Fatehpur News: फतेहपुर में प्रधानाध्यापिका से 10000000 की ठगी ! पद दिलाने के नाम पर दिया झांसा, दर्ज हुआ मुकदमा
फतेहपुर के राधानगर थाना क्षेत्र में एक महिला प्रधानाध्यापिका ने मोहल्ले की महिला और उसके सहयोगियों पर आयोग में पद दिलाने के नाम पर करीब एक करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगाया है. पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. आरोप है कि पैसा मांगने पर धमकी और मारपीट की चेतावनी भी दी गई.
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में आयोग में पद दिलाने के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है. तेलियानी ब्लॉक के कम्पोजिट स्कूल में तैनात प्रधानाध्यापिका ने आरोप लगाया है कि मोहल्ले की ही रहने वाली एक महिला ने अपने साथियों के साथ मिलकर उन्हें आयोग में पद दिलाने का भरोसा दिया और अलग-अलग समय पर करीब 1 करोड़ रुपये ले लिए. जब न पद मिला और न रकम वापस हुई तो पीड़िता ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया. आरोप है कि पैसा मांगने पर गाली-गलौज, धमकी और झूठे मुकदमों में फंसाने की बात भी कही गई. मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
आयोग में पद का सपना दिखाकर शुरू हुआ करोड़ों का खेल
शहर के देवीगंज इलाके से जुड़े इसाईपुरवा मोहल्ले की रहने वाली ज्ञानमती देवी ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह तेलियानी ब्लॉक के कम्पोजिट स्कूल सकत हिम्मतपुर में प्रधानाध्यापिका के पद पर तैनात हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके ही मोहल्ले में रहने वाली रंजना सिंह चौहान पुत्री वीर सिंह चौहान ने खुद को प्रभावशाली लोगों से जुड़ा बताते हुए आयोग में पद दिलाने का भरोसा दिया था.

ऑनलाइन और कैश में कई बार दी गई रकम
ज्ञानमती देवी ने पुलिस को बताया कि आरोपित महिला और उसके सहयोगियों ने रकम अलग-अलग माध्यमों से ली. कुछ पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए जबकि कई बार नकद पैसा भी लिया गया. शिक्षिका का कहना है कि उनके पास लेनदेन से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं, जिनमें बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य दस्तावेज शामिल हैं.
पीड़िता के अनुसार लंबे समय तक उन्हें भरोसा दिलाया जाता रहा कि जल्द ही आयोग में पद दिला दिया जाएगा. लेकिन समय बीतने के बाद भी जब कोई नियुक्ति नहीं हुई तो उन्हें शक हुआ. इसके बाद उन्होंने अपना पैसा वापस मांगना शुरू किया. आरोप है कि रकम वापस मांगने पर आरोपितों का व्यवहार बदल गया और वे टालमटोल करने लगे.
पैसा मांगने पर मिली धमकी और मारपीट की चेतावनी
प्रधानाध्यापिका ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि जब उन्होंने सख्ती से पैसा वापस मांगना शुरू किया तो आरोपित महिला गाली-गलौज पर उतर आई. इतना ही नहीं, मारपीट करने और पूरे परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी भी दी गई.
पीड़िता का कहना है कि उन्हें लगातार मानसिक दबाव में रखा गया. आरोपितों ने प्रभाव और पहुंच का डर दिखाकर चुप रहने के लिए कहा. मामला अब मोहल्ले लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है. इतनी बड़ी रकम की ठगी का आरोप सामने आने के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं.
रंजना सिंह चौहान पर दर्ज हुआ मुकदमा
राधानगर थाना पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर आरोपित महिला और उसके अज्ञात सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आखिर पैसा किन खातों में गया और इस पूरे मामले में कितने लोग शामिल हैं. बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और अन्य दस्तावेजों की मदद से मामले की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं. पुलिस इस प्रकरण में संगठित गिरोह होने की भी जांच कर रही है.
अभिमन्यु मांगलिक बोले- जांच में सामने आएंगे पूरे तथ्य
पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि पैसा किसे दिया गया, कहां ट्रांसफर हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं, यह सब पुलिस जांच में स्पष्ट होगा. एसपी ने कहा कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कराई जा रही है.
Fatehpur News: फतेहपुर में प्रधानाध्यापिका से 10000000 की ठगी ! पद दिलाने के नाम पर दिया झांसा, दर्ज हुआ मुकदमा
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में आयोग में पद दिलाने के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है. तेलियानी ब्लॉक के कम्पोजिट स्कूल में तैनात प्रधानाध्यापिका ने आरोप लगाया है कि मोहल्ले की ही रहने वाली एक महिला ने अपने साथियों के साथ मिलकर उन्हें आयोग में पद दिलाने का भरोसा दिया और अलग-अलग समय पर करीब 1 करोड़ रुपये ले लिए. जब न पद मिला और न रकम वापस हुई तो पीड़िता ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया. आरोप है कि पैसा मांगने पर गाली-गलौज, धमकी और झूठे मुकदमों में फंसाने की बात भी कही गई. मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
आयोग में पद का सपना दिखाकर शुरू हुआ करोड़ों का खेल
शहर के देवीगंज इलाके से जुड़े इसाईपुरवा मोहल्ले की रहने वाली ज्ञानमती देवी ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह तेलियानी ब्लॉक के कम्पोजिट स्कूल सकत हिम्मतपुर में प्रधानाध्यापिका के पद पर तैनात हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके ही मोहल्ले में रहने वाली रंजना सिंह चौहान पुत्री वीर सिंह चौहान ने खुद को प्रभावशाली लोगों से जुड़ा बताते हुए आयोग में पद दिलाने का भरोसा दिया था.
पीड़िता के मुताबिक शुरुआत में उन्हें विश्वास में लेने के लिए बड़े-बड़े दावे किए गए. कहा गया कि आयोग में अच्छी पोस्ट लगवाने के लिए कुछ खर्च करना होगा. इसी भरोसे में आकर उन्होंने अलग-अलग समय पर बड़ी रकम आरोपितों को दे दी. मामला धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि कुल रकम करीब एक करोड़ रुपये तक पहुंच गई.
ऑनलाइन और कैश में कई बार दी गई रकम
ज्ञानमती देवी ने पुलिस को बताया कि आरोपित महिला और उसके सहयोगियों ने रकम अलग-अलग माध्यमों से ली. कुछ पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए जबकि कई बार नकद पैसा भी लिया गया. शिक्षिका का कहना है कि उनके पास लेनदेन से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं, जिनमें बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य दस्तावेज शामिल हैं.
पीड़िता के अनुसार लंबे समय तक उन्हें भरोसा दिलाया जाता रहा कि जल्द ही आयोग में पद दिला दिया जाएगा. लेकिन समय बीतने के बाद भी जब कोई नियुक्ति नहीं हुई तो उन्हें शक हुआ. इसके बाद उन्होंने अपना पैसा वापस मांगना शुरू किया. आरोप है कि रकम वापस मांगने पर आरोपितों का व्यवहार बदल गया और वे टालमटोल करने लगे.
पैसा मांगने पर मिली धमकी और मारपीट की चेतावनी
प्रधानाध्यापिका ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि जब उन्होंने सख्ती से पैसा वापस मांगना शुरू किया तो आरोपित महिला गाली-गलौज पर उतर आई. इतना ही नहीं, मारपीट करने और पूरे परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी भी दी गई.
पीड़िता का कहना है कि उन्हें लगातार मानसिक दबाव में रखा गया. आरोपितों ने प्रभाव और पहुंच का डर दिखाकर चुप रहने के लिए कहा. मामला अब मोहल्ले लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है. इतनी बड़ी रकम की ठगी का आरोप सामने आने के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं.
रंजना सिंह चौहान पर दर्ज हुआ मुकदमा
राधानगर थाना पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर आरोपित महिला और उसके अज्ञात सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आखिर पैसा किन खातों में गया और इस पूरे मामले में कितने लोग शामिल हैं. बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और अन्य दस्तावेजों की मदद से मामले की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं. पुलिस इस प्रकरण में संगठित गिरोह होने की भी जांच कर रही है.
अभिमन्यु मांगलिक बोले- जांच में सामने आएंगे पूरे तथ्य
पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि पैसा किसे दिया गया, कहां ट्रांसफर हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं, यह सब पुलिस जांच में स्पष्ट होगा. एसपी ने कहा कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कराई जा रही है.