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Fatehpur Murder Mystery: प्रेमिका ने बुलाया ! पति ने उतारा मौत के घाट, फिर हाथ-पैर काटकर जंगल में जला दिया, यूट्यूब पर देखी थी फिल्म

Fatehpur Murder Mystery: प्रेमिका ने बुलाया ! पति ने उतारा मौत के घाट, फिर हाथ-पैर काटकर जंगल में जला दिया, यूट्यूब पर देखी थी फिल्म
फतेहपुर में सनसनीखेज हत्याकांड का खुलसा, प्रेमी को दंपति ने मारकर काटा फिर जलाया: Image Yugantar Pravah

फतेहपुर के बकेवर क्षेत्र से लापता हुए विजय निषाद हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. प्रेम संबंधों में पैदा हुए विवाद के बाद प्रेमिका और उसके पति ने मिलकर युवक की हत्या कर दी. हत्या के बाद शव के हाथ-पैर काटकर कानपुर के जंगल में जला दिया गया. पुलिस जांच में आरोपियों की यूट्यूब और गूगल सर्च हिस्ट्री भी सामने आई, जिसने पूरे मामले का राज खोल दिया.

Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में सामने आया विजय निषाद हत्याकांड रिश्तों, धोखे और खौफनाक साजिश की ऐसी कहानी बन गया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. जिस युवक को उसकी प्रेमिका ने मिलने के बहाने घर बुलाया था, उसे शायद अंदाजा भी नहीं था कि वहां उसकी मौत इंतजार कर रही है. कमरे में पहले से मौजूद पति ने उस पर हमला कर दिया. हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए शव के हाथ-पैर काटे गए, फिर उसे कानपुर के जंगल में ले जाकर जला दिया गया. लेकिन अपराध छिपाने की पूरी कोशिश आरोपियों के मोबाइल फोन में छिपे डिजिटल सबूतों के सामने टिक नहीं सकी.

23 दिन से लापता था विजय, पुलिस जांच में खुला हत्याकांड

बकेवर थाना क्षेत्र के टिकरा गांव निवासी विजय निषाद 8 मई को घर से बाइक लेकर निकला था. परिजनों के अनुसार वह हमीरपुर जिले के कुरारा थाना क्षेत्र के मनकी गांव गया था. इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटा. कई दिनों तक तलाश के बावजूद कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने 11 मई को बकेवर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई.

जांच के दौरान परिजनों ने पुलिस को बताया कि विजय का एक विवाहित महिला से प्रेम प्रसंग चल रहा था. इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन खंगालना शुरू किया. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ी एक सुनियोजित हत्या की ओर बढ़ता गया.

आठ महीने का प्रेम संबंध बना मौत की वजह

पुलिस के अनुसार विजय निषाद और हमीरपुर के मनकी गांव निवासी किरन देवी के बीच करीब आठ महीने से प्रेम संबंध थे. दोनों लगातार संपर्क में रहते थे. इसी दौरान किरन का पति कामता निषाद, जो सूरत में मजदूरी करता था, चार महीने पहले गांव लौट आया.

Read More: फतेहपुर में शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग: छप्पर बना आग का गोला ! चार बकरियां जिंदा जलीं, बाइक-धान समेत लाखों का नुकसान

पति के वापस आने के बाद किरन ने विजय से दूरी बनाने की कोशिश की, लेकिन विजय लगातार संपर्क बनाए रखना चाहता था. जांच में सामने आया कि विजय ने दोनों की एक तस्वीर फेसबुक पर पोस्ट कर दी थी. इसके बाद कामता को पत्नी और विजय के संबंधों की जानकारी मिल गई. पुलिस का कहना है कि विजय द्वारा और तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालने की कथित धमकी से पति-पत्नी दोनों परेशान हो गए. इसी के बाद दोनों ने विजय को रास्ते से हटाने की योजना बनाई.

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प्रेमिका ने फोन कर बुलाया, पहले से घात लगाए बैठा था पति

एसपी अभिमन्यु मांगलिक के मुताबिक 8 मई को किरन देवी ने विजय को फोन कर मिलने के लिए अपने घर बुलाया. विजय जैसे ही घर पहुंचा, उसे कमरे के अंदर ले जाया गया और दरवाजा बंद कर दिया गया.

Read More: Fatehpur News: बेटे की शादी का कार्ड बांटने निकले पिता और भतीजे की मौत, खुशियां बदलीं मातम में

कमरे में पहले से मौजूद कामता निषाद ने अचानक उस पर हमला कर दिया. आरोप है कि लकड़ी के चौखट से उसके सिर और शरीर पर कई वार किए गए. हमले में गंभीर रूप से घायल विजय की मौके पर ही मौत हो गई. हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने कमरे में फैले खून के निशानों को साफ करने के लिए फिनाइल और अन्य सफाई सामग्री का इस्तेमाल किया, ताकि किसी को वारदात की भनक न लगे.

शव बोरे में नहीं समाया तो काट दिए हाथ-पैर

हत्या के बाद आरोपियों के सामने सबसे बड़ी समस्या शव को ठिकाने लगाने की थी. पुलिस पूछताछ में सामने आया कि शव बोरे में नहीं आ रहा था. इसके बाद दोनों ने पहले से खरीदे गए ग्राइंडर और आरी ब्लेड का इस्तेमाल किया.

आरोपियों ने शव के हाथ-पैर काटे और फिर उसे बोरे में भर लिया. इसके बाद बाइक के जरिए शव को कानपुर नगर के रेउना थाना क्षेत्र के जंगल में ले जाया गया. वहां शव को जला दिया गया ताकि पहचान और सबूत दोनों खत्म हो जाएं.

यही नहीं, मृतक का मोबाइल फोन, चश्मा, एटीएम कार्ड, पैन कार्ड और अन्य सामान भी अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया गया. आरोपियों को लगा कि उन्होंने पुलिस को हमेशा के लिए गुमराह कर दिया है, लेकिन जांच ने उनका पूरा खेल बिगाड़ दिया.

यूट्यूब और गूगल सर्च हिस्ट्री बनी सबसे बड़ा सबूत

इस मामले में सबसे अहम भूमिका डिजिटल साक्ष्यों ने निभाई. पुलिस ने जब आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. जांच में पता चला कि हत्या के बाद दोनों आरोपी लगातार यूट्यूब और गूगल पर पुलिस को गुमराह करने की जानकारी खोज रहे थे.

उन्होंने हत्या के मामलों में मिलने वाली सजा, फांसी का कानून, आत्मसमर्पण की प्रक्रिया, पुलिस कार्रवाई और एनकाउंटर से जुड़े विषय सर्च किए थे. पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों ने अपराध छिपाने और पुलिस जांच से बचने से जुड़े वीडियो भी देखे थे.

सर्विलांस टीम को मिले इन डिजिटल सबूतों के बाद पुलिस ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की. आखिरकार आरोपी टूट गए और पूरी साजिश स्वीकार कर ली. उनकी निशानदेही पर जंगल से मानव कंकाल के अवशेष, हत्या में प्रयुक्त लकड़ी का चौखट, ग्राइंडर, आरी ब्लेड, बाइक और अन्य सामान बरामद कर लिया गया.

डीएनए जांच से होगी अंतिम पुष्टि, पुलिस टीम को मिला इनाम

एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर बरामद कपड़ों, जूतों और अन्य सामान की पहचान मृतक के परिजनों ने विजय निषाद के रूप में की है. परिजनों ने बरामद नरकंकाल को भी विजय का होना बताया है. हालांकि अंतिम पुष्टि के लिए डीएनए परीक्षण कराया जा रहा है.

उन्होंने बताया कि मामला फतेहपुर, हमीरपुर और कानपुर नगर के कई थाना क्षेत्रों से जुड़ा हुआ था, लेकिन बकेवर पुलिस ने तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले का सफल खुलासा किया है. इस उपलब्धि पर पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है.

दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है. पुलिस अब डीएनए रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

02 Jun 2026 By Vishwa Deepak Awasthi

Fatehpur Murder Mystery: प्रेमिका ने बुलाया ! पति ने उतारा मौत के घाट, फिर हाथ-पैर काटकर जंगल में जला दिया, यूट्यूब पर देखी थी फिल्म

Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में सामने आया विजय निषाद हत्याकांड रिश्तों, धोखे और खौफनाक साजिश की ऐसी कहानी बन गया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. जिस युवक को उसकी प्रेमिका ने मिलने के बहाने घर बुलाया था, उसे शायद अंदाजा भी नहीं था कि वहां उसकी मौत इंतजार कर रही है. कमरे में पहले से मौजूद पति ने उस पर हमला कर दिया. हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए शव के हाथ-पैर काटे गए, फिर उसे कानपुर के जंगल में ले जाकर जला दिया गया. लेकिन अपराध छिपाने की पूरी कोशिश आरोपियों के मोबाइल फोन में छिपे डिजिटल सबूतों के सामने टिक नहीं सकी.

23 दिन से लापता था विजय, पुलिस जांच में खुला हत्याकांड

बकेवर थाना क्षेत्र के टिकरा गांव निवासी विजय निषाद 8 मई को घर से बाइक लेकर निकला था. परिजनों के अनुसार वह हमीरपुर जिले के कुरारा थाना क्षेत्र के मनकी गांव गया था. इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटा. कई दिनों तक तलाश के बावजूद कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने 11 मई को बकेवर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई.

जांच के दौरान परिजनों ने पुलिस को बताया कि विजय का एक विवाहित महिला से प्रेम प्रसंग चल रहा था. इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन खंगालना शुरू किया. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ी एक सुनियोजित हत्या की ओर बढ़ता गया.

आठ महीने का प्रेम संबंध बना मौत की वजह

पुलिस के अनुसार विजय निषाद और हमीरपुर के मनकी गांव निवासी किरन देवी के बीच करीब आठ महीने से प्रेम संबंध थे. दोनों लगातार संपर्क में रहते थे. इसी दौरान किरन का पति कामता निषाद, जो सूरत में मजदूरी करता था, चार महीने पहले गांव लौट आया.

पति के वापस आने के बाद किरन ने विजय से दूरी बनाने की कोशिश की, लेकिन विजय लगातार संपर्क बनाए रखना चाहता था. जांच में सामने आया कि विजय ने दोनों की एक तस्वीर फेसबुक पर पोस्ट कर दी थी. इसके बाद कामता को पत्नी और विजय के संबंधों की जानकारी मिल गई. पुलिस का कहना है कि विजय द्वारा और तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालने की कथित धमकी से पति-पत्नी दोनों परेशान हो गए. इसी के बाद दोनों ने विजय को रास्ते से हटाने की योजना बनाई.

प्रेमिका ने फोन कर बुलाया, पहले से घात लगाए बैठा था पति

एसपी अभिमन्यु मांगलिक के मुताबिक 8 मई को किरन देवी ने विजय को फोन कर मिलने के लिए अपने घर बुलाया. विजय जैसे ही घर पहुंचा, उसे कमरे के अंदर ले जाया गया और दरवाजा बंद कर दिया गया.

कमरे में पहले से मौजूद कामता निषाद ने अचानक उस पर हमला कर दिया. आरोप है कि लकड़ी के चौखट से उसके सिर और शरीर पर कई वार किए गए. हमले में गंभीर रूप से घायल विजय की मौके पर ही मौत हो गई. हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने कमरे में फैले खून के निशानों को साफ करने के लिए फिनाइल और अन्य सफाई सामग्री का इस्तेमाल किया, ताकि किसी को वारदात की भनक न लगे.

शव बोरे में नहीं समाया तो काट दिए हाथ-पैर

हत्या के बाद आरोपियों के सामने सबसे बड़ी समस्या शव को ठिकाने लगाने की थी. पुलिस पूछताछ में सामने आया कि शव बोरे में नहीं आ रहा था. इसके बाद दोनों ने पहले से खरीदे गए ग्राइंडर और आरी ब्लेड का इस्तेमाल किया.

आरोपियों ने शव के हाथ-पैर काटे और फिर उसे बोरे में भर लिया. इसके बाद बाइक के जरिए शव को कानपुर नगर के रेउना थाना क्षेत्र के जंगल में ले जाया गया. वहां शव को जला दिया गया ताकि पहचान और सबूत दोनों खत्म हो जाएं.

यही नहीं, मृतक का मोबाइल फोन, चश्मा, एटीएम कार्ड, पैन कार्ड और अन्य सामान भी अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया गया. आरोपियों को लगा कि उन्होंने पुलिस को हमेशा के लिए गुमराह कर दिया है, लेकिन जांच ने उनका पूरा खेल बिगाड़ दिया.

यूट्यूब और गूगल सर्च हिस्ट्री बनी सबसे बड़ा सबूत

इस मामले में सबसे अहम भूमिका डिजिटल साक्ष्यों ने निभाई. पुलिस ने जब आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. जांच में पता चला कि हत्या के बाद दोनों आरोपी लगातार यूट्यूब और गूगल पर पुलिस को गुमराह करने की जानकारी खोज रहे थे.

उन्होंने हत्या के मामलों में मिलने वाली सजा, फांसी का कानून, आत्मसमर्पण की प्रक्रिया, पुलिस कार्रवाई और एनकाउंटर से जुड़े विषय सर्च किए थे. पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों ने अपराध छिपाने और पुलिस जांच से बचने से जुड़े वीडियो भी देखे थे.

सर्विलांस टीम को मिले इन डिजिटल सबूतों के बाद पुलिस ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की. आखिरकार आरोपी टूट गए और पूरी साजिश स्वीकार कर ली. उनकी निशानदेही पर जंगल से मानव कंकाल के अवशेष, हत्या में प्रयुक्त लकड़ी का चौखट, ग्राइंडर, आरी ब्लेड, बाइक और अन्य सामान बरामद कर लिया गया.

डीएनए जांच से होगी अंतिम पुष्टि, पुलिस टीम को मिला इनाम

एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर बरामद कपड़ों, जूतों और अन्य सामान की पहचान मृतक के परिजनों ने विजय निषाद के रूप में की है. परिजनों ने बरामद नरकंकाल को भी विजय का होना बताया है. हालांकि अंतिम पुष्टि के लिए डीएनए परीक्षण कराया जा रहा है.

उन्होंने बताया कि मामला फतेहपुर, हमीरपुर और कानपुर नगर के कई थाना क्षेत्रों से जुड़ा हुआ था, लेकिन बकेवर पुलिस ने तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले का सफल खुलासा किया है. इस उपलब्धि पर पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है.

दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है. पुलिस अब डीएनए रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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