
Fatehpur News: 5G नेटवर्क नहीं आया तो ग्रामीणों का चढ़ा पारा, टेलीकॉम कर्मचारी को टावर से बांधा, वीडियो वायरल
फतेहपुर में मोबाइल नेटवर्क की समस्या को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा इस कदर भड़क गया कि टावर देखने पहुंचे टेलीकॉम कंपनी के कर्मचारी को ही ग्रामीणों ने पकड़ लिया. आरोप है कि कर्मचारी को रस्सी से टावर के खंभे से बांध दिया गया. मामला बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के हरदौली गांव का है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, हालांकि युगान्तर प्रवाह वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है.
Fatehpur News: गांव में टावर लगा, उम्मीद थी कि अब मोबाइल में नेटवर्क की 'दो-दो लाइन' नहीं बल्कि पूरा नेटवर्क मिलेगा और इंटरनेट भी फर्राटे भरने लगेगा. लेकिन हरदौली गांव के ग्रामीणों का दावा है कि टावर लगने के करीब दो साल बाद भी उनकी नेटवर्क की परेशानी खत्म नहीं हुई. गुरुवार को जब टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी टावर का हाल जानने गांव पहुंचा तो ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया. ग्रामीणों ने कर्मचारी को पकड़ लिया और कथित तौर पर रस्सी से टावर के खंभे से बांध दिया. घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.
टावर खड़ा हो गया, लेकिन नेटवर्क की समस्या नहीं गई
हरदौली गांव में करीब दो साल पहले मोबाइल नेटवर्क के लिए टेलीकॉम कंपनी का टावर लगाया गया था. टावर खड़ा होने के बाद ग्रामीणों को लगा था कि अब मोबाइल चलाने के लिए घर की छत, खेत की मेड़ या किसी ऊंची जगह की तलाश नहीं करनी पड़ेगी.

कर्मचारी पहुंचा तो ग्रामीणों ने घेर लिया
गुरुवार को टेलीकॉम कंपनी का एक कर्मचारी नेटवर्क और टावर की स्थिति देखने हरदौली गांव पहुंचा. कर्मचारी शायद यह सोचकर आया था कि टावर की तकनीकी समस्या देखी जाएगी और ग्रामीणों को नेटवर्क से राहत मिलेगी.
लेकिन गांव पहुंचते ही मामला कुछ अलग ही दिशा में चला गया. ग्रामीणों ने कर्मचारी को घेर लिया. देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और ग्रामीणों ने कथित तौर पर कर्मचारी को पकड़कर टावर के खंभे से रस्सी के सहारे बांध दिया. मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया. यही वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
'नेटवर्क का हिसाब' कर्मचारी से ही मांगने लगे ग्रामीण
ग्रामीणों की नाराजगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस टावर से उन्हें बेहतर नेटवर्क की उम्मीद थी, उसी टावर के पास कर्मचारी को बांध दिया गया.
हालांकि कर्मचारी की ओर से इस घटना को लेकर क्या प्रतिक्रिया दी गई, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है. पुलिस कर्मचारी से पूछताछ कर रही है और घटना के पीछे की पूरी परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी है.
पुलिस पहुंची तो खुला कर्मचारी का 'नेटवर्क'
घटना की सूचना पुलिस तक पहुंची तो बिंदकी कोतवाली की टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने ग्रामीणों को समझाया और स्थिति को शांत कराया. इसके बाद कर्मचारी को टावर से मुक्त कराया गया.
पुलिस के पहुंचने के बाद मामला किसी बड़ी अप्रिय घटना में बदलने से बच गया. अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि ग्रामीणों ने कर्मचारी को किस वजह से बांधा और घटना के दौरान वहां क्या-क्या हुआ.
कोतवाल बोले- किसी को इस तरह बांधना गलत
बिंदकी कोतवाल शैलेष सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी. कर्मचारी को मुक्त कराया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है. उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को इस तरह बांधना गलत है. यदि मामले में शिकायत मिलती है तो उसके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
