3 दिन का अल्टीमेटम देकर टली एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल, 26 मई से फिर होगा बड़ा विरोध प्रदर्शन
फतेहपुर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) संविदा कर्मचारियों ने शुक्रवार को दो घंटे धरना प्रदर्शन करने के बाद अपनी हड़ताल फिलहाल स्थगित कर दी. कर्मचारियों को 25 मई तक वेतन जारी कराने का आश्वासन मिला है. संघ ने चेतावनी दी है कि तय समय तक मानदेय नहीं मिला तो 26 मई से सीएमओ कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी.
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में कई महीनों से वेतन न मिलने से परेशान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों का आक्रोश शुक्रवार को खुलकर सामने आया. कर्मचारियों ने दो घंटे तक धरना प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जताई. हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया गया है, लेकिन कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 25 मई तक भुगतान नहीं हुआ तो 26 मई से बड़ा आंदोलन शुरू होगा.
दो घंटे धरने के बाद स्थगित हुई हड़ताल
फतेहपुर में शुक्रवार को एनएचएम संविदा कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार करते हुए धरना प्रदर्शन किया. कर्मचारियों का कहना था कि कई महीनों से मानदेय न मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है. प्रदेश संगठन के निर्देश पर कर्मचारियों ने विरोध दर्ज कराया और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास किया.
धरना प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखने को मिली. कई कर्मचारियों ने कहा कि समय से वेतन न मिलने के कारण घर चलाना मुश्किल हो गया है. अधिकारियों द्वारा वेतन भुगतान का आश्वासन दिए जाने के बाद फिलहाल हड़ताल स्थगित कर दी गई. हालांकि कर्मचारियों ने साफ कहा कि यह सिर्फ अस्थायी फैसला है और यदि वादा पूरा नहीं हुआ तो आंदोलन फिर शुरू होगा.
25 मई तक वेतन नहीं मिला तो 26 से होगा आंदोलन
उन्होंने बताया कि सभी जिलों के अधिकारियों ने वेतन जारी कराने का आश्वासन दिया है, जिसके बाद आंदोलन को 25 मई तक स्थगित किया गया है. लेकिन यदि तय समय सीमा के भीतर कर्मचारियों के खाते में वेतन नहीं पहुंचा तो 26 मई से सभी कर्मचारी अपने-अपने जिलों में सीएमओ कार्यालय पर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे. संघ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की भी चेतावनी दी है.
कई महीनों से वेतन न मिलने से कर्मचारियों में नाराजगी
महामंत्री शिव प्रताप सिंह ने कहा कि फतेहपुर जनपद के एनएचएम संविदा कर्मचारी लंबे समय से मानदेय न मिलने के कारण आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को परिवार चलाने में दिक्कत हो रही है. बच्चों की फीस, इलाज और घरेलू जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है.
कर्मचारियों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार काम करने के बावजूद उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा. इससे कर्मचारियों का मनोबल भी टूट रहा है. कई कर्मचारियों ने बताया कि उधार लेकर घर चलाना पड़ रहा है. वहीं कुछ कर्मचारियों ने यह भी कहा कि लगातार देरी होने से बैंक की किश्तें और अन्य भुगतान भी प्रभावित हो रहे हैं.
हड़ताल से पहले डीएम को सौंपा गया था ज्ञापन
एनएचएम कर्मचारियों ने आंदोलन शुरू करने से पहले जिला प्रशासन को भी अपनी समस्याओं से अवगत कराया था. कर्मचारियों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर लंबित मानदेय भुगतान की मांग की थी. ज्ञापन में स्पष्ट किया गया था कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो कर्मचारी आंदोलन के लिए मजबूर होंगे.
इसके बावजूद समय पर भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती गई और अंततः उन्हें धरना प्रदर्शन करना पड़ा. कर्मचारियों का कहना है कि कई बार मांग उठाने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ, जिसके कारण अब आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है.
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ सकता है असर
यदि 26 मई से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होती है तो इसका असर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दिखाई दे सकता है. जानकारी के मुताबिक करीब 1 हज़ार की संख्या में संविदा कर्मचारी विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और अस्पतालों में सेवाएं दे रहे हैं. ऐसे में कर्मचारियों के काम बंद करने से स्वास्थ्य व्यवस्थाएं प्रभावित हो सकती हैं.
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती कर्मचारियों का लंबित वेतन जल्द जारी कराना है ताकि स्थिति सामान्य बनी रहे. फिलहाल कर्मचारियों ने आंदोलन को स्थगित जरूर किया है, लेकिन उनकी चेतावनी ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है.
3 दिन का अल्टीमेटम देकर टली एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल, 26 मई से फिर होगा बड़ा विरोध प्रदर्शन
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में कई महीनों से वेतन न मिलने से परेशान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों का आक्रोश शुक्रवार को खुलकर सामने आया. कर्मचारियों ने दो घंटे तक धरना प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जताई. हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया गया है, लेकिन कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 25 मई तक भुगतान नहीं हुआ तो 26 मई से बड़ा आंदोलन शुरू होगा.
दो घंटे धरने के बाद स्थगित हुई हड़ताल
फतेहपुर में शुक्रवार को एनएचएम संविदा कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार करते हुए धरना प्रदर्शन किया. कर्मचारियों का कहना था कि कई महीनों से मानदेय न मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है. प्रदेश संगठन के निर्देश पर कर्मचारियों ने विरोध दर्ज कराया और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास किया.
धरना प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखने को मिली. कई कर्मचारियों ने कहा कि समय से वेतन न मिलने के कारण घर चलाना मुश्किल हो गया है. अधिकारियों द्वारा वेतन भुगतान का आश्वासन दिए जाने के बाद फिलहाल हड़ताल स्थगित कर दी गई. हालांकि कर्मचारियों ने साफ कहा कि यह सिर्फ अस्थायी फैसला है और यदि वादा पूरा नहीं हुआ तो आंदोलन फिर शुरू होगा.
25 मई तक वेतन नहीं मिला तो 26 से होगा आंदोलन
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है. जनपद फतेहपुर के जिला अध्यक्ष प्रदीप कुमार पटेल और महामंत्री शिव प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश संगठन के निर्देशानुसार 21 मई 2026 को पूरे प्रदेश में कार्य बहिष्कार किया गया था.
उन्होंने बताया कि सभी जिलों के अधिकारियों ने वेतन जारी कराने का आश्वासन दिया है, जिसके बाद आंदोलन को 25 मई तक स्थगित किया गया है. लेकिन यदि तय समय सीमा के भीतर कर्मचारियों के खाते में वेतन नहीं पहुंचा तो 26 मई से सभी कर्मचारी अपने-अपने जिलों में सीएमओ कार्यालय पर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे. संघ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की भी चेतावनी दी है.
कई महीनों से वेतन न मिलने से कर्मचारियों में नाराजगी
महामंत्री शिव प्रताप सिंह ने कहा कि फतेहपुर जनपद के एनएचएम संविदा कर्मचारी लंबे समय से मानदेय न मिलने के कारण आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को परिवार चलाने में दिक्कत हो रही है. बच्चों की फीस, इलाज और घरेलू जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है.
कर्मचारियों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार काम करने के बावजूद उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा. इससे कर्मचारियों का मनोबल भी टूट रहा है. कई कर्मचारियों ने बताया कि उधार लेकर घर चलाना पड़ रहा है. वहीं कुछ कर्मचारियों ने यह भी कहा कि लगातार देरी होने से बैंक की किश्तें और अन्य भुगतान भी प्रभावित हो रहे हैं.
हड़ताल से पहले डीएम को सौंपा गया था ज्ञापन
एनएचएम कर्मचारियों ने आंदोलन शुरू करने से पहले जिला प्रशासन को भी अपनी समस्याओं से अवगत कराया था. कर्मचारियों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर लंबित मानदेय भुगतान की मांग की थी. ज्ञापन में स्पष्ट किया गया था कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो कर्मचारी आंदोलन के लिए मजबूर होंगे.
इसके बावजूद समय पर भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती गई और अंततः उन्हें धरना प्रदर्शन करना पड़ा. कर्मचारियों का कहना है कि कई बार मांग उठाने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ, जिसके कारण अब आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है.
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ सकता है असर
यदि 26 मई से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होती है तो इसका असर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दिखाई दे सकता है. जानकारी के मुताबिक करीब 1 हज़ार की संख्या में संविदा कर्मचारी विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और अस्पतालों में सेवाएं दे रहे हैं. ऐसे में कर्मचारियों के काम बंद करने से स्वास्थ्य व्यवस्थाएं प्रभावित हो सकती हैं.
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती कर्मचारियों का लंबित वेतन जल्द जारी कराना है ताकि स्थिति सामान्य बनी रहे. फिलहाल कर्मचारियों ने आंदोलन को स्थगित जरूर किया है, लेकिन उनकी चेतावनी ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है.