Fatehpur News: फतेहपुर में चर्चित नकली नोट गिरोह के दो शातिर गिरफ्तार ! लगातार चल रही है छापेमारी, जानिए मामला
Fatehpur News In Hindi
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फतेहपुर (Fatehpur) जिले में नकली नोटों का गोरखधंधा एक बार फिर पुलिस के निशाने पर है. खागा कोतवाली (Khaga Kotwali) क्षेत्र के अमांव गांव से पुलिस ने दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से सात हजार रुपये के नकली नोट, तीन हजार की असली नकदी और तीन मोबाइल बरामद किए गए हैं. गिरफ्तार आरोपी बिहार और महराजगंज से नकली नोटों की आपूर्ति करते थे.
Fatehpur News: यूपी के फतेहपुर जिले के अमांव गांव में नकली नोटों के कारोबार का जाल लगातार गहराता जा रहा है. शनिवार को पुलिस ने इस गिरोह के दो और सदस्यों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है. गिरफ्तार आरोपियों के पास से नकली और असली नोटों के अलावा मोबाइल भी बरामद हुए हैं. यह कार्रवाई खागा कोतवाली पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई, जिसमें पहले से ही इस गिरोह के छह सदस्य जेल भेजे जा चुके हैं.
अमांव से दो तस्करों की गिरफ्तारी, नकली नोटों बरामद
पुलिस ने खागा कोतवाली क्षेत्र के अमांव गांव के पास से दो संदिग्धों को धर दबोचा. तलाशी के दौरान दोनों के पास से 7,000 रुपये के नकली नोट, 3,000 रुपये असली नकदी और तीन मोबाइल फोन बरामद हुए.
पूछताछ में आरोपियों की पहचान सुनील चौरसिया (निवासी- लक्ष्मीपुर एकडंगा, थाना सिंदुरिया, जनपद महराजगंज) और शेख गुल्फिकार (निवासी- जनेरवा गांव, थाना बजरिया, जिला मोतिहारी, बिहार) के रूप में हुई.
पहले भी अमांव से पकड़े जा चुके हैं गिरोह के छह सदस्य
मास्टरमाइंड परवेज ने खोले थे सप्लायरों के नाम
पुलिस पूछताछ में गिरोह के सरगना परवेज सिद्दीकी ने बताया था कि नकली नोटों की आपूर्ति उसे सुनील चौरसिया और शेख गुल्फिकार द्वारा की जाती है. इन दोनों के खिलाफ तब से ही तलाश जारी थी. मुखबिर की सूचना पर इन्हें अमांव गांव के पास से गिरफ्तार कर लिया गया.
गिरोह का नेटवर्क महराजगंज से लेकर बिहार तक फैला
गिरफ्तार आरोपियों ने कबूल किया कि वे महराजगंज और बिहार से नकली नोट लाकर फतेहपुर, प्रयागराज और कानपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में खपाते हैं.
बताया जा रहा है कि आरोपी खासकर ग्रामीण बाजारों में छोटे दुकानदारों और असंगठित क्षेत्रों को निशाना बनाते हैं, जहां नोटों की पहचान करने वाली मशीनें नहीं होतीं. पुलिस अब इनके मोबाइल और नेटवर्क की जांच में जुट गई है.
पुलिस का दावा जल्द ही पूरे गिरोह का होगा सफाया
सीओ खागा ब्रज मोहन राय ने जानकारी देते हुए बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य नामों की भी जानकारी जुटाई जा रही है. उन्होंने कहा कि इस नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. जल्द ही गिरोह के बाकी सदस्यों पर भी शिकंजा कसा जाएगा.
Fatehpur News: फतेहपुर में चर्चित नकली नोट गिरोह के दो शातिर गिरफ्तार ! लगातार चल रही है छापेमारी, जानिए मामला
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Fatehpur News: यूपी के फतेहपुर जिले के अमांव गांव में नकली नोटों के कारोबार का जाल लगातार गहराता जा रहा है. शनिवार को पुलिस ने इस गिरोह के दो और सदस्यों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है. गिरफ्तार आरोपियों के पास से नकली और असली नोटों के अलावा मोबाइल भी बरामद हुए हैं. यह कार्रवाई खागा कोतवाली पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई, जिसमें पहले से ही इस गिरोह के छह सदस्य जेल भेजे जा चुके हैं.
अमांव से दो तस्करों की गिरफ्तारी, नकली नोटों बरामद
पुलिस ने खागा कोतवाली क्षेत्र के अमांव गांव के पास से दो संदिग्धों को धर दबोचा. तलाशी के दौरान दोनों के पास से 7,000 रुपये के नकली नोट, 3,000 रुपये असली नकदी और तीन मोबाइल फोन बरामद हुए.
पूछताछ में आरोपियों की पहचान सुनील चौरसिया (निवासी- लक्ष्मीपुर एकडंगा, थाना सिंदुरिया, जनपद महराजगंज) और शेख गुल्फिकार (निवासी- जनेरवा गांव, थाना बजरिया, जिला मोतिहारी, बिहार) के रूप में हुई.
पहले भी अमांव से पकड़े जा चुके हैं गिरोह के छह सदस्य
करीब 15 दिन पहले पुलिस ने अमांव गांव से नकली नोटों की बड़ी खेप के साथ आवेश, नौशाद और दानिश नामक युवकों को गिरफ्तार किया था. इनके पास से पांच-पांच सौ रुपये के कुल 6,000 नकली नोट बरामद हुए थे. बाद में परवेज सिद्दीकी, उसके साढ़ू उस्मान और गुफरान को भी गिरफ्तार किया गया था, लेकिन पुलिस की कमजोर पैरवी के चलते ये तीनों जमानत पर बाहर आ गए.
मास्टरमाइंड परवेज ने खोले थे सप्लायरों के नाम
पुलिस पूछताछ में गिरोह के सरगना परवेज सिद्दीकी ने बताया था कि नकली नोटों की आपूर्ति उसे सुनील चौरसिया और शेख गुल्फिकार द्वारा की जाती है. इन दोनों के खिलाफ तब से ही तलाश जारी थी. मुखबिर की सूचना पर इन्हें अमांव गांव के पास से गिरफ्तार कर लिया गया.
गिरोह का नेटवर्क महराजगंज से लेकर बिहार तक फैला
गिरफ्तार आरोपियों ने कबूल किया कि वे महराजगंज और बिहार से नकली नोट लाकर फतेहपुर, प्रयागराज और कानपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में खपाते हैं.
बताया जा रहा है कि आरोपी खासकर ग्रामीण बाजारों में छोटे दुकानदारों और असंगठित क्षेत्रों को निशाना बनाते हैं, जहां नोटों की पहचान करने वाली मशीनें नहीं होतीं. पुलिस अब इनके मोबाइल और नेटवर्क की जांच में जुट गई है.
पुलिस का दावा जल्द ही पूरे गिरोह का होगा सफाया
सीओ खागा ब्रज मोहन राय ने जानकारी देते हुए बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य नामों की भी जानकारी जुटाई जा रही है. उन्होंने कहा कि इस नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. जल्द ही गिरोह के बाकी सदस्यों पर भी शिकंजा कसा जाएगा.