
Fatehpur News Today: फतेहपुर में तेज आंधी से 5 की मौत ! डेढ़ दर्जन मवेशी भी काल के गाल में समाए
Fatehpur News In Hindi
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फतेहपुर (Fatehpur) जिले में आए तेज आंधी-तूफान ने भयंकर तबाही मचाई. हादसे में एक किशोरी समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि डेढ़ दर्जन से अधिक मवेशियों की जान चली गई. तूफान के कारण दर्जनों गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है.
Fatehpur Storm News: यूपी के फतेहपुर जिले में बुधवार और गुरुवार आए तेज आंधी-तूफान ने कहर बरपाया. बिंदकी और सदर तहसील क्षेत्रों में एक किशोरी समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि डेढ़ दर्जन से अधिक दुधारू मवेशी चपेट में आकर काल के गाल में समा गए. तूफान के चलते पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए जिससे सैकड़ों गांवों में विद्युत आपूर्ति बाधित हुई. प्रशासन नुकसान का आंकलन कर जुटा हुआ है.
तूफान की तबाही से गांवों में मचा हाहाकार

बिंदकी और सदर में पांच मौतें, घरों में मातम
मीडिया को जानकारी देते हुए ADM अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि बिंदकी तहसील के मोहद्दीपुर गांव में रामबाबू (50 वर्ष), आकांक्षा शुक्ला (16 वर्ष), बद्री और उनकी पत्नी शीलावती की मौत हो गई.
डेढ़ दर्जन मवेशियों की मौत, पशुपालकों पर दोहरी मार
तेज हवाओं की चपेट में आकर जिले में कई जगहों पर मवेशी मारे गए. सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक डेढ़ दर्जन से अधिक दुधारू पशु इस प्राकृतिक आपदा में मारे गए हैं. कई मवेशी बिजली के तारों और गिरते पेड़ों के नीचे दबकर मारे गए. पशुपालकों को अब दूध उत्पादन और आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है. प्रशासन ने मृत मवेशियों का पोस्टमार्टम करवा कर राहत राशि देने की बात कही है.
केले की फसल तबाह, किसान बेहाल
तूफान ने केले की खेती को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया. बिंदकी और सदर क्षेत्रों में सैकड़ों एकड़ में फैली केले की फसल तेज हवाओं के कारण पूरी तरह धराशायी हो गई.
किसानों की साल भर की मेहनत चंद मिनटों में बर्बाद हो गई. कई किसान इस आपदा के बाद कर्ज में डूबने की कगार पर पहुंच गए हैं. कृषि विभाग की टीम ने फसल क्षति का आंकलन शुरू कर दिया है ताकि किसानों को मुआवजा दिया जा सके.
प्रशासनिक टीमें राहत कार्य में जुटीं, अधिकारियों का दौरा जारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तूफान के बाद प्रशासन ने तत्काल मौके पर टीमें भेजीं. ADM अविनाश त्रिपाठी, SDM, तहसीलदार, राजस्व कर्मियों व पुलिस बल ने घटनास्थलों का निरीक्षण किया.
अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों को सांत्वना देते हुए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया. विद्युत विभाग की टीम भी टूटे पोल और ट्रांसफार्मर सुधारने में लगी है. प्रशासन ने कहा है कि किसी भी पीड़ित को सहायता के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
