पहुंची फतेहपुर 

सौतेले पिता की हवस और प्रताड़ना से आत्महत्या को मजबूर पीड़िता 26 अगस्त 2025 को तंग आकर घर मासूम बेटी को छोड़कर भागी और भूखी-प्यासी भटकते हुए फतेहपुर के किशनपुर थाना क्षेत्र में रिश्तेदारों के पास पहुंची. लेकिन सौतेला पिता की धमकियाँ यहां भी पीछा कर रही हैं. वह कहती है, "मैं मर जाऊँगी, लेकिन उस नर्क में नहीं लौटूँगी नहीं" फतेहपुर के सीनियर एडवोकेट राम किशोर मिश्रा ने उसका केस लिया है. वे कहते हैं, "न्याय उसका हक है, और मैं हरसंभव कोशिश करूँगा" कि पीड़िता को प्रशासन उसका हक और न्याय दिला सके"

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