Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के 250 से अधिक आबादी वाले गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ने की तैयारी ! जानिए क्या है योगी सरकार का प्लान
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ग्रामीण सड़क संपर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 (PMGSY-4) के तहत 250 या उससे अधिक आबादी वाले गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है. इसके लिए जिलों से रिपोर्ट मांगी गई है और डीपीआर तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है.
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के हजारों ग्रामीण परिवारों को जल्द बेहतर सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद है. योगी सरकार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के तहत ऐसे गांवों तक पक्की सड़क पहुंचाने की योजना पर तेजी से काम कर रही है, जो अब तक मुख्य मार्गों से नहीं जुड़ पाए हैं. ग्राम्य विकास विभाग ने जिलों को सर्वे कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं.
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के तहत होगा काम
ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 (PMGSY-4) के तहत उत्तर प्रदेश में ग्रामीण सड़क नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा. योजना के अंतर्गत प्रदेश के आकांक्षी जिलों और आकांक्षी विकास खंडों में स्थित 250 या उससे अधिक आबादी वाले गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी.
डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू

250 और 500 आबादी वाले गांवों को मिलेगा लाभ
कच्चे रास्ते बनेंगे पक्की सड़क
योजना के तहत 500 मीटर या उससे अधिक लंबाई वाले कच्चे मार्गों को पक्की सड़क में बदला जाएगा. इसके लिए जिलेवार सर्वे कराया जा रहा है ताकि ऐसे सभी गांवों और बसावटों की पहचान की जा सके. सर्वे पूरा होने के बाद केंद्र सरकार से बजट की मांग की जाएगी और स्वीकृति मिलने पर निर्माण कार्य शुरू होगा.
ग्रामीणों को मिलेंगे कई बड़े फायदे
सड़क निर्माण के बाद ग्रामीणों को अस्पताल, स्कूल, बाजार और सरकारी सेवाओं तक पहुंचने में आसानी होगी. किसानों को कृषि उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी, परिवहन व्यवस्था बेहतर होगी और गांवों में रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा. सरकार का मानना है कि बेहतर सड़क संपर्क ग्रामीण विकास की रफ्तार को तेज करेगा.
यूपी में पहले से चल रहा है बड़े पैमाने पर सड़क निर्माण
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 25,369.674 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जा रहा है. वहीं PMGSY-3 के तहत फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (Full Depth Reclamation) तकनीक से 5,992.51 करोड़ रुपये की लागत से 5,820 किलोमीटर सड़कें विकसित की जा रही हैं. इसके अलावा 5,160 किलोमीटर बिटुमिनस कंक्रीट सड़कें पहले ही बनाई जा चुकी हैं. अब PMGSY-4 के जरिए ग्रामीण सड़क नेटवर्क को और मजबूत करने की तैयारी है.
Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के 250 से अधिक आबादी वाले गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ने की तैयारी ! जानिए क्या है योगी सरकार का प्लान
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के हजारों ग्रामीण परिवारों को जल्द बेहतर सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद है. योगी सरकार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के तहत ऐसे गांवों तक पक्की सड़क पहुंचाने की योजना पर तेजी से काम कर रही है, जो अब तक मुख्य मार्गों से नहीं जुड़ पाए हैं. ग्राम्य विकास विभाग ने जिलों को सर्वे कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं.
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के तहत होगा काम
ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 (PMGSY-4) के तहत उत्तर प्रदेश में ग्रामीण सड़क नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा. योजना के अंतर्गत प्रदेश के आकांक्षी जिलों और आकांक्षी विकास खंडों में स्थित 250 या उससे अधिक आबादी वाले गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी.
डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू
ग्राम्य विकास विभाग के निर्देश पर उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (UPRRDA) ने सड़क निर्माण के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. सभी जिलों से ऐसे गांवों की सूची मांगी गई है, जहां सड़क निर्माण की जरूरत है. जिलेवार रिपोर्ट मिलने के बाद परियोजना की लागत तय की जाएगी और केंद्र सरकार को वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा.
250 और 500 आबादी वाले गांवों को मिलेगा लाभ
केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार वर्ष 2011 की जनगणना को आधार बनाया गया है. इसके तहत आकांक्षी जिलों और विकास खंडों में 250 या उससे अधिक आबादी वाले बसावटों को मुख्य मार्गों से जोड़ा जाएगा. वहीं 500 या उससे अधिक आबादी वाले बसावटों के लिए भी संपर्क मार्ग विकसित किए जाएंगे.
कच्चे रास्ते बनेंगे पक्की सड़क
योजना के तहत 500 मीटर या उससे अधिक लंबाई वाले कच्चे मार्गों को पक्की सड़क में बदला जाएगा. इसके लिए जिलेवार सर्वे कराया जा रहा है ताकि ऐसे सभी गांवों और बसावटों की पहचान की जा सके. सर्वे पूरा होने के बाद केंद्र सरकार से बजट की मांग की जाएगी और स्वीकृति मिलने पर निर्माण कार्य शुरू होगा.
ग्रामीणों को मिलेंगे कई बड़े फायदे
सड़क निर्माण के बाद ग्रामीणों को अस्पताल, स्कूल, बाजार और सरकारी सेवाओं तक पहुंचने में आसानी होगी. किसानों को कृषि उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी, परिवहन व्यवस्था बेहतर होगी और गांवों में रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा. सरकार का मानना है कि बेहतर सड़क संपर्क ग्रामीण विकास की रफ्तार को तेज करेगा.
यूपी में पहले से चल रहा है बड़े पैमाने पर सड़क निर्माण
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 25,369.674 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जा रहा है. वहीं PMGSY-3 के तहत फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (Full Depth Reclamation) तकनीक से 5,992.51 करोड़ रुपये की लागत से 5,820 किलोमीटर सड़कें विकसित की जा रही हैं. इसके अलावा 5,160 किलोमीटर बिटुमिनस कंक्रीट सड़कें पहले ही बनाई जा चुकी हैं. अब PMGSY-4 के जरिए ग्रामीण सड़क नेटवर्क को और मजबूत करने की तैयारी है.