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Fatehpur Double Murder Case: शक, नशा और खून की सनक ! कैसे दिलदार बना दो लोगों का कातिल, खुद चौकी पहुंच कबूली सच्चाई

Fatehpur Double Murder Case: शक, नशा और खून की सनक ! कैसे दिलदार बना दो लोगों का कातिल, खुद चौकी पहुंच कबूली सच्चाई
दोहरे हत्याकांड से दहला फतेहपुर, दोस्त के बाद भाभी और बहन पर दिलदार का वार, खुद पहुंचा चौकी, (दाहिने से पहला कातिल दिलदार, बीच में भाभी जिकरा, बाएं फैजान): Image Credit Original Source

फतेहपुर के थरियांव थाना क्षेत्र में हुए डबल मर्डर ने जिले को दहला दिया. आरोपी दिलदार कुरैशी ने पहले दोस्त फैजान की बेरहमी से हत्या की, फिर घर पहुंचकर भाभी जिकरा परवीन और बहन मन्नू पर चाकू से हमला किया. जिकरा की मौत हो गई, जबकि मन्नू गंभीर हालत में जिंदगी से जूझ रही है.

Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में शुक्रवार दोपहर हुए दोहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी. शक और नशे की गिरफ्त में आए दिलदार कुरैशी ने पहले अपने ही दोस्त फैजान का गला रेत दिया, फिर खून से सना चाकू लेकर घर पहुंचा और भाभी जिकरा परवीन व बहन मन्नू पर जानलेवा हमला कर दिया. वारदात के बाद खुद चौकी पहुंचकर सच्चाई कबूल करना इस मामले को और खौफनाक बनाता है.

आंखों में उतर आया था खून, हत्या की नीयत से जंगल ले गया

दिलदार कुरैशी के सिर पर उस दिन मानो खून सवार था. वह पूरी तैयारी के साथ घर से निकला था. पहले उसने नशे का इंजेक्शन लगाया और फिर फैजान को बहाने से जंगल की ओर ले गया. फैजान को जरा भी अंदेशा नहीं था कि जिस दोस्त पर वह भरोसा कर रहा है वही उसकी मौत का कारण बनेगा.

बातचीत के दौरान अचानक दिलदार ने धारदार चाकू निकाला और फैजान का गला रेत दिया. गर्दन की लगभग सारी नसें कट चुकी थीं. फैजान बचाव-बचाव करता हुआ करीब 50 मीटर तक आगे बढ़ा, लेकिन अधिक खून बह जाने से एक पेड़ के नीचे गिर पड़ा और वहीं तड़पकर उसकी मौत हो गई.

खून से सना चाकू लेकर घर पहुंचा, भाभी और बहन मन्नू पर हमला

फैजान की हत्या के बाद भी दिलदार का गुस्सा शांत नहीं हुआ. वह खून से सना चाकू लहराते हुए सीधे अपने घर पहुंचा. घर में मौजूद भाभी जिकरा परवीन पर उसने अचानक ताबड़तोड़ चाकू से वार शुरू कर दिए. बहन मन्नू जब भाभी को बचाने पहुंची तो दिलदार ने उस पर भी पेट में कई बार चाकू घोंप दिया. वार इतने सटीक और बेरहम थे कि दोनों महिलाओं की आंतें बाहर निकल आईं. पूरे घर में खून फैल गया और चीख-पुकार मच गई.

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अस्पताल में जिकरा की मौत, मन्नू जिंदगी और मौत के बीच

घटना के बाद मोहल्ले के लोग किसी तरह घायल जिकरा परवीन और मन्नू को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे. डॉक्टरों ने जिकरा को देखते ही मृत घोषित कर दिया. वहीं मन्नू की हालत बेहद नाजुक थी. ट्रामा सेंटर में डॉक्टरों ने उसके पेट पर पट्टियां बांधकर खून रोकने की कोशिश की.

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सरकारी एंबुलेंस समय पर नहीं मिली, जिससे करीब आधे घंटे से ज्यादा समय बर्बाद हुआ. अंततः कोतवाल तारकेश्वर राय ने निजी एंबुलेंस की व्यवस्था कर मन्नू को कानपुर के हैलेट अस्पताल भेजा. वहां करीब एक घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर लेकिन स्थिर बताई है.

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खुद चौकी पहुंच दिलदार बोला, बदनामी से परेशान होकर मारा

वारदात के बाद दिलदार सीधे हसवा चौकी पहुंचा और पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने बताया कि फैजान को जहन्नुम भेजना ही उसका मकसद था. उसका आरोप था कि फैजान और उसकी भाभी के बीच अवैध संबंध थे. उसने कई बार दोनों को समझाया, लेकिन जब बात नहीं बनी तो मोहल्ले में बदनामी बढ़ने लगी. इसी शक और गुस्से में उसने फैजान की हत्या की और फिर भाभी पर हमला कर दिया. उसने माना कि बहन मन्नू बीच में आई तो उस पर भी हत्या के इरादे से वार किए.

नशा और गुस्से की पुरानी कहानी, स्कूल से ही बिगड़ा हुआ था दिलदार

कस्बे के लोगों के अनुसार दिलदार कुरैशी बचपन से ही गुस्सैल स्वभाव का था. स्कूल के दिनों से ही उसे नशे की लत लग गई थी. हाईस्कूल तक पढ़ाई करने के बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी. आए दिन स्कूल से गायब रहना उसकी आदत बन गई थी.

परिजनों और शिक्षकों ने कई बार सुधार की कोशिश की, लेकिन कोई असर नहीं हुआ. दिलदार छह भाइयों में सबसे छोटा था. उसका एक भाई सऊदी अरब में काम करता है, जबकि अन्य भाई पशुओं की खरीद-फरोख्त का काम करते हैं. दिलदार को लेकर यह भी चर्चा थी कि वह पशु वध में बेहद निर्दयी था.

उजड़ गया फैजान का सपना, सऊदी जाने से पहले थम गई सांसें

26 वर्षीय फैजान कुरैशी पढ़ाई में होनहार था. उसने स्नातक की पढ़ाई पूरी कर ली थी और सऊदी अरब में नौकरी भी लग चुकी थी. पासपोर्ट, वीजा और मेडिकल प्रक्रिया पूरी हो गई थी. 15 दिनों बाद उसका सऊदी जाने का टिकट था. पिता रुआब कुरैशी रायबरेली में सिलाई की दुकान में काम करते हैं. फैजान दो भाइयों में बड़ा था और मां रोशनी, छोटे भाई अरमान और बहनों के साथ रहता था. बेटे की बेरहमी से हत्या के बाद पूरा परिवार सदमे में है. परिजनों ने आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की है.

मां की मौत से बेसहारा हुईं तीन मासूम बेटियां

जिकरा परवीन की हत्या से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. जिकरा का मायका शहर के पीरनपुर मोहल्ले में है. पिता फकीरे का रो-रोकर बुरा हाल है. जिकरा की शादी छह साल पहले हुई थी. पति मध्य प्रदेश में रहकर पशुओं की खरीद-फरोख्त का काम करता है. जिकरा की तीन छोटी बेटियां हैं, जिनमें सबसे छोटी सिर्फ छह महीने की है. मां की मौत के बाद तीनों बेटियां बेसहारा हो गई हैं. पूरे कस्बे में दिलदार के खिलाफ गुस्सा और आक्रोश का माहौल है.

17 Jan 2026 By Vishwa Deepak Awasthi

Fatehpur Double Murder Case: शक, नशा और खून की सनक ! कैसे दिलदार बना दो लोगों का कातिल, खुद चौकी पहुंच कबूली सच्चाई

Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में शुक्रवार दोपहर हुए दोहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी. शक और नशे की गिरफ्त में आए दिलदार कुरैशी ने पहले अपने ही दोस्त फैजान का गला रेत दिया, फिर खून से सना चाकू लेकर घर पहुंचा और भाभी जिकरा परवीन व बहन मन्नू पर जानलेवा हमला कर दिया. वारदात के बाद खुद चौकी पहुंचकर सच्चाई कबूल करना इस मामले को और खौफनाक बनाता है.

आंखों में उतर आया था खून, हत्या की नीयत से जंगल ले गया

दिलदार कुरैशी के सिर पर उस दिन मानो खून सवार था. वह पूरी तैयारी के साथ घर से निकला था. पहले उसने नशे का इंजेक्शन लगाया और फिर फैजान को बहाने से जंगल की ओर ले गया. फैजान को जरा भी अंदेशा नहीं था कि जिस दोस्त पर वह भरोसा कर रहा है वही उसकी मौत का कारण बनेगा.

बातचीत के दौरान अचानक दिलदार ने धारदार चाकू निकाला और फैजान का गला रेत दिया. गर्दन की लगभग सारी नसें कट चुकी थीं. फैजान बचाव-बचाव करता हुआ करीब 50 मीटर तक आगे बढ़ा, लेकिन अधिक खून बह जाने से एक पेड़ के नीचे गिर पड़ा और वहीं तड़पकर उसकी मौत हो गई.

खून से सना चाकू लेकर घर पहुंचा, भाभी और बहन मन्नू पर हमला

फैजान की हत्या के बाद भी दिलदार का गुस्सा शांत नहीं हुआ. वह खून से सना चाकू लहराते हुए सीधे अपने घर पहुंचा. घर में मौजूद भाभी जिकरा परवीन पर उसने अचानक ताबड़तोड़ चाकू से वार शुरू कर दिए. बहन मन्नू जब भाभी को बचाने पहुंची तो दिलदार ने उस पर भी पेट में कई बार चाकू घोंप दिया. वार इतने सटीक और बेरहम थे कि दोनों महिलाओं की आंतें बाहर निकल आईं. पूरे घर में खून फैल गया और चीख-पुकार मच गई.

अस्पताल में जिकरा की मौत, मन्नू जिंदगी और मौत के बीच

घटना के बाद मोहल्ले के लोग किसी तरह घायल जिकरा परवीन और मन्नू को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे. डॉक्टरों ने जिकरा को देखते ही मृत घोषित कर दिया. वहीं मन्नू की हालत बेहद नाजुक थी. ट्रामा सेंटर में डॉक्टरों ने उसके पेट पर पट्टियां बांधकर खून रोकने की कोशिश की.

सरकारी एंबुलेंस समय पर नहीं मिली, जिससे करीब आधे घंटे से ज्यादा समय बर्बाद हुआ. अंततः कोतवाल तारकेश्वर राय ने निजी एंबुलेंस की व्यवस्था कर मन्नू को कानपुर के हैलेट अस्पताल भेजा. वहां करीब एक घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर लेकिन स्थिर बताई है.

खुद चौकी पहुंच दिलदार बोला, बदनामी से परेशान होकर मारा

वारदात के बाद दिलदार सीधे हसवा चौकी पहुंचा और पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने बताया कि फैजान को जहन्नुम भेजना ही उसका मकसद था. उसका आरोप था कि फैजान और उसकी भाभी के बीच अवैध संबंध थे. उसने कई बार दोनों को समझाया, लेकिन जब बात नहीं बनी तो मोहल्ले में बदनामी बढ़ने लगी. इसी शक और गुस्से में उसने फैजान की हत्या की और फिर भाभी पर हमला कर दिया. उसने माना कि बहन मन्नू बीच में आई तो उस पर भी हत्या के इरादे से वार किए.

नशा और गुस्से की पुरानी कहानी, स्कूल से ही बिगड़ा हुआ था दिलदार

कस्बे के लोगों के अनुसार दिलदार कुरैशी बचपन से ही गुस्सैल स्वभाव का था. स्कूल के दिनों से ही उसे नशे की लत लग गई थी. हाईस्कूल तक पढ़ाई करने के बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी. आए दिन स्कूल से गायब रहना उसकी आदत बन गई थी.

परिजनों और शिक्षकों ने कई बार सुधार की कोशिश की, लेकिन कोई असर नहीं हुआ. दिलदार छह भाइयों में सबसे छोटा था. उसका एक भाई सऊदी अरब में काम करता है, जबकि अन्य भाई पशुओं की खरीद-फरोख्त का काम करते हैं. दिलदार को लेकर यह भी चर्चा थी कि वह पशु वध में बेहद निर्दयी था.

उजड़ गया फैजान का सपना, सऊदी जाने से पहले थम गई सांसें

26 वर्षीय फैजान कुरैशी पढ़ाई में होनहार था. उसने स्नातक की पढ़ाई पूरी कर ली थी और सऊदी अरब में नौकरी भी लग चुकी थी. पासपोर्ट, वीजा और मेडिकल प्रक्रिया पूरी हो गई थी. 15 दिनों बाद उसका सऊदी जाने का टिकट था. पिता रुआब कुरैशी रायबरेली में सिलाई की दुकान में काम करते हैं. फैजान दो भाइयों में बड़ा था और मां रोशनी, छोटे भाई अरमान और बहनों के साथ रहता था. बेटे की बेरहमी से हत्या के बाद पूरा परिवार सदमे में है. परिजनों ने आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की है.

मां की मौत से बेसहारा हुईं तीन मासूम बेटियां

जिकरा परवीन की हत्या से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. जिकरा का मायका शहर के पीरनपुर मोहल्ले में है. पिता फकीरे का रो-रोकर बुरा हाल है. जिकरा की शादी छह साल पहले हुई थी. पति मध्य प्रदेश में रहकर पशुओं की खरीद-फरोख्त का काम करता है. जिकरा की तीन छोटी बेटियां हैं, जिनमें सबसे छोटी सिर्फ छह महीने की है. मां की मौत के बाद तीनों बेटियां बेसहारा हो गई हैं. पूरे कस्बे में दिलदार के खिलाफ गुस्सा और आक्रोश का माहौल है.

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