
Fatehpur News: क्या जयराम मान सिंह हत्याकांड को लेकर हटाए गए सीओ सिटी और सदर कोतवाल? पूरे जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म
फतेहपुर के चर्चित अधिवक्ता जयराम मान सिंह हत्याकांड की जांच पर सवाल उठने के बाद पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल हुआ है. सीओ सिटी को हटा दिया गया है और सदर कोतवाल को लाइन हाज़िर कर दिया गया. एसपी की इस कार्रवाई से जिलेभर में चर्चाएं तेज हो गई हैं.
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में अधिवक्ता जयराम मान सिंह हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है. इस बार वजह है हत्याकांड से जुड़े पुलिस अधिकारियों पर की गई कार्रवाई है, बताया जा रहा है अधिवक्ता हत्याकांड ठंडे बस्ते में चले जाने से परिजनों, वकीलों सहित नेता भी नाखुश थें जिसके बाद एसपी ने ठोस कदम उठाते हुए बड़ी कार्रवाई की है. इसके साथ ही साइबर थाने में भी फेरबदल किया गया है.
जयराम मान सिंह हत्याकांड को लेकर बड़ी कार्रवाई

पुलिस की यह कहानी न तो परिजनों को संतुष्ट कर पाई और न ही आम लोगों को. समय बीतता गया, लेकिन जांच आगे बढ़ने के बजाय अधर में लटकी रही. इसी बीच पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े होने लगे और पूरे जिले में यह चर्चा शुरू हो गई कि कहीं सच्चाई को दबाने की कोशिश तो नहीं हो रही. हालांकि पुलिस महकमा इस कार्रवाई को जयराम मान सिंह हत्याकांड से जोड़ कर नहीं देख रही है.
कोतवाल तारकेश्वर राय हुए लाइन हाजिर, सीओ सिटी हटे
साइबर थाना प्रभारी सुनील कुमार सिंह भी लाइन हाजिर
इसके अलावा एसपी अनूप सिंह ने साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह को भी लाइन हाजिर कर दिया गया है. उनकी जगह उसी थाने में तैनात कमर खान को साइबर थाना प्रभारी बनाया गया है. हालांकि कमर पहले भी प्रभारी की भूमिका निभा चुके हैं. माना जा रहा है कि सुनील कुमार सिंह बड़ी जिम्मेदारी देने के लिए साइबर थाने से हटाया गया है.
109 बीघा जमीन, भू माफिया और राजनीतिक दबाव की चर्चाएं
जयराम मान सिंह हत्याकांड के साथ 109 बीघा जमीन का मुद्दा लगातार चर्चा में रहा है. जिले में आम चर्चा है कि हत्या के पीछे केवल कमीशन का विवाद नहीं, बल्कि बड़ी जमीन डील और भू माफिया का नेटवर्क है. लोगों के बीच यह भी चर्चा रही कि एक प्रभावशाली विधायक और एक भू-माफिया का नाम भी जिले में चर्चाओं का विषय है. हालांकि इस बात की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन जांच की धीमी रफ्तार ने इन चर्चाओं को और हवा दी. यह भी कहा जाता रहा कि अंकित मिश्रा से दबाव या प्रलोभन देकर कबूलनामा कराया गया ताकि मामला धीरे-धीरे ठंडा पड़ जाए.
आईजी स्तर तक असंतोष, आगे की जांच पर टिकी निगाहें
विभागीय सूत्रों के मुताबिक अधिवक्ता जयराम मान सिंह हत्याकांड के खुलासे को लेकर आईजी अजय कुमार मिश्र भी संतुष्ट नहीं थे. यही असंतोष अब जिला स्तर की कार्रवाई में साफ नजर आ रहा है. सीओ सिटी, सदर कोतवाल को हटाए जाने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अब जांच को नई दिशा मिलेगी. आने वाले दिनों में क्या इस हत्याकांड से जुड़े बड़े नाम सामने आएंगे या नहीं, इस पर पूरे जिले की निगाहें टिकी हुई हैं.
