
Fatehpur News: सीधा स्वर्ग से आई महिला बोली, "मैं जिंदा हूं साहब!" अपने अस्तित्व की तलाश में भटकती रही बुजुर्ग, एसडीएम ने दिए जांच के आदेश
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में सरकारी सिस्टम की ऐसी लापरवाही सामने आई है, जिसे सुनकर लोग भी हैरान हैं. अमौली ब्लॉक की एक बुजुर्ग महिला को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि वह पूरी तरह जीवित हैं. पेंशन बंद होने के बाद उन्हें खुद समाधान दिवस पहुंचकर अधिकारियों से कहना पड़ा, "साहब, मैं जिंदा हूं." मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं.
Fatehpur News: सरकारी दफ्तरों में अक्सर कहा जाता है कि कागज कभी झूठ नहीं बोलते, लेकिन फतेहपुर में कागजों ने ऐसा कमाल कर दिया कि एक जिंदा महिला को ही "स्वर्गवासी" बना दिया. विडंबना यह रही कि सांसें चल रही थीं, मगर सरकारी रिकॉर्ड उन्हें दुनिया से विदा कर चुका था. आखिरकार अपने ही अस्तित्व का सबूत देने के लिए बुजुर्ग महिला को समाधान दिवस पहुंचना पड़ा.
कागजों में मौत, हकीकत में सामने खड़ी थी महिला
मामला जिले के अमौली ब्लॉक के पनेरूवा गांव का है. यहां दिवंगत राधेलाल की पत्नी छोटकी शनिवार को बिंदकी तहसील परिसर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में हाथ में शिकायती पत्र लेकर पहुंचीं. अधिकारियों के सामने अपनी व्यथा सुनाते हुए वह भावुक हो गईं और रोते हुए बोलीं, "साहब, मैं जिंदा हूं. मुझे जीते-जी कागजों में मार दिया गया."
ग्राम पंचायत सचिव पर लगाए गंभीर आरोप

ऐसा सिस्टम कि जिंदा इंसान को देना पड़ा अपने जिंदा होने का सबूत
यह घटना सरकारी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है. जिन रिकॉर्डों के भरोसे सरकारी योजनाएं संचालित होती हैं, उन्हीं रिकॉर्डों ने एक जीवित महिला का अस्तित्व ही खत्म कर दिया. हालात ऐसे बन गए कि बुजुर्ग महिला को अधिकारियों के सामने खड़े होकर कहना पड़ा कि वह अभी जीवित हैं. सरकारी सिस्टम की यह तस्वीर जितनी हैरान करती है, उतनी ही शर्मनाक भी है.
शिकायत सुनते ही अधिकारियों में मच गई हलचल
महिला की फरियाद सुनते ही समाधान दिवस में मौजूद अधिकारी, कर्मचारी और अन्य फरियादी भी हैरान रह गए. मामला सामने आते ही प्रशासन ने इसे गंभीर मानते हुए तत्काल कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी.
एसडीएम निशात तिवारी ने दिए जांच के आदेश
बिंदकी एसडीएम निशात तिवारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए अमौली ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को पूरे प्रकरण की जांच सौंपी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी कर्मचारी की लापरवाही या जानबूझकर रिकॉर्ड में हेराफेरी की पुष्टि होती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और जिम्मेदारी भी तय की जाएगी.
Fatehpur News: सीधा स्वर्ग से आई महिला बोली, "मैं जिंदा हूं साहब!" अपने अस्तित्व की तलाश में भटकती रही बुजुर्ग, एसडीएम ने दिए जांच के आदेश
Fatehpur News: सरकारी दफ्तरों में अक्सर कहा जाता है कि कागज कभी झूठ नहीं बोलते, लेकिन फतेहपुर में कागजों ने ऐसा कमाल कर दिया कि एक जिंदा महिला को ही "स्वर्गवासी" बना दिया. विडंबना यह रही कि सांसें चल रही थीं, मगर सरकारी रिकॉर्ड उन्हें दुनिया से विदा कर चुका था. आखिरकार अपने ही अस्तित्व का सबूत देने के लिए बुजुर्ग महिला को समाधान दिवस पहुंचना पड़ा.
कागजों में मौत, हकीकत में सामने खड़ी थी महिला
मामला जिले के अमौली ब्लॉक के पनेरूवा गांव का है. यहां दिवंगत राधेलाल की पत्नी छोटकी शनिवार को बिंदकी तहसील परिसर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में हाथ में शिकायती पत्र लेकर पहुंचीं. अधिकारियों के सामने अपनी व्यथा सुनाते हुए वह भावुक हो गईं और रोते हुए बोलीं, "साहब, मैं जिंदा हूं. मुझे जीते-जी कागजों में मार दिया गया."
ग्राम पंचायत सचिव पर लगाए गंभीर आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत सचिव ने उन्हें सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज कर दिया. इसके बाद सरकार से मिलने वाली उनकी वृद्धावस्था पेंशन भी बंद हो गई. महिला का कहना है कि वह कई बार अधिकारियों और संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाती रहीं, लेकिन उनकी कहीं सुनवाई नहीं हुई. आखिरकार समाधान दिवस ही उनकी आखिरी उम्मीद बन गया.
ऐसा सिस्टम कि जिंदा इंसान को देना पड़ा अपने जिंदा होने का सबूत
यह घटना सरकारी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है. जिन रिकॉर्डों के भरोसे सरकारी योजनाएं संचालित होती हैं, उन्हीं रिकॉर्डों ने एक जीवित महिला का अस्तित्व ही खत्म कर दिया. हालात ऐसे बन गए कि बुजुर्ग महिला को अधिकारियों के सामने खड़े होकर कहना पड़ा कि वह अभी जीवित हैं. सरकारी सिस्टम की यह तस्वीर जितनी हैरान करती है, उतनी ही शर्मनाक भी है.
शिकायत सुनते ही अधिकारियों में मच गई हलचल
महिला की फरियाद सुनते ही समाधान दिवस में मौजूद अधिकारी, कर्मचारी और अन्य फरियादी भी हैरान रह गए. मामला सामने आते ही प्रशासन ने इसे गंभीर मानते हुए तत्काल कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी.
एसडीएम निशात तिवारी ने दिए जांच के आदेश
बिंदकी एसडीएम निशात तिवारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए अमौली ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को पूरे प्रकरण की जांच सौंपी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी कर्मचारी की लापरवाही या जानबूझकर रिकॉर्ड में हेराफेरी की पुष्टि होती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और जिम्मेदारी भी तय की जाएगी.