
Fatehpur News: भाजपा नेता रिंकू लोहारी समेत 10 पर हत्या के प्रयास और बलवा का मुकदमा, चौकी के पास ताबड़तोड़ फायरिंग
फतेहपुर के थरियांव थाना क्षेत्र में करोड़ों की विवादित जमीन पर कब्जे और पैमाइश को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए. हसवा चौकी के पास कहासुनी के बाद मारपीट और फायरिंग से अफरा-तफरी मच गई. पुलिस ने दोनों पक्षों के 10 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, बलवा, मारपीट और धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया है.
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के थरियांव थाना क्षेत्र के हसवा में कानपुर-प्रयागराज हाईवे से सटी करोड़ों रुपये की जमीन का पुराना विवाद बुधवार को अचानक खूनी संघर्ष में बदल गया. हसवा पुलिस चौकी से कुछ ही दूरी पर दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट और फायरिंग होने से इलाके में हड़कंप मच गया. पुलिस ने मामले में भाजपा नेता रिंकू लोहारी समेत दोनों पक्षों के 10 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है.
करोड़ों की जमीन को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद
कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर हसवा चौकी के पास स्थित बेशकीमती जमीन को लेकर लंबे समय से दो पक्षों के बीच विवाद चला आ रहा है. बताया जा रहा है कि जमीन की कीमत करोड़ों रुपये में है और इसी जमीन पर कब्जे को लेकर दोनों पक्षों में पिछले करीब एक साल से तनातनी बनी हुई थी.

18 अगस्त 2025 को हुआ था दाखिल खारिज का आदेश
जानकारी के मुताबिक नायब तहसीलदार सदर लक्ष्मी बाजपेयी ने 18 अगस्त 2025 को जमीन के दाखिल खारिज का आदेश किया था. इसके बाद दूसरे पक्ष के शुभम सिंह राठौर ने उपजिलाधिकारी न्यायालय में सरकारी बंटवारे के बाद जमीन पर कब्जा किए जाने को लेकर मुकदमा दर्ज कराया.
शुभम सिंह का आरोप है कि उनके पिता सूर्यभान सिंह उर्फ कल्लू की मृत्यु के बाद उनकी नानी सुनैना देवी पत्नी स्वर्गीय रामचंद्र सिंह ने वर्ष 2022-23 में कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उनके पिता की जमीन अपने नाम दर्शाकर बेच दी. शुभम के मुताबिक जब उन्हें इस मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने एसडीएम सदर न्यायालय में वाद दायर किया.
शुभम सिंह ने जमीन पर अपना हक बताया
पीड़ित शुभम सिंह राठौर का कहना है कि सुनैना देवी की गांव में करीब 15 बिस्वा का बाग ही है और वह वर्तमान में कानपुर में रहती हैं. उनका आरोप है कि इसी विवादित जमीन पर कब्जा करने की कोशिश पहले भी की जा चुकी है.
शुभम के मुताबिक करीब चार महीने पहले भी भाजपा नेताओं की ओर से उनकी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया गया था. उनका कहना है कि जमीन को लेकर मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद कब्जे की कोशिशों से लगातार तनाव बना हुआ था.
दूसरी ओर भाजपा नेता पक्ष का कहना है कि जमीन की बाकायदा रजिस्ट्री उनके पक्ष में है और दाखिल खारिज भी हो चुका है. उनका आरोप है कि दूसरा पक्ष पूरी जमीन पर कब्जा करना चाहता है.
करीब सात करोड़ की जमीन पर होटल निर्माण का दावा
शुभम सिंह राठौर और बीरेंद्र सिंह ने बताया कि उनका परिवार मूल रूप से गाजीपुर थाना क्षेत्र के काजीपुर मजरे शाह गांव का रहने वाला है. करीब 35 वर्ष पहले उनके पिता सूर्यभान सिंह उर्फ कल्लू और मां कृष्णा देवी, भाई बीरेंद्र सिंह और सतेंद्र सिंह के साथ थरियांव थाना क्षेत्र के हसवा में ननिहाल आकर बस गए थे.
उनका दावा है कि उनकी मां और उनके नाम कानपुर-प्रयागराज हाईवे से जुड़ी करीब साढ़े पांच बीघा जमीन है, जिसकी कीमत लगभग सात करोड़ रुपये है. इसी जमीन के एक हिस्से में होटल निर्माण का काम कराया जा रहा है.
पांच गाड़ियों से पहुंचे लोगों के बाद बढ़ा विवाद
बताया गया कि बुधवार दोपहर बवाल से करीब दो घंटे पहले थरियांव थाना प्रभारी शमशेर बहादुर सिंह छुट्टी पर चले गए थे. इसके बाद पांच गाड़ियों से जिला पंचायत सदस्य समेत कुछ लोग विवादित जमीन पर पहुंचे.
आरोप है कि जमीन को अपना बताते हुए वहां पिलर गाड़ने का काम शुरू किया गया. इसी दौरान विवादित जमीन के एक हिस्से में होटल निर्माण करा रहे बीरेंद्र सिंह ने इसका विरोध किया. विरोध के बाद दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई. देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी.
चौकी से कुछ कदम दूर हुई मारपीट और फायरिंग
ग्रामीणों के मुताबिक विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई और फायरिंग भी हुई. हाईवे पर हुई इस घटना से आसपास मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई.
ग्रामीणों का आरोप है कि घटनास्थल से कुछ ही कदम की दूरी पर हसवा पुलिस चौकी मौजूद है, जबकि थरियांव थाना भी ज्यादा दूर नहीं है. इसके बावजूद पुलिस को मौके पर पहुंचने में करीब आधा घंटा लग गया. पुलिस के देर से पहुंचने को लेकर ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं.
पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा
हसवा चौकी प्रभारी अम्बरीश मिश्रा ने भूमि पर कब्जेदारी को लेकर मारपीट और फायरिंग के मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है.
पुलिस के अनुसार विहिप प्रखंड अध्यक्ष अजयराज उर्फ अंशू सिंह, देवेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, सत्येंद्र सिंह और शुभम सिंह के साथ दूसरे पक्ष से भाजपा नेता अजय उर्फ रिंकू सिंह निवासी लोहारी हुसेनगंज, बलराम मिश्रा निवासी सेवरामऊ गाजीपुर, पुत्तू उर्फ सुरेंद्र निवासी थरियांव, दीपू पटेल और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या के प्रयास, बलवा, मारपीट और एक-दूसरे को धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. चौकी प्रभारी का कहना है कि पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया था, लेकिन वे नहीं माने और विवाद बढ़ गया.
पुलिस को दो लाख रुपये देने के आरोप की भी चर्चा
घटना के बाद ग्रामीणों के बीच एक पक्ष द्वारा पुलिस को दो लाख रुपये देने की बात कहे जाने की भी चर्चा रही. कथित तौर पर यह कहा जा रहा था कि पुलिस को पैसे देकर आए हैं और उनका कुछ नहीं हो सकता. वहीं जानकारी के मुताबिक थरियांव थाना प्रभारी शमशेर बहादुर सिंह घटना के दो घंटे पहले छुट्टी पर चले गए जिससे प्रशासनिक स्तर पर भी शक की सुई घूम रही है. एक तरफ जमीन की रजिस्ट्री और दाखिल खारिज को आधार बनाया जा रहा है, तो दूसरी तरफ जमीन के दस्तावेजों और विरासत से जुड़े अधिकारों पर सवाल उठाए जा रहे हैं.
