
Fatehpur News: थाना बना वसूली का अड्डा, छोड़ने और फंसाने का तय रेट ! विधायक के आरोपों से जाफरगंज पुलिस कटघरे में
फतेहपुर के जाफरगंज थाने पर अवैध हिरासत और वसूली के गंभीर आरोप लगे हैं. अपहरण और दहेज उत्पीड़न के मामलों में पैसे लेकर कार्रवाई करने का दावा पीड़ितों ने किया है. सत्ता पक्ष के विधायक ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. वहीं पुलिस ने जांच की बात कही है.
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में कानून व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. जाफरगंज थाना क्षेत्र से सामने आए मामलों ने पुलिस की भूमिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं. अपहरण और दहेज उत्पीड़न की शिकायतों में कथित वसूली, अवैध हिरासत और सौदेबाजी के आरोपों ने जिले की सियासत और प्रशासन दोनों में हलचल मचा दी है.
अपहरण के आरोप में पिता-पुत्रों को बनाया गया थाने में कैदी

19 हजार की रिश्वत, पिता छोड़ा गया बेटे बने दबाव का जरिया
पीड़ित के अनुसार 28 जनवरी को पुलिस ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रुपये लाओ तभी पिता को छोड़ा जाएगा. मजबूरी में बेटों ने जाफरगंज कस्बे की एक कॉस्मेटिक दुकान से 19 हजार रुपये ऑनलाइन उधार लिए और नकद थाने में दिए. इसके बाद पिता को तो छोड़ दिया गया, लेकिन दोनों बेटों को थाने में रोके रखा गया. रामबाबू का आरोप है कि उन्हें चार दिन बाद और उनके बेटों को पूरे आठ दिन बाद छोड़ा गया. इस दौरान मारपीट और मानसिक प्रताड़ना भी की गई.
भाजपा नेताओं के दखल के बाद लौटे पैसे
विधायक जय कुमार जैकी का आरोप, थानों में तय है रेट
बिंदकी विधायक जय कुमार जैकी ने जाफरगंज पुलिस के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने एक सार्वजनिक व्हाट्सएप ग्रुप में आरोप लगाया कि थानों में खुलेआम वसूली हो रही है. किसे छोड़ना है और किसे फंसाना है, इसका रेट तय है. विधायक के इस बयान ने जिले की कानून व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है. सत्ता पक्ष के विधायक का ऐसा आरोप प्रशासन के लिए भी असहज स्थिति पैदा कर रहा है.
दहेज पीड़िता से भी मांगी गई रिश्वत, तमंचे का जिक्र गायब
वहीं थाना क्षेत्र के मुसवापुर गांव की विवाहिता रीतू देवी का मामला भी सामने आया है. 26 जनवरी को पति बृजेश, देवर कल्लू और अन्य ससुराल वालों ने अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी.
आरोप है कि अवैध तमंचे के बल पर हमला किया गया. थाने में शिकायत करने पर कार्रवाई के बजाय 20 हजार रुपये की मांग की गई. युगान्तर प्रवाह में खबर प्रकाशित होने के बाद मुकदमा तो दर्ज हुआ, लेकिन अवैध तमंचे का जिक्र गायब कर दिया गया. सूत्रों के अनुसार 25 हजार में मामला डील होने की चर्चा है.
