Etawah Punarjanm ki kahani: पुनर्जन्म की इस हैरान कर देने वाली कहानी सुन हो जाएंगे रोंगटे खड़े ! अमेरिकी वैज्ञानिकों ने इस सच्ची घटना पर लगाई थी मुहर

Sumitra Shiva Story In Hindi

वैसे तो आप सभी ने पुनर्जन्म को लेकर काफी किस्से और कहानियां सुनी और देखी होंगी. लेकिन आज हम आपको पुनर्जन्म की एक ऐसी सच्ची घटना से रूबरू करवाने जा रहे हैं. जिसे जानकर आप को डर भी लग सकता है. हालांकि इस घटना को खुद अमेरिका की वर्जिनिया यूनिवर्सिटी के पुनर्जन्म एक्सपर्टस टीम ने भारत आकर खुद इस घटना पर रिसर्च करते हुए इसे पुनर्जन्म की सच्ची कहानी का खिताब दिया था.

Etawah Punarjanm ki kahani: पुनर्जन्म की इस हैरान कर देने वाली कहानी सुन हो जाएंगे रोंगटे खड़े ! अमेरिकी वैज्ञानिकों ने इस सच्ची घटना पर लगाई थी मुहर
यूपी की पुनर्जन्म की सच्ची घटना : फोटो प्रतीकात्मक

5 दशक वाली हैरान कर देने वाली सच्ची कहानी

यह पुनर्जन्म की घटना 5 दशक पुरानी उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सफीपुरा गांव की है. उस दौर में न तो घरों बिजली हुआ करती थी और न ही उस तरह की सुख सुविधाएं जो वर्तमान में हमारे इर्दगिर्द रहती है. इसी बीच साल 1968 में एक गरीब ठाकुर परिवार में एक लड़की का जन्म हुआ था. घरवालों ने लड़की का नाम सुमित्रा रखा, उस दौर में गांव में रहने वाले ग्रामीण अपने परिवार का पालन पोषण करने के लिए शहर जाकर नौकरी करते थे.

सुमित्रा के पिता भी शहर में नौकरी करते थे. सुमित्रा और उसकी माँ घर मे अकेली ही रहती थी. एक दिन अचानक उसकी माँ की मौत हो गयी. मां की मौत के बाद पिता ने उसे अपने रिश्तेदार के घर के रहने के लिए छोड़ दिया और ये सिलसिला काफी समय तक चलता रहा. पिता शहर में नौकरी करते रहे और सुमित्रा अपने रिश्तेदार के यहाँ ही रहने लगी.

खेलने-कूदने की उम्र में हुई शादी एक दिन हुआ कुछ ऐसा

आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते सुमित्रा कभी स्कूल न जा सकी और अकेले होने की वजह से वह काफी परेशान भी रहती थी. जिसके बाद उसके पिता ने मात्र 13 साल की उम्र में ही जगदीश सिंह नाम के आदमी के साथ उसकी शादी करा दी, लेकिन जगदीश भी नौकरी करने के लिए शहर जाता था. यहाँ पर भी सुमित्रा अपने सास-ससुर के साथ ही रहती थी. इस बीच साल 1984 में उसने एक बेटे को जन्म दिया. बेटे को जन्म देने के बाद अब उसका अकेलापन काफी हद तक कम होने लगा था वह अपने बेटे को अपनी जान से भी ज्यादा चाहती थी. जब वह पानी भरने या घर के किसी भी काम से जाती तो अपने बेटे को साथ जरूर ले जाती थी.

एक दिन जब सुमित्रा अपने बेटे को लेकर पानी भरने जा रही थी कि तभी अचानक उसे उसके साथ कुछ ऐसा हुआ कि सभी लोग डर गए. दरअसल अचानक उसके दोनों हाथ आसमान की तरफ मुड़ गए, आंखों की पुतलियां चारों ओर घूमने लगी और वह जोर-जोर से अपने दांत किटकिटाने लगी. ये सब देख उसका बेटा भी रोने लगा अचानक कुछ मिनटों के बाद जब उसे होश आया तो जब ग्रामीणों ने उससे पूछा कि आखिरकार उसके साथ क्या हुआ था? लेकिन उसे कुछ भी याद नही था.

Read More: Fatehpur Lightning News: फतेहपुर में आकाशीय बिजली गिरने से चार महिलाओं की मौत ! ऐसे हुई थी घटना

इसी तरह से ये अटैक उसे बार- बार परेशान करने लगा अब तो ग्रामीणों के साथ-साथ इसकी खबर उसके सास ससुर को भी लग चुकी थी. आनन-फानन में इस घटना की सूचना उसके पति जगदीश को दी गयी. वह भी शहर से दौड़ा-दौड़ा गांव पहुँचा. हालांकि सुमित्रा को अपनी इस मजबूरी के विषय मे पूरी जानकारी हो चुकी थी इसलिए अब वह अपने बच्चे से दूरी बनाने लगी.

Read More: UP Driving Licence: फतेहपुर उन्नाव सहित सूबे के सात जनपदों का रायबरेली में बनेगा ड्राइविंग लाइसेंस, जानिए पूरी बात

16 जुलाई 1985 जिसने बदल दी कई जिंदगियां

अब सुमित्रा का पति जगदीश भी घर पर ही रहने लगा, सब कुछ ठीक चल रहा था कि अचानक 16 जुलाई 1985 की दोपहर एक बार फिर सुमित्रा को अटैक आया और उसने चिल्ला चिल्लाकर पूरे गांव वालों से कहा कि, 3 दिनों बाद उसकी मौत हो जाएगी. ये सुन सभी लोग सन्न रह गए, अब सुमित्रा के सास-ससुर और पति को भी डर लगने लगा था, लेकिन हमेशा की तरह जब उसे होश आया तो वो सब कुछ भूल चुकी थी, जब उसके पति ने उसको सारी घटना बताई तो एक बार के लिए वो काफी डर गई थी.

Read More: Fatehpur News: फतेहपुर में धा'रदार हथि'यार से हमले में इलाज के दौरान किसान की मौ'त ! परिजनों ने डीएम कार्यालय का किया घेराव

खैर 3 दिनों बाद यानी 19 जुलाई 1985 का वो दिन आ ही गया जब सुमित्रा ने अपनी मौत की भविष्यवाणी की थी, लेकिन सुमित्रा की ये भविष्यवाणी सच न हो इसके लिए उसने सुबह से लेकर शाम तक काफी सावधानी बरती उसने दिन भर कोई भी ऐसे कार्य नहीं किया जिससे कि कोई दुर्घटना हो सके. वह दिन भर अपने घर के अंदर ही बैठी रही लेकिन शाम को अचानक जब उसने दरवाजा खोला तो वहां से गुजर रही एक महिला को रोक कर उसने उसका हाल-चाल जाना दोनों आपस में बातें करने लगी लेकिन अचानक कुछ ऐसा हुआ कि सभी घबरा गए.

बात करते-करते अचानक सुमित्रा हमेशा की तरह आसमान की तरफ देखने लगी और उसके हाथ अकड़ गए ऐसे में घबराई महिला ने आसपास के लोगों को बुलाकर इकट्ठा कर लिया सभी लोगों ने सुमित्रा को काफी हिलाया डुलाया लेकिन कुछ भी नही हुआ. जिसके बाद बैध जी को बुलाया गया काफी मशक्कत के बाद सुमित्रा को जमीन पर लिटाया गया. बैध ने सुमित्रा का परीक्षण कर उसे मृत घोषित कर दिया उसकी मौत की खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गयी और सुमित्रा की भविष्यवाणी सच साबित हुई उधर सुमित्रा की मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार की तैयारियां हो रही थी कि तभी कुछ लोगो ने बताया कि सुमित्रा के शरीर में कुछ हरकत हो रही है, एक बार फिर से बैध जी को बुलाया गया उन्होंने उसे चमत्कार बताते हुए कहा कि, मातम करना बन्द कर दीजिए सुमित्रा अभी जिंदा है.

सुमित्रा के होश में आने के बाद उसने सभी को पहचानने से इनकार कर दिया. यही नही उसने अपने पति को भी खुद से दूर रहने को बोला अपनी जान से ज्यादा प्यारे अपने 5 महीने के बेटे को भी वह नही पहचान रही थी लेकिन इस बीच वह रोज एक खत लिखकर अपने पति जगदीश को देकर उसे पोस्ट करने को बोलती, लेकिन सभी हैरान थे कि आखिरकार सुमित्रा कभी स्कूल नही गयी फिर भी वह रोज किसे पत्र लिखती है फिलहाल ये सिलसिला 3 महीनों तक चलता रहा। 

20 अक्टूबर 1985 को इस कहानी में आया नया मोड़, वैज्ञानिक भी हैरान

20 अक्टूबर को उस गांव में एक आदमी आया और उसने ग्रामीणों से सुमित्रा की विषय मे जानकारी जुटाई उसने बताया कि सुमित्रा उसे 3 महीनों से पत्र लिख रही है, जिसके बाद सुमित्रा के पति ने उससे पूछा कि आप कौन है तो उसने बताया कि, उसका नाम राम सिया त्रिपाठी है वह इटावा जिले के दिबियापुर गांव का रहने वाला है. पेशे से वह एक लेक्चरार है, उसकी बात सुनकर सुमित्रा दौड़ी चली आयी और उसने उस आदमी को पिता जी कहकर बुलाया और कहा कि पिता जी मैं सुमित्रा नही बल्कि आपकी बेटी शिवा त्रिपाठी हूँ. ये सुनकर सभी हैरान रह गये हालांकि इस बात को लेकर राम सिया काफी परेशान थे तो सबूत के तौर पर उन्होंने सुमित्रा/शिवा को उनकी बेटी की शादी का एलबम दिखाया जिसके बाद सुमित्रा से खुद को शिवा बताने वाली महिला ने फोटो में दिख रहे एक के बाद एक लोगो को पहचान लिया.

उसने ये भी बताया कि, 24 अक्टूबर 1962 को मेरा जन्म एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था और 18 साल की आयु में मेरी शादी छेदी लाल नाम आदमी के साथ हुई थी मैंने ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल कर अपने पिता की तरह ही लेक्चरार थी मेरे दो बेटे है अपने ससुराल में मैं सबसे ज्यादा पढ़ी लिखी थी शायद इसीलिए मुझसे मेरी ननद नाराज रहती थी और उसने मेरे सर पर जानलेवा हमला करते हुए मुझे मार दिया था यह सुनकर राम सिया रोने लगे और सुमित्रा/शिवा को गले लगा लिया अब सब कुछ साफ होने लगा था क्योंकि सुमित्रा की मौत और शिवा की हत्या में केवल 24 घंटे का ही फर्क था शायद इसीलिए सुमित्रा ने 3 दिन पहले ही अपनी मौत की भविष्यवाणी की थी
फिलहाल वह अपने पिता के साथ खुशी-खुशी अपने घर वापस लौट गई.

अमेरिका के एक्सपर्ट्स सच्चाई जानने पहुंचे

वही जब लेक्चर अपने घर पहुंचे जहां पर वह अपने दोनों बच्चों के साथ रहने लगी कुछ समय बाद उसे एहसास हुआ कि जगदीश उसका काफी ख्याल रखता था जिसके चलते वहां अपने दोनों बच्चों को लेकर वापस उसी गांव में आ गई और सुमित्रा के एक बेटे और खुद के दो बच्चों के साथ अपने पति जगदीश के साथ गांव में ही रहने लगी तो वहीं ये घटना पूरे इटावा शहर में आग की तरह फैल गई मीडिया ने भी इस पूरी खबर पर अपनी दिलचस्पी दिखाई.

जिसके बाद भारत में पुनर्जन्म को लेकर रिसर्च कर रही टीम भी उनके घर और गांव में पहुंची. मामला काफी पेचीदा होने के चलते अमेरिका की वर्जिनिया यूनिवर्सिटी की पुनर्जन्म एक्सपर्ट टीम भी इस गांव में पहुंचे और बारीकी से सभी सबूत को एकत्रित किए, जांच में यह साबित हो गया कि, सुमित्रा की मौत के बाद शिवा का पुनर्जन्म हुआ था. उसी समय का यह दुनिया का पहला और अनोखा पुनर्जन्म का केस बन गया था. साल 1998 में सुमित्रा/शिवा की लंबी बीमारी के बाद मौत हो गयी. साथ ही लगभग दो वर्ष बाद जगदीश की मौत हो गई थी. आज भी उनके परिवार वाले जीवित हैं

युगान्तर प्रवाह एक निष्पक्ष पत्रकारिता का संस्थान है इसे बचाए रखने के लिए हमारा सहयोग करें। पेमेंट करने के लिए वेबसाइट में दी गई यूपीआई आईडी को कॉपी करें।

Latest News

Somnath Jyotirlinga Story: सावन स्पेशल-करिए प्रथम ज्योतिर्लिंग के दर्शन, चंद्रदेव से जुड़ा है सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का पौराणिक महत्व Somnath Jyotirlinga Story: सावन स्पेशल-करिए प्रथम ज्योतिर्लिंग के दर्शन, चंद्रदेव से जुड़ा है सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का पौराणिक महत्व
Somnath jyotirlinga Story: ज्योर्लिगप्रसिद्ध 12 ज्योतिर्लिंगों में से गुजरात के सोमनाथ मंदिर की अद्भुत महिमा है. कई बार आक्रमण करके...
Fatehpur News: फतेहपुर में क्यों हो रही है हिंदू महापंचायत ! हजारों की संख्या में पहुंचने का अनुमान
Bindki Accident News: फतेहपुर के बिंदकी में दर्दनाक हादसा ! बाइक सवार दो लोगों की मौत
Fatehpur Brajesh Pathak: फतेहपुर पहुंचे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक अचानक क्यों भड़क उठे ! एक दिन का काटा वेतन
फतेहपुर थाना न्यूज़: मां-बेटे ने मिलकर पिता को लगाया 50 लाख का चूना ! तिकड़म जान कर रह जाएंगे भौचक्के
Fatehpur News: फतेहपुर में ससुराल गए युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौ'त ! परिजनों ने लगाया ह'त्या का आरोप
UPSC EPFO APFC Result 2024: फतेहपुर की विप्लवी बनी असिस्टेंट कमिश्नर ! गांव में ख़ुशी की लहर, जानिए लोगों ने क्या कहा

Follow Us