
Uttar Pradesh: फतेहपुर हिस्ट्रीशीटर हत्याकांड का खुलासा, महिला समेत 5 गिरफ्तार ! जानिए क्या था कनेक्शन?
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में चर्चित हिस्ट्रीशीटर लक्ष्मी उर्फ रामप्रकाश हत्याकांड का सदर कोतवाली पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस ने एक महिला समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है. जांच में 75 लाख रुपये में बिके मकान, संयुक्त बैंक खाते और लेन-देन को हत्या की मुख्य वजह माना गया है.
Murder In Fatehpur: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में हुए चर्चित हिस्ट्रीशीटर लक्ष्मी उर्फ रामप्रकाश हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक महिला सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया कि संपत्ति के पैसों, संयुक्त बैंक खाते और लेन-देन के चलते इस सनसनीखेज हत्याकांड को जन्म दिया.
29 जुलाई को बकंधा-भैरमपुर मार्ग पर मिला था शव
जिले की सदर कोतवाली क्षेत्र में 29 जुलाई 2026 को बकंधा भट्ठा-भैरमपुर मार्ग पर हिस्ट्रीशीटर लक्ष्मी उर्फ रामप्रकाश का शव बरामद हुआ था. घटना के बाद 30 जुलाई को मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की. मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमों का गठन की गईं साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच शुरू की गई.
सुनियोजित तरीके से की गई थी हत्या

मुखबिर की सूचना पर पांच आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बकंधा ईंट भट्ठा के पास से शिवा लोधी, ईशु लोधी, अनिल कुमार, उसकी पत्नी मीना और श्यामा को गिरफ्तार कर लिया. वहीं मामले का एक अन्य आरोपी अक्षय उर्फ कृष्ण कुमार अभी फरार है उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं. गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल किए गए दो अवैध तमंचे, तीन जिंदा कारतूस, दो मोटरसाइकिल, तीन मोबाइल फोन और 1310 रुपये नकद बरामद किए गए हैं.
75 लाख रुपये में बिके मकान से शुरू हुआ पूरा विवाद
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मृतक का अपने पिता से पारिवारिक विवाद चल रहा था. पिछले वर्ष नवंबर में राधानगर स्थित मकान को 75 लाख रुपये में बेचा गया था. इस रकम में से 37.50 लाख रुपये पिता को, 27.50 लाख रुपये मृतक को मिले थे, जबकि 10 लाख रुपये उसकी बेटी के नाम एफडी कराए गए थे. पुलिस के अनुसार संपत्ति के बंटवारे और पैसों को लेकर विवाद लगातार बढ़ता गया.
संयुक्त बैंक खाते के जरिए पैसों पर बनाया कब्जा
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अनिल कुमार ने मृतक के साथ संयुक्त बैंक खाता खुलवाया था. खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर और बैंक लेन-देन का पूरा संचालन अनिल करता था. पुलिस के मुताबिक इसी माध्यम से मृतक की अधिकांश धनराशि आरोपी के नियंत्रण में पहुंच गई थी.
नशे की लत का उठाया गया फायदा
एएसपी ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि मृतक को नशे की लत थी. आरोपियों ने उसकी इसी कमजोरी का फायदा उठाया और उसे अपने प्रभाव में रखा. मकान बिकने के बाद उसे अपने घर पर रहने दिया गया और धीरे-धीरे सब कुछ अपने नियंत्रण में कर लिया. पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अनिल कुमार और उसकी पत्नी मीना के खिलाफ वर्ष 2021 में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं.
फरार आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
मामले का एक आरोपी अक्षय उर्फ कृष्ण कुमार अभी फरार है. उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं. पुलिस का दावा है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर मामले में आगे की विधिक कार्रवाई पूरी की जाएगी.
Uttar Pradesh: फतेहपुर हिस्ट्रीशीटर हत्याकांड का खुलासा, महिला समेत 5 गिरफ्तार ! जानिए क्या था कनेक्शन?
Murder In Fatehpur: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में हुए चर्चित हिस्ट्रीशीटर लक्ष्मी उर्फ रामप्रकाश हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक महिला सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया कि संपत्ति के पैसों, संयुक्त बैंक खाते और लेन-देन के चलते इस सनसनीखेज हत्याकांड को जन्म दिया.
29 जुलाई को बकंधा-भैरमपुर मार्ग पर मिला था शव
जिले की सदर कोतवाली क्षेत्र में 29 जुलाई 2026 को बकंधा भट्ठा-भैरमपुर मार्ग पर हिस्ट्रीशीटर लक्ष्मी उर्फ रामप्रकाश का शव बरामद हुआ था. घटना के बाद 30 जुलाई को मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की. मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमों का गठन की गईं साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच शुरू की गई.
सुनियोजित तरीके से की गई थी हत्या
रविवार को पुलिस लाइन में अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि विवेचना के दौरान स्पष्ट हुआ कि हत्या पूरी तरह सुनियोजित थी. वारदात के बाद आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने की भी कोशिश की. इसी आधार पर मुकदमे में हत्या और आर्म्स एक्ट की धाराएं बढ़ाई गईं.
मुखबिर की सूचना पर पांच आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बकंधा ईंट भट्ठा के पास से शिवा लोधी, ईशु लोधी, अनिल कुमार, उसकी पत्नी मीना और श्यामा को गिरफ्तार कर लिया. वहीं मामले का एक अन्य आरोपी अक्षय उर्फ कृष्ण कुमार अभी फरार है उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं. गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल किए गए दो अवैध तमंचे, तीन जिंदा कारतूस, दो मोटरसाइकिल, तीन मोबाइल फोन और 1310 रुपये नकद बरामद किए गए हैं.
75 लाख रुपये में बिके मकान से शुरू हुआ पूरा विवाद
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मृतक का अपने पिता से पारिवारिक विवाद चल रहा था. पिछले वर्ष नवंबर में राधानगर स्थित मकान को 75 लाख रुपये में बेचा गया था. इस रकम में से 37.50 लाख रुपये पिता को, 27.50 लाख रुपये मृतक को मिले थे, जबकि 10 लाख रुपये उसकी बेटी के नाम एफडी कराए गए थे. पुलिस के अनुसार संपत्ति के बंटवारे और पैसों को लेकर विवाद लगातार बढ़ता गया.
संयुक्त बैंक खाते के जरिए पैसों पर बनाया कब्जा
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अनिल कुमार ने मृतक के साथ संयुक्त बैंक खाता खुलवाया था. खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर और बैंक लेन-देन का पूरा संचालन अनिल करता था. पुलिस के मुताबिक इसी माध्यम से मृतक की अधिकांश धनराशि आरोपी के नियंत्रण में पहुंच गई थी.
नशे की लत का उठाया गया फायदा
एएसपी ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि मृतक को नशे की लत थी. आरोपियों ने उसकी इसी कमजोरी का फायदा उठाया और उसे अपने प्रभाव में रखा. मकान बिकने के बाद उसे अपने घर पर रहने दिया गया और धीरे-धीरे सब कुछ अपने नियंत्रण में कर लिया. पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अनिल कुमार और उसकी पत्नी मीना के खिलाफ वर्ष 2021 में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं.
फरार आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
मामले का एक आरोपी अक्षय उर्फ कृष्ण कुमार अभी फरार है. उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं. पुलिस का दावा है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर मामले में आगे की विधिक कार्रवाई पूरी की जाएगी.