Fatehpur News: आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से अवैध वसूली करतीं सुपरवाइजर कैमरे में कैद ! दर्ज हुआ मुकदमा, मचा हड़कंप
फतेहपुर जिले में बाल विकास पुष्टाहार विभाग से जुड़ा भ्रष्टाचार एक बार फिर उजागर हुआ है. बहुआ ब्लॉक के चकसकरन आंगनबाड़ी केंद्र में सुपरवाइजर द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से अवैध वसूली का वीडियो वायरल होने के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है.
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में बाल विकास पुष्टाहार विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. बहुआ ब्लॉक के चकसकरन आंगनबाड़ी केंद्र में तैनात सुपरवाइजर शारदा देवी को आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से पैसे लेते हुए कैमरे में कैद किया गया. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया.
आंगनबाड़ी केंद्र में सामने आया अवैध वसूली का पूरा मामला
बहुआ ब्लॉक के चकसकरन आंगनबाड़ी केंद्र में सामने आया यह मामला बाल विकास पुष्टाहार योजना की जमीनी सच्चाई को उजागर करता है. वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि सुपरवाइजर शारदा देवी हाथ में रजिस्टर लिए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से पैसे ले रही हैं. बातचीत के दौरान परियोजना के नाम पर राशि आने, उसे जमा करने और हिसाब-किताब से जुड़ी चर्चा भी हो रही है.
इससे यह संकेत मिलता है कि यह वसूली किसी एक दिन की नहीं बल्कि लंबे समय से चल रही प्रक्रिया का हिस्सा रही है. आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों पर योजनाओं और निरीक्षण के नाम पर दबाव बनाकर उनसे पैसे वसूलने की बात अब सार्वजनिक हो चुकी है.
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, विभाग में मचा हड़कंप
स्थानीय स्तर पर चर्चा शुरू हो गई कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से इस तरह की उगाही आखिर किसके संरक्षण में चल रही थी. वीडियो में दिखाई दे रहे स्पष्ट दृश्य विभागीय दावों की पोल खोलते नजर आए. आम लोगों और कर्मचारियों के बीच भी नाराजगी देखी गई, जिससे विभाग की छवि को गहरा नुकसान पहुंचा.
सीडीपीओ की जांच में आरोप सही, पुलिस में दी गई तहरीर
मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लिया और जांच की जिम्मेदारी संबंधित सीडीपीओ को सौंपी. जांच के दौरान वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि की गई, जिसमें आरोप सही पाए गए. इसके बाद सीडीपीओ रवि शास्त्री ने पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर पुलिस को तहरीर दी.
तहरीर के आधार पर सुपरवाइजर शारदा देवी के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों में मुकदमा दर्ज कर लिया गया. यह कार्रवाई विभाग के लिए मजबूरी भी मानी जा रही है, क्योंकि वीडियो सार्वजनिक होने के बाद दबाव लगातार बढ़ रहा था.
थाना प्रभारी का बयान, हर पहलू की जांच में जुटी पुलिस
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस भी सक्रिय हो गई है. थाना प्रभारी हनुमान प्रताप ने बताया कि सुपरवाइजर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वसूली कब से चल रही थी और इसमें कितनी राशि शामिल है. इसके साथ ही यह भी जांच का विषय है कि क्या इस अवैध वसूली में कोई अन्य कर्मचारी या अधिकारी भी शामिल था. आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के बयान दर्ज कर पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है.
निलंबन की प्रक्रिया शुरू, निदेशालय से किया गया पत्राचार
वसूली का वीडियो वायरल होने और जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद विभाग ने सुपरवाइजर के खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी कर ली है. अधिकारियों ने निदेशालय से निलंबन की प्रक्रिया को लेकर पत्राचार किया है. माना जा रहा है कि जल्द ही सुपरवाइजर को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी. यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इससे पूरे तंत्र की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे हैं.
Fatehpur News: आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से अवैध वसूली करतीं सुपरवाइजर कैमरे में कैद ! दर्ज हुआ मुकदमा, मचा हड़कंप
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में बाल विकास पुष्टाहार विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. बहुआ ब्लॉक के चकसकरन आंगनबाड़ी केंद्र में तैनात सुपरवाइजर शारदा देवी को आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से पैसे लेते हुए कैमरे में कैद किया गया. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया.
आंगनबाड़ी केंद्र में सामने आया अवैध वसूली का पूरा मामला
बहुआ ब्लॉक के चकसकरन आंगनबाड़ी केंद्र में सामने आया यह मामला बाल विकास पुष्टाहार योजना की जमीनी सच्चाई को उजागर करता है. वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि सुपरवाइजर शारदा देवी हाथ में रजिस्टर लिए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से पैसे ले रही हैं. बातचीत के दौरान परियोजना के नाम पर राशि आने, उसे जमा करने और हिसाब-किताब से जुड़ी चर्चा भी हो रही है.
इससे यह संकेत मिलता है कि यह वसूली किसी एक दिन की नहीं बल्कि लंबे समय से चल रही प्रक्रिया का हिस्सा रही है. आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों पर योजनाओं और निरीक्षण के नाम पर दबाव बनाकर उनसे पैसे वसूलने की बात अब सार्वजनिक हो चुकी है.
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, विभाग में मचा हड़कंप
जैसे ही वसूली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, बाल विकास पुष्टाहार विभाग में अफरा-तफरी मच गई. वीडियो तेजी से वायरल होने के कारण मामले को दबाना संभव नहीं रहा.
स्थानीय स्तर पर चर्चा शुरू हो गई कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से इस तरह की उगाही आखिर किसके संरक्षण में चल रही थी. वीडियो में दिखाई दे रहे स्पष्ट दृश्य विभागीय दावों की पोल खोलते नजर आए. आम लोगों और कर्मचारियों के बीच भी नाराजगी देखी गई, जिससे विभाग की छवि को गहरा नुकसान पहुंचा.
सीडीपीओ की जांच में आरोप सही, पुलिस में दी गई तहरीर
मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लिया और जांच की जिम्मेदारी संबंधित सीडीपीओ को सौंपी. जांच के दौरान वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि की गई, जिसमें आरोप सही पाए गए. इसके बाद सीडीपीओ रवि शास्त्री ने पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर पुलिस को तहरीर दी.
तहरीर के आधार पर सुपरवाइजर शारदा देवी के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों में मुकदमा दर्ज कर लिया गया. यह कार्रवाई विभाग के लिए मजबूरी भी मानी जा रही है, क्योंकि वीडियो सार्वजनिक होने के बाद दबाव लगातार बढ़ रहा था.
थाना प्रभारी का बयान, हर पहलू की जांच में जुटी पुलिस
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस भी सक्रिय हो गई है. थाना प्रभारी हनुमान प्रताप ने बताया कि सुपरवाइजर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वसूली कब से चल रही थी और इसमें कितनी राशि शामिल है. इसके साथ ही यह भी जांच का विषय है कि क्या इस अवैध वसूली में कोई अन्य कर्मचारी या अधिकारी भी शामिल था. आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के बयान दर्ज कर पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है.
निलंबन की प्रक्रिया शुरू, निदेशालय से किया गया पत्राचार
वसूली का वीडियो वायरल होने और जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद विभाग ने सुपरवाइजर के खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी कर ली है. अधिकारियों ने निदेशालय से निलंबन की प्रक्रिया को लेकर पत्राचार किया है. माना जा रहा है कि जल्द ही सुपरवाइजर को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी. यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इससे पूरे तंत्र की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे हैं.