
Fatehpur News: सामाजिक सेवा के लिए डॉ. अनुराग श्रीवास्तव सम्मानित, राज्यपाल ने दिया उत्कृष्ट सेवा सम्मान
फतेहपुर के चौधराना निवासी और इंडियन रेडक्रास सोसाइटी फतेहपुर के चेयरमैन डॉ. अनुराग श्रीवास्तव को सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए दूसरी बार "उत्कृष्ट सेवा सम्मान 2025-26" से सम्मानित किया गया. लखनऊ राजभवन में आयोजित इंडियन रेडक्रास सोसाइटी की वार्षिक बैठक में राज्यपाल एवं सोसाइटी की अध्यक्षा आनंदीबेन पटेल और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किया.
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के चौधराना निवासी और इंडियन रेडक्रास सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. अनुराग श्रीवास्तव को सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उनके लगातार किए जा रहे कार्यों के लिए बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है. रविवार 31 अगस्त 2026 को लखनऊ स्थित राजभवन में आयोजित वार्षिक बैठक के दौरान उन्हें "उत्कृष्ट सेवा सम्मान 2025-26" से सम्मानित किया गया. खास बात यह है कि डॉ. अनुराग श्रीवास्तव को यह सम्मान दूसरी बार मिला है.
राजभवन में राज्यपाल ने किया सम्मानित
इंडियन रेडक्रास सोसाइटी उत्तर प्रदेश की वार्षिक सामान्य बैठक लखनऊ के राजभवन में आयोजित हुई. इस दौरान महामहिम राज्यपाल एवं इंडियन रेडक्रास सोसाइटी उत्तर प्रदेश की अध्यक्षा आनंदीबेन पटेल और उपमुख्यमंत्री एवं इंडियन रेडक्रास सोसाइटी उत्तर प्रदेश के सभापति ब्रजेश पाठक ने डॉ. अनुराग श्रीवास्तव को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया.

इस मौके पर रेडक्रास मुख्यालय नई दिल्ली की संयुक्त सचिव प्रतिनिधि वनश्री, उपसभापति अमरनाथ मिश्र, महासचिव रामानंद कटियार और कोषाध्यक्ष अरुण सिंह सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे.
851 टीबी मरीजों को दी पोषण पोटली
डॉ. अनुराग श्रीवास्तव और उनकी टीम ने वर्ष 2025-26 के दौरान टीबी मरीजों की मदद के लिए विशेष अभियान चलाया. इस अवधि में 851 क्षय रोगियों को पोषण पोटली प्रदान की गई.
टीबी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 100 दिवसीय सघन टीबी जागरूकता अभियान भी चलाया गया. यह अभियान जिले के 139 विद्यालयों और बस्तियों तक पहुंचा. इस दौरान लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव, समय पर जांच और इलाज के प्रति जागरूक किया गया.
46 स्कूलों में दिया गया सीपीआर प्रशिक्षण
रेडक्रास सोसाइटी की ओर से स्वास्थ्य और आपातकालीन सहायता को लेकर भी अभियान चलाया गया. डॉ. अनुराग श्रीवास्तव के नेतृत्व में 46 विद्यालयों, पांच कार्यालयों और पीएसी के जवानों को सीपीआर प्रशिक्षण दिया गया.
सीपीआर यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन का प्रशिक्षण आपात स्थिति में किसी व्यक्ति की जान बचाने में महत्वपूर्ण माना जाता है. इस अभियान के जरिए छात्रों, कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों को प्राथमिक आपात सहायता की जानकारी दी गई.
बच्चों को बीमारियों से बचाव के लिए दी गई दवाएं
सामाजिक और स्वास्थ्य सेवा के तहत बच्चों के बीच भी कई अभियान चलाए गए. चिकनपॉक्स और डेंगू से बचाव के लिए 89,370 बच्चों को होम्योपैथिक औषधियां उपलब्ध कराई गईं.
इसके अलावा लू से बचाव के लिए 9,325 बच्चों को तथा कंजक्टिवाइटिस के प्रकोप को कम करने के उद्देश्य से 28,325 बच्चों को होम्योपैथिक औषधि प्रदान की गई.
23 रक्तदान शिविरों का हुआ आयोजन
इंडियन रेडक्रास सोसाइटी फतेहपुर की ओर से रक्तदान के क्षेत्र में भी लगातार काम किया गया. वर्ष 2025-26 के दौरान 23 रक्तदान शिविर आयोजित किए गए. इसके साथ ही डॉ. अनुराग श्रीवास्तव और रेडक्रास की टीम ने जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए अन्य सामाजिक कार्यों में भी भागीदारी की.
बाढ़ और अग्निपीड़ितों की भी की मदद
रेडक्रास सोसाइटी की टीम ने स्वास्थ्य सेवाओं के अलावा आपदा और संकट के समय भी लोगों की मदद की. वर्षभर बाढ़ पीड़ितों, अग्निपीड़ितों और अन्य जरूरतमंद लोगों को सहायता पहुंचाई गई.
डॉ. अनुराग श्रीवास्तव लंबे समय से सामाजिक सेवा से जुड़े हुए हैं और विभिन्न स्वास्थ्य, जागरूकता और राहत अभियानों के जरिए जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने का काम कर रहे हैं.
डॉ. अनुराग ने रेडक्रास परिवार को समर्पित किया सम्मान
सम्मान मिलने के बाद डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने इस उपलब्धि का श्रेय इंडियन रेडक्रास सोसाइटी के पूरे परिवार को दिया. उन्होंने कहा कि यह सम्मान सभी सदस्यों के सहयोग, आशीर्वाद और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है. उन्होंने "उत्कृष्ट सेवा सम्मान 2025-26" को रेडक्रास परिवार के सभी सदस्यों को समर्पित किया. इस अवसर पर फतेहपुर से सचिव अजीत सिंह और आजीवन सदस्य गोरेलाल भी उपस्थित रहे.
