
Weather Update: यूपी समेत 22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, 80 KM प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं
मानसून के अंतिम दौर में देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 15 सितंबर को उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड समेत 22 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है. कई इलाकों में हवा की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है.
Weather Update In India: मानसून की विदाई से पहले देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज फिर बिगड़ने की संभावना है. मौसम विभाग ने 15 सितंबर के लिए उत्तर प्रदेश समेत 22 राज्यों में भारी बारिश और आंधी को लेकर अलर्ट जारी किया है. इस दौरान कई जगहों पर तेज हवाएं चल सकती हैं, वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ सकता है. पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
22 राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 15 सितंबर को उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, गुजरात और महाराष्ट्र में मौसम खराब रहने की संभावना है.

यूपी और बिहार में भी बिगड़ेगा मौसम
पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड का खतरा
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों में बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है. पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में लगातार बारिश के कारण सड़क मार्ग प्रभावित होने की संभावना रहती है.
मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों को निकलने से पहले स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है.
पूर्वी भारत में वज्रपात का खतरा
झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. इन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली और वज्रपात का खतरा भी बना हुआ है.
बारिश और तेज हवा के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना जरूरी होगा. ग्रामीण और जंगल वाले इलाकों में विशेष सतर्कता की जरूरत है.
आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में तेज हवाओं का असर
बंगाल की खाड़ी में बन रही मौसमी परिस्थितियों के कारण पूर्वी तटीय राज्यों में तेज हवाओं का प्रभाव देखने को मिल सकता है. आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में तेज आंधी के कारण पेड़ और बिजली के खंभे गिरने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं. घने जंगलों और पेड़ों वाले इलाकों में तेज हवाओं के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली
मौसम में बदलाव के पीछे कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय बताई जा रही हैं. उत्तर-पूर्वी असम और उसके आसपास के क्षेत्र में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है. वहीं दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे लगे उत्तर विदर्भ के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. इन मौसमी प्रणालियों के कारण देश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है.
कई राज्यों में तापमान गिरने के आसार
बारिश और बादलों के प्रभाव से कुछ राज्यों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट देखने को मिल सकती है. इससे दिन के समय उमस और गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है. हालांकि बारिश की तीव्रता अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रह सकती है.
नदियों के जलस्तर पर भी नजर
जिन इलाकों में भारी बारिश हो रही है या अगले कुछ दिनों में ज्यादा बारिश की संभावना है, वहां नदियों और जलाशयों के जलस्तर में वृद्धि हो सकती है. निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी जाती है. विशेषकर नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचना बेहतर होगा.
