Fatehpur Flood News: फतेहपुर में यमुना की बाढ़ से मचा हाहाकार, 50 से ज्यादा गांव जलमग्न ! बड़ी संख्या में ग्रामीणों का पलायन
Fatehpur News In Hindi
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फतेहपुर (Fatehpur) जिले में यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ने से बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया है. 50 से अधिक गांवों में पानी भरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. बांदा-कानपुर मार्ग जलमग्न हो चुका है. बड़ी संख्या में ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं.
Fatehpur Flood News: यूपी के फतेहपुर में यमुना नदी के उफान ने बाढ़ का भीषण संकट खड़ा कर दिया है. लगातार बढ़ते जलस्तर ने दर्जनों गांवों को चपेट में ले लिया है. कई इलाकों में घरों में पानी घुस चुका है और संपर्क मार्ग कट चुके हैं. प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है, जबकि बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने घर छोड़ने को मजबूर हो चुके हैं.
यमुना का जलस्तर बढ़ा, बांदा-कानपुर मार्ग पर चढ़ा पानी
जिले में यमुना कटरी क्षेत्र में शुक्रवार को भी बाढ़ का कहर जारी रहा. बीते 11 घंटों में यमुना का जलस्तर 1.91 मीटर तक बढ़ गया. चेतावनी बिंदु को पार कर नदी अब 1.91 मीटर ऊपर बह रही है.
जलस्तर बढ़ने के चलते बांदा-कानपुर मुख्य मार्ग पर पानी चढ़ गया, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई. एक ट्रक इस जलमग्न मार्ग पर फिसलकर पलट गया. इसके बाद प्रशासन ने आवागमन पर रोक लगा दी. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए यातायात पूरी तरह ठप कर दिया गया है.
आधा दर्जन गांवों में पानी घुसा, पलायन को मजबूर हुए लोग
कटान में समाए मकान, मैनाही और हड़ाही डेरा गांवों का अस्तित्व मिटा
हर साल यमुना की कटान झेलने वाले मैनाही और हड़ाही डेरा गांव इस बार पूरी तरह तबाह हो गए. पहले ही अधिकतर घर नदी में समा चुके थे, इस बार बचे हुए मकान भी तेज कटान की भेंट चढ़ गए.
ग्रामीणों की आंखों के सामने उनके आखिरी मकान भी नदी में समा गए. खेत, पेड़ और सड़कें सब कुछ बह गया. ग्रामीणों ने बताया कि जैसे-जैसे जलस्तर बढ़ा, कटान भी बेहद तेज हो गई है, जिससे खतरा और ज्यादा बढ़ गया है.
50 से अधिक गांवों का संपर्क टूटा, बड़ी संख्या में ग्रामीणों का पलायन
बाढ़ की चपेट में आकर अमौली, बहुआ, किशनपुर, जाफरगंज समेत करीब 50 गांवों के संपर्क मार्ग जलमग्न हो चुके हैं. सड़कों पर तीन-तीन फीट तक पानी भर गया है. वाहनों की आवाजाही बंद हो चुकी है.
बिजली और संचार सेवाएं भी प्रभावित हैं. प्रशासन नावों से राहत पहुंचाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन हालात कठिन बने हुए हैं. बड़ी संख्या में ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं. बाढ़ के चलते लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है.
प्रशासन अलर्ट मोड में, राहत कैम्पों में पहुंचाए जा रहे लोग
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. डीएम और एसडीएम के नेतृत्व में टीमें लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं. राहत कैम्प बनाए गए हैं, जहां पीड़ितों को भोजन, पानी, दवाइयों की व्यवस्था दी जा रही है.
एनडीआरएफ और स्थानीय टीमें राहत-बचाव अभियान में जुटी हैं. प्रशासन ने दावा किया है कि किसी भी हालात से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं. हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहले से तैयारी होती तो इतनी परेशानी न होती.
Fatehpur Flood News: फतेहपुर में यमुना की बाढ़ से मचा हाहाकार, 50 से ज्यादा गांव जलमग्न ! बड़ी संख्या में ग्रामीणों का पलायन
Fatehpur News In Hindi
Fatehpur Flood News: यूपी के फतेहपुर में यमुना नदी के उफान ने बाढ़ का भीषण संकट खड़ा कर दिया है. लगातार बढ़ते जलस्तर ने दर्जनों गांवों को चपेट में ले लिया है. कई इलाकों में घरों में पानी घुस चुका है और संपर्क मार्ग कट चुके हैं. प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है, जबकि बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने घर छोड़ने को मजबूर हो चुके हैं.
यमुना का जलस्तर बढ़ा, बांदा-कानपुर मार्ग पर चढ़ा पानी
जिले में यमुना कटरी क्षेत्र में शुक्रवार को भी बाढ़ का कहर जारी रहा. बीते 11 घंटों में यमुना का जलस्तर 1.91 मीटर तक बढ़ गया. चेतावनी बिंदु को पार कर नदी अब 1.91 मीटर ऊपर बह रही है.
जलस्तर बढ़ने के चलते बांदा-कानपुर मुख्य मार्ग पर पानी चढ़ गया, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई. एक ट्रक इस जलमग्न मार्ग पर फिसलकर पलट गया. इसके बाद प्रशासन ने आवागमन पर रोक लगा दी. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए यातायात पूरी तरह ठप कर दिया गया है.
आधा दर्जन गांवों में पानी घुसा, पलायन को मजबूर हुए लोग
बाढ़ का पानी पल्टू का पुरवा, परसेढा, किशनपुर कस्बा समेत कई गांवों में घुस चुका है. रातोंरात पानी के भराव से लोगों में अफरातफरी मच गई. शुक्रवार सुबह जैसे ही लोगों की नींद खुली, उनके घरों में पानी घुस चुका था. जीवन का सामान समेटकर लोग सुरक्षित स्थानों की ओर निकल पड़े. महिलाओं और बच्चों को सिर पर सामान लेकर राहत शिविरों की ओर जाते देखा गया. प्रशासन ने अस्थाई शिविरों की व्यवस्था शुरू की है, जहां बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं.
कटान में समाए मकान, मैनाही और हड़ाही डेरा गांवों का अस्तित्व मिटा
हर साल यमुना की कटान झेलने वाले मैनाही और हड़ाही डेरा गांव इस बार पूरी तरह तबाह हो गए. पहले ही अधिकतर घर नदी में समा चुके थे, इस बार बचे हुए मकान भी तेज कटान की भेंट चढ़ गए.
ग्रामीणों की आंखों के सामने उनके आखिरी मकान भी नदी में समा गए. खेत, पेड़ और सड़कें सब कुछ बह गया. ग्रामीणों ने बताया कि जैसे-जैसे जलस्तर बढ़ा, कटान भी बेहद तेज हो गई है, जिससे खतरा और ज्यादा बढ़ गया है.
50 से अधिक गांवों का संपर्क टूटा, बड़ी संख्या में ग्रामीणों का पलायन
बाढ़ की चपेट में आकर अमौली, बहुआ, किशनपुर, जाफरगंज समेत करीब 50 गांवों के संपर्क मार्ग जलमग्न हो चुके हैं. सड़कों पर तीन-तीन फीट तक पानी भर गया है. वाहनों की आवाजाही बंद हो चुकी है.
बिजली और संचार सेवाएं भी प्रभावित हैं. प्रशासन नावों से राहत पहुंचाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन हालात कठिन बने हुए हैं. बड़ी संख्या में ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं. बाढ़ के चलते लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है.
प्रशासन अलर्ट मोड में, राहत कैम्पों में पहुंचाए जा रहे लोग
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. डीएम और एसडीएम के नेतृत्व में टीमें लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं. राहत कैम्प बनाए गए हैं, जहां पीड़ितों को भोजन, पानी, दवाइयों की व्यवस्था दी जा रही है.
एनडीआरएफ और स्थानीय टीमें राहत-बचाव अभियान में जुटी हैं. प्रशासन ने दावा किया है कि किसी भी हालात से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं. हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहले से तैयारी होती तो इतनी परेशानी न होती.