Fatehpur News: 5 रुपये में 28 लाख का सपना ! लालच में फंसा योगेंद्र, साइबर ठगों ने लगाया लाखों का चूना
फतेहपुर के किशनपुर थाना क्षेत्र के गोदौरा गांव में एक युवक 5 रुपये के पुराने नोट को 28 लाख रुपये में बेचने के लालच में साइबर ठगी का शिकार हो गया. फेसबुक के जरिए संपर्क करने वाले ठगों ने ग्रीन कार्ड और टैक्स के नाम पर उससे 1 लाख 65 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
Fatehpur Cyber Fraud: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में एक बार फिर साइबर ठगों ने इंसानी लालच को हथियार बनाकर वार किया है. 5 रुपये के एक पुराने नोट को 28 लाख रुपये में खरीदने का झांसा देकर ठगों ने गांव के युवक से 1 लाख 65 हजार रुपये ऐंठ लिए. फेसबुक से शुरू हुई बातचीत एयरपोर्ट, ग्रीन कार्ड और इनकम टैक्स की कहानी तक पहुंची.
फेसबुक के जरिए शुरु की बातचीत
किशनपुर थाना क्षेत्र के गोदौरा गांव निवासी योगेंद्र सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उन्होंने फेसबुक पर पुराने नोट खरीदने वाले एक व्यक्ति का नंबर देखा था. जिज्ञासा और किस्मत आजमाने की चाह में उन्होंने संपर्क किया. बातचीत के दौरान नितिन नाम के व्यक्ति ने व्हाट्सएप पर 5 रुपये के नोट की फोटो भेजने को कहा.
फोटो भेजते ही कहानी ने फिल्मी मोड़ लिया. सामने वाले ने दावा किया कि यह नोट 28 लाख रुपये में खरीदा जाएगा. एक साधारण से नोट की कीमत सुनकर योगेंद्र भी हैरान थे, लेकिन लालच और उम्मीद ने शक को दबा दिया. यहीं से साइबर ठगी की पटकथा लिखी जाने लगी.
ग्रीन कार्ड और एयरपोर्ट का ड्रामा
बड़ी रकम पाने की उम्मीद में योगेंद्र ने बताए गए खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए. ठगों ने भरोसा दिलाया कि बस औपचारिकता पूरी होते ही 28 लाख रुपये मिल जाएंगे. गांव में बैठे युवक के लिए एयरपोर्ट और ग्रीन कार्ड की कहानी किसी सपने जैसी थी, लेकिन वो समझ नहीं पाया कि वो साइबर ठगों के झांसे में आ चुका है.
इनकम टैक्स का डर दिखाकर ऐंठे पैसे
कुछ देर बाद फिर कॉल आया. इस बार बताया गया कि 28 लाख रुपये को इनकम टैक्स और रिजर्व बैंक के अधिकारियों ने पकड़ लिया है. रकम छुड़ाने के लिए 1 लाख 55 हजार 800 रुपये और जमा करने होंगे. सरकारी एजेंसियों का नाम सुनते ही योगेंद्र घबरा गए.
उन्होंने अपने खाते और अपनी मां सुभद्रा देवी के खाते से 1 लाख 35 हजार रुपये ट्रांसफर किए. इसके अलावा जनसेवा केंद्र से 20 हजार रुपये और भेज दिए. कुल मिलाकर 1 लाख 65 हजार रुपये ठगों के खाते में पहुंच गए.
संपर्क ना होने पर हुआ ठगी का एहसास
रकम ट्रांसफर करने के बाद जब 28 लाख रुपये नहीं मिले और कॉल आना बंद हो गया, तब योगेंद्र को ठगी का एहसास हुआ. इसके बाद योगेंद्र ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई.
थानाध्यक्ष सत्यदेव गौतम ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और साइबर टीम भी मामले की पड़ताल में जुटी है. पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर ऐसे झांसे से बचना जरूरी है और बिना सत्यापन के किसी को पैसे ट्रांसफर न करें.
