Fatehpur News: फतेहपुर की इस ग्राम पंचायत में लाखों का घोटाला ! फंसे दो सचिवों को थमाया गया नोटिस, हो सकती है बड़ी कार्रवाई
फतेहपुर के बहुआ ब्लॉक की चकइटौली ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में 7.75 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता उजागर होने के बाद पंचायत विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. जांच में शौचालय, हैंडपंप, स्ट्रीट लाइट, आरसीसी और अन्य निर्माण कार्यों में गड़बड़ी मिलने पर दो ग्राम विकास अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है. संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. सरकंडी और ललौली जैसी बड़ी ग्राम पंचायतों के बाद अब बहुआ विकासखंड की चकइटौली ग्राम पंचायत भी लाखों रुपये के घोटाले को लेकर चर्चा में है. जांच में करीब 7.75 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद पंचायत विभाग ने दो ग्राम विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है.
ग्रामीणों की शिकायत पर खुली गड़बड़ी की परतें
चकइटौली ग्राम पंचायत के संतोष तिवारी, संगम लाल, अवधेश और कमलेश ने पंचायत में कराए गए विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता की शिकायत की थी. शिकायत में व्यक्तिगत और सामुदायिक शौचालय निर्माण, पंचायत भवन मरम्मतीकरण, प्राथमिक विद्यालयों की रंगाई-पुताई एवं सुंदरीकरण, हैंडपंप रीबोर, स्ट्रीट लाइट मरम्मत, ईंट एवं आरसीसी निर्माण कार्यों में वित्तीय गड़बड़ी के आरोप लगाए गए थे. शिकायत के बाद समाज कल्याण विभाग, लघु सिंचाई विभाग और लेखा परीक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम ने पूरे मामले की जांच की.
शौचालय की रकम दूसरे खातों में भेजने का आरोप

हैंडपंप, स्ट्रीट लाइट, ईंट और आरसीसी कार्यों में भी मिली अनियमितता
प्रधान समेत दो सचिवों की भूमिका पर उठे सवाल
जांच रिपोर्ट के अनुसार करीब 7.75 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता में ग्राम प्रधान के साथ ग्राम विकास अधिकारी अनूप सिंह और तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी राजकुमार की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई. इसके बाद दोनों अधिकारियों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं.
डीपीआरओ बोले, संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो होगी कार्रवाई
जिला पंचायत राज अधिकारी रामशंकर वर्मा ने बताया कि दोनों संबंधित ग्राम विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. यदि तय समय के भीतर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया जाता है तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी धन के दुरुपयोग और विकास कार्यों में अनियमितता के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
Fatehpur News: फतेहपुर की इस ग्राम पंचायत में लाखों का घोटाला ! फंसे दो सचिवों को थमाया गया नोटिस, हो सकती है बड़ी कार्रवाई
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. सरकंडी और ललौली जैसी बड़ी ग्राम पंचायतों के बाद अब बहुआ विकासखंड की चकइटौली ग्राम पंचायत भी लाखों रुपये के घोटाले को लेकर चर्चा में है. जांच में करीब 7.75 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद पंचायत विभाग ने दो ग्राम विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है.
ग्रामीणों की शिकायत पर खुली गड़बड़ी की परतें
चकइटौली ग्राम पंचायत के संतोष तिवारी, संगम लाल, अवधेश और कमलेश ने पंचायत में कराए गए विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता की शिकायत की थी. शिकायत में व्यक्तिगत और सामुदायिक शौचालय निर्माण, पंचायत भवन मरम्मतीकरण, प्राथमिक विद्यालयों की रंगाई-पुताई एवं सुंदरीकरण, हैंडपंप रीबोर, स्ट्रीट लाइट मरम्मत, ईंट एवं आरसीसी निर्माण कार्यों में वित्तीय गड़बड़ी के आरोप लगाए गए थे. शिकायत के बाद समाज कल्याण विभाग, लघु सिंचाई विभाग और लेखा परीक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम ने पूरे मामले की जांच की.
शौचालय की रकम दूसरे खातों में भेजने का आरोप
जांच में सामने आया कि शौचालय निर्माण में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया. कई लाभार्थियों के खातों में राशि भेजने के बजाय दूसरे खातों में भुगतान कर दिया गया. भौतिक सत्यापन के दौरान 182 शौचालयों की जांच की गई, जिसमें नौ पात्र लाभार्थियों ने शौचालय का लाभ मिलने से इंकार कर दिया, जबकि कई शौचालय क्षतिग्रस्त या अधूरे पाए गए.
हैंडपंप, स्ट्रीट लाइट, ईंट और आरसीसी कार्यों में भी मिली अनियमितता
जांच टीम को हैंडपंप रीबोरिंग, मरम्मत, स्ट्रीट लाइट, ईंट और आरसीसी निर्माण कार्यों में भी गंभीर खामियां मिलीं. कई कार्य अभिलेखों में पूर्ण दर्शाए गए थे, लेकिन मौके पर उनका कार्य अधूरा मिला. इससे सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि हुई और जांच टीम ने इसे वित्तीय अनियमितता माना.
प्रधान समेत दो सचिवों की भूमिका पर उठे सवाल
जांच रिपोर्ट के अनुसार करीब 7.75 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता में ग्राम प्रधान के साथ ग्राम विकास अधिकारी अनूप सिंह और तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी राजकुमार की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई. इसके बाद दोनों अधिकारियों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं.
डीपीआरओ बोले, संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो होगी कार्रवाई
जिला पंचायत राज अधिकारी रामशंकर वर्मा ने बताया कि दोनों संबंधित ग्राम विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. यदि तय समय के भीतर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया जाता है तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी धन के दुरुपयोग और विकास कार्यों में अनियमितता के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.