UP Board Results 2026: फतेहपुर के अभिषेक तिवारी ने रचा इतिहास ! किसान के बेटे ने 97% अंक लाकर प्रदेश में हासिल की 5वीं रैंक
यूपी बोर्ड हाईस्कूल 2026 के परिणाम में फतेहपुर के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया. किसान परिवार से आने वाले अभिषेक तिवारी ने 97% अंक लाकर प्रदेश में 5वीं रैंक हासिल की. वहीं आस्था, अन्या सिंह, शिवानी बिंद और हर्षित तिवारी ने 9वीं रैंक तथा हिमांशु सिंह और राजवीर सिंह चौहान ने 10वीं रैंक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया.
Fatehpur UP Board 2026: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) द्वारा घोषित हाईस्कूल 2026 के परीक्षा परिणाम ने फतेहपुर जिले में खुशियों की लहर दौड़ा दी. जैसे ही शाम चार बजे परिणाम घोषित हुआ, मेधावियों के घरों में जश्न शुरू हो गया. इस बार जिले के कई छात्रों ने न सिर्फ शानदार अंक हासिल किए बल्कि प्रदेश की टॉप 10 मेरिट सूची में जगह बनाकर यह साबित कर दिया कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती.
किसान परिवार से निकलकर प्रदेश टॉपर बना अभिषेक
ऐरायां ब्लॉक के कटोघन गांव निवासी अभिषेक तिवारी ने 97 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में पहला और प्रदेश में पांचवां स्थान प्राप्त किया. चार बीघे जमीन पर खेती करने वाले परिवार से आने वाले अभिषेक ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया.

अभावों से लड़कर आस्था ने पाई बड़ी सफलता
गांव से उठकर चमका हर्षित का नाम
भिटौरा ब्लॉक के लालीपुर गांव के हर्षित तिवारी ने 96.33 प्रतिशत अंक लाकर प्रदेश में 9वीं रैंक प्राप्त की. किसान परिवार से आने वाले हर्षित के पिता विनोद तिवारी के पास सीमित जमीन है, लेकिन उन्होंने बेटे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी. हर्षित ने रोजाना पांच से छह घंटे पढ़ाई की और अपने लक्ष्य पर पूरी तरह केंद्रित रहे. उनका सपना आईआईटी में चयन पाकर देश के लिए कुछ बड़ा करने का है.
शिवानी और अन्या ने भी बढ़ाया जिले का गौरव
सरस्वती बाल मंदिर इंटर कॉलेज की छात्रा शिवानी बिंद और आन्या सिंह ने भी 96.33 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में 9वीं रैंक हासिल की. शिवानी के पिता बैंक मैनेजर हैं और उन्होंने नियमित अध्ययन तथा शिक्षकों से लगातार मार्गदर्शन लेकर सफलता पाई.
उनका लक्ष्य आईएएस बनना है. वहीं आन्या सिंह, जिनकी मां शिक्षिका हैं, ने बिना ट्यूशन के सिर्फ स्कूल की पढ़ाई पर भरोसा किया और शानदार सफलता हासिल की. वह डॉक्टर बनकर समाज सेवा करना चाहती हैं.
हिमांशु और राजवीर ने टॉप 10 में बनाई जगह
धाता कस्बे के हिमांशु सिंह और रघुवंशपुरम के राजवीर सिंह चौहान ने 96.17 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में 10वीं रैंक हासिल की. हिमांशु ने छह से आठ घंटे नियमित पढ़ाई की और इंटरनेट की मदद से कठिन विषयों को समझा. उनका सपना इंजीनियर बनने का है. वहीं राजवीर सिंह चौहान एनडीए में चयनित होकर सेना में अधिकारी बनना चाहते हैं. उन्होंने कड़ी मेहनत और अनुशासन को अपनी सफलता का आधार बताया.
इस साल जिले में 36,836 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए थे, जिनमें से 32,263 छात्र सफल हुए. परिणाम घोषित होते ही स्कूलों में ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया गया. इन मेधावियों की सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है. खास बात यह है कि अधिकतर छात्र ग्रामीण पृष्ठभूमि से हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया.
UP Board Results 2026: फतेहपुर के अभिषेक तिवारी ने रचा इतिहास ! किसान के बेटे ने 97% अंक लाकर प्रदेश में हासिल की 5वीं रैंक
Fatehpur UP Board 2026: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) द्वारा घोषित हाईस्कूल 2026 के परीक्षा परिणाम ने फतेहपुर जिले में खुशियों की लहर दौड़ा दी. जैसे ही शाम चार बजे परिणाम घोषित हुआ, मेधावियों के घरों में जश्न शुरू हो गया. इस बार जिले के कई छात्रों ने न सिर्फ शानदार अंक हासिल किए बल्कि प्रदेश की टॉप 10 मेरिट सूची में जगह बनाकर यह साबित कर दिया कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती.
किसान परिवार से निकलकर प्रदेश टॉपर बना अभिषेक
ऐरायां ब्लॉक के कटोघन गांव निवासी अभिषेक तिवारी ने 97 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में पहला और प्रदेश में पांचवां स्थान प्राप्त किया. चार बीघे जमीन पर खेती करने वाले परिवार से आने वाले अभिषेक ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया.
उनके पिता उमाशंकर तिवारी दिव्यांग हैं, लेकिन उन्होंने बेटे की पढ़ाई में कभी कमी नहीं आने दी. अभिषेक ने अपनी शुरुआती शिक्षा गांव के ही परिषदीय स्कूलों से प्राप्त की और आगे की पढ़ाई बुदवन इंटर कॉलेज से की. उनका सपना आईएएस बनकर देश सेवा करना है.
अभावों से लड़कर आस्था ने पाई बड़ी सफलता
जनता इंटर कॉलेज छिवलहा की छात्रा आस्था ने 96.33 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में 9वीं रैंक हासिल की. बचपन में मां को खो देने के बाद आस्था ने बेहद कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई जारी रखी. वह अपने मौसा-मौसी के साथ रहकर पढ़ाई कर रही हैं. उन्होंने रोजाना सात घंटे मेहनत की और शिक्षकों के मार्गदर्शन को अपनी ताकत बनाया. आस्था का सपना इंजीनियर बनना है. उनकी सफलता यह साबित करती है कि कठिन हालात भी मजबूत इरादों के आगे टिक नहीं पाते.
गांव से उठकर चमका हर्षित का नाम
भिटौरा ब्लॉक के लालीपुर गांव के हर्षित तिवारी ने 96.33 प्रतिशत अंक लाकर प्रदेश में 9वीं रैंक प्राप्त की. किसान परिवार से आने वाले हर्षित के पिता विनोद तिवारी के पास सीमित जमीन है, लेकिन उन्होंने बेटे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी. हर्षित ने रोजाना पांच से छह घंटे पढ़ाई की और अपने लक्ष्य पर पूरी तरह केंद्रित रहे. उनका सपना आईआईटी में चयन पाकर देश के लिए कुछ बड़ा करने का है.
शिवानी और अन्या ने भी बढ़ाया जिले का गौरव
सरस्वती बाल मंदिर इंटर कॉलेज की छात्रा शिवानी बिंद और आन्या सिंह ने भी 96.33 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में 9वीं रैंक हासिल की. शिवानी के पिता बैंक मैनेजर हैं और उन्होंने नियमित अध्ययन तथा शिक्षकों से लगातार मार्गदर्शन लेकर सफलता पाई.
उनका लक्ष्य आईएएस बनना है. वहीं आन्या सिंह, जिनकी मां शिक्षिका हैं, ने बिना ट्यूशन के सिर्फ स्कूल की पढ़ाई पर भरोसा किया और शानदार सफलता हासिल की. वह डॉक्टर बनकर समाज सेवा करना चाहती हैं.
हिमांशु और राजवीर ने टॉप 10 में बनाई जगह
धाता कस्बे के हिमांशु सिंह और रघुवंशपुरम के राजवीर सिंह चौहान ने 96.17 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में 10वीं रैंक हासिल की. हिमांशु ने छह से आठ घंटे नियमित पढ़ाई की और इंटरनेट की मदद से कठिन विषयों को समझा. उनका सपना इंजीनियर बनने का है. वहीं राजवीर सिंह चौहान एनडीए में चयनित होकर सेना में अधिकारी बनना चाहते हैं. उन्होंने कड़ी मेहनत और अनुशासन को अपनी सफलता का आधार बताया.
इस साल जिले में 36,836 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए थे, जिनमें से 32,263 छात्र सफल हुए. परिणाम घोषित होते ही स्कूलों में ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया गया. इन मेधावियों की सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है. खास बात यह है कि अधिकतर छात्र ग्रामीण पृष्ठभूमि से हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया.