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Fatehpur News: फतेहपुर में दहेज के लिए हत्या ! पति, सास और ससुर को उम्रकैद, जानिए क्या था पूरा मामला

Fatehpur News: फतेहपुर में दहेज के लिए हत्या ! पति, सास और ससुर को उम्रकैद, जानिए क्या था पूरा मामला
फतेहपुर में दहेज हत्या करने पर पति सास ससुर को उम्रकैद: Image Credit Original Source

Fatehpur News In Hindi

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में 2013 में हुई दहेज हत्या के दर्दनाक मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए शनिवार को पति, सास और ससुर को उम्रकैद की सजा सुनाई. दोषियों पर 70-70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.

Fatehpur News: यूपी के फतेहपुर जिले के ललौली थाना क्षेत्र के अकिलाबाद गांव में 25 अक्टूबर 2013 को दहेज के लिए विवाहिता रीता सिंह को जिंदा जलाकर मार डाला गया था. करीब 12 साल पुराने इस मामले में लंबी सुनवाई के बाद शनिवार को अपर सत्र न्यायालय संख्या-2 की न्यायाधीश पूजा विश्वकर्मा ने फैसला सुनाया. अदालत ने पति अरुण सिंह उर्फ पप्पू, ससुर धर्मराज सिंह और सास शकुंतला देवी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा और 70-70 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है.

अकिलाबाद गांव की रीता की शादी बनी काल

अकिलाबाद गांव के रहने वाले रामजीत सिंह ने वर्ष 2001 में अपनी बेटी रीता की शादी अरुण सिंह उर्फ पप्पू के साथ की थी. लेकिन शादी के बाद से ही रीता की जिंदगी दहेज प्रताड़ना की यातना में फंस गई. आरोप था कि पति अरुण, ससुर धर्मराज, सास शकुंतला और दोनों देवर लगातार दहेज की मांग करते और रीता को प्रताड़ित करते थे.

25 अक्टूबर 2013 की रात रीता को जिंदा जलाया गया

25 अक्टूबर 2013 की रात रीता के जीवन की आखिरी रात साबित हुई. उसी दिन रीता के भाई प्रदीप को चचेरे भाई विनोद से खबर मिली कि उसकी बहन को पीटा जा रहा है. जब प्रदीप मौके पर पहुंचा तो उसने देखा कि अरुण ने रीता पर मिट्टी का तेल डाल दिया था और सास-ससुर के उकसावे पर उसे जिंदा आग लगा दी गई. जलती हुई रीता की चीखें सुनकर गांव दहल उठा.

पिता की FIR से खुला पूरा मामला

घटना के दो दिन बाद, 27 अक्टूबर 2013 को रीता के पिता रामजीत ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई. इसमें दामाद अरुण, सास शकुंतला, ससुर धर्मराज और दो देवरों पर हत्या का आरोप लगाया गया. विवेचना के दौरान साक्ष्य के अभाव में देवर अखिलेश को केस से बाहर कर दिया गया, जबकि एक नाबालिग देवर का मामला अब भी किशोर न्याय बोर्ड में लंबित है.

Read More: Fatehpur News: आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से अवैध वसूली करतीं सुपरवाइजर कैमरे में कैद ! दर्ज हुआ मुकदमा, मचा हड़कंप

गवाहों की गवाही बनी न्याय की आधारशिला

करीब 12 साल तक चले इस मुकदमे में पांच गवाहों की गवाही सबसे अहम रही. गवाहों ने अदालत में स्पष्ट कहा कि कैसे अरुण ने रीता पर केरोसिन डालकर उसे जिंदा जलाया. गवाही और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने पति, ससुर और सास को दोषी करार दिया और उम्रकैद की सजा सुना दी.

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07 Sep 2025 By Vishwa Deepak Awasthi

Fatehpur News: फतेहपुर में दहेज के लिए हत्या ! पति, सास और ससुर को उम्रकैद, जानिए क्या था पूरा मामला

Fatehpur News In Hindi

Fatehpur News: यूपी के फतेहपुर जिले के ललौली थाना क्षेत्र के अकिलाबाद गांव में 25 अक्टूबर 2013 को दहेज के लिए विवाहिता रीता सिंह को जिंदा जलाकर मार डाला गया था. करीब 12 साल पुराने इस मामले में लंबी सुनवाई के बाद शनिवार को अपर सत्र न्यायालय संख्या-2 की न्यायाधीश पूजा विश्वकर्मा ने फैसला सुनाया. अदालत ने पति अरुण सिंह उर्फ पप्पू, ससुर धर्मराज सिंह और सास शकुंतला देवी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा और 70-70 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है.

अकिलाबाद गांव की रीता की शादी बनी काल

अकिलाबाद गांव के रहने वाले रामजीत सिंह ने वर्ष 2001 में अपनी बेटी रीता की शादी अरुण सिंह उर्फ पप्पू के साथ की थी. लेकिन शादी के बाद से ही रीता की जिंदगी दहेज प्रताड़ना की यातना में फंस गई. आरोप था कि पति अरुण, ससुर धर्मराज, सास शकुंतला और दोनों देवर लगातार दहेज की मांग करते और रीता को प्रताड़ित करते थे.

25 अक्टूबर 2013 की रात रीता को जिंदा जलाया गया

25 अक्टूबर 2013 की रात रीता के जीवन की आखिरी रात साबित हुई. उसी दिन रीता के भाई प्रदीप को चचेरे भाई विनोद से खबर मिली कि उसकी बहन को पीटा जा रहा है. जब प्रदीप मौके पर पहुंचा तो उसने देखा कि अरुण ने रीता पर मिट्टी का तेल डाल दिया था और सास-ससुर के उकसावे पर उसे जिंदा आग लगा दी गई. जलती हुई रीता की चीखें सुनकर गांव दहल उठा.

पिता की FIR से खुला पूरा मामला

घटना के दो दिन बाद, 27 अक्टूबर 2013 को रीता के पिता रामजीत ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई. इसमें दामाद अरुण, सास शकुंतला, ससुर धर्मराज और दो देवरों पर हत्या का आरोप लगाया गया. विवेचना के दौरान साक्ष्य के अभाव में देवर अखिलेश को केस से बाहर कर दिया गया, जबकि एक नाबालिग देवर का मामला अब भी किशोर न्याय बोर्ड में लंबित है.

गवाहों की गवाही बनी न्याय की आधारशिला

करीब 12 साल तक चले इस मुकदमे में पांच गवाहों की गवाही सबसे अहम रही. गवाहों ने अदालत में स्पष्ट कहा कि कैसे अरुण ने रीता पर केरोसिन डालकर उसे जिंदा जलाया. गवाही और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने पति, ससुर और सास को दोषी करार दिया और उम्रकैद की सजा सुना दी.

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