Please enable JavaScript to support our website by allowing ads.

Fatehpur News: मंच पर डिप्टी सीएम के स्वास्थ्य के दावे, चंद कदम दूर महिला अस्पताल की ओटी एक महीने से बंद

Fatehpur News: मंच पर डिप्टी सीएम के स्वास्थ्य के दावे, चंद कदम दूर महिला अस्पताल की ओटी एक महीने से बंद
फतेहपुर में डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री करते रहे स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण की बात, चंद कदमों में एक महीने से बंद है जिला महिला अस्पताल की ओटी: Image Yugantar Pravah

फतेहपुर में जिला महिला अस्पताल की ओटी एक महीने से बंद है, जिससे गर्भवती महिलाओं को मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है. बीते दिनों डिप्टी सीएम के स्वास्थ्य दावों के बीच अस्पताल की बदहाली उजागर हुई है. जिम्मेदार विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं और मरीजों की परेशानी लगातार बढ़ रही है.

Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की सच्चाई सरकारी दावों से बिल्कुल उलट नजर आ रही है. मंच पर बीते दिनों डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक स्वास्थ्य और नारी सशक्तिकरण की बात करते रहे, लेकिन कुछ ही कदम दूर महिला अस्पताल की हालत उन दावों की पोल खोलती रही. यहां एक महीने से ऑपरेशन थियेटर (OT) बंद है और गंभीर मरीजों को 10 किलोमीटर दूर मेडिकल कॉलेज भेजा जा रहा है.

एक महीने से बंद ओटी, जोखिम में माताओं की जान

जिला महिला अस्पताल की सबसे महत्वपूर्ण सुविधा, ऑपरेशन थियेटर, पिछले एक महीने से बंद पड़ी है. इसका सीधा असर उन गर्भवती महिलाओं पर पड़ रहा है जिन्हें सीजर की जरूरत होती है. अस्पताल में अब केवल सामान्य प्रसव हो पा रहे हैं, वह भी सीमित संख्या में.

जैसे ही स्थिति जटिल होती है, मरीज को तुरंत मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है. 10 किलोमीटर की दूरी, ट्रैफिक और समय की देरी कई बार जानलेवा साबित हो सकती है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर रास्ते में या सीजर होने में कोई देरी होती है और कोई अनहोनी हो गई तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा.

मंच से दावे, जमीन पर बदहाली

हाल ही में जिले में रेड क्रॉस भवन के उद्घाटन में पहुंचे डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य सेवाओं और नारी सशक्तिकरण को लेकर बड़े-बड़े दावे किए. लेकिन विडंबना यह रही कि जिस महिला अस्पताल की हालत सबसे खराब है, वह उनके कार्यक्रम स्थल से महज कुछ कदमों की दूरी पर था. मंच से मिल रही तालियों और अस्पताल की खामोशी के बीच का यह अंतर एक कड़वा सच बयान करता है. स्थानीय लोग इसे केवल भाषणों तक सीमित विकास बता रहे हैं, जहां जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है.

Read More: Fatehpur News: मैं SIR से तंग आ चुका हूं, बेटी की शादी में छुट्टी नहीं मिल पा रही है, BLO ने उठाया खौफ़नाक कदम

डॉक्टरों की कमी या जिम्मेदारी से बचने की कोशिश

जिला पुरुष और महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेश का कहना है कि सर्जन की नियुक्ति के लिए कई बार पत्राचार किया गया है और सीएमओ से भी डॉक्टरों की मांग की गई है. वहीं सीएमओ डॉ. इश्तियाक अहमद ने हांथ खड़े करते हुए साफ कहा कि जिला अस्पताल अब मेडिकल कॉलेज से संबद्ध है, इसलिए जिम्मेदारी वहां के प्रिंसिपल की है.

Read More: Fatehpur News: फतेहपुर में पुलिस पर हमला ! उग्र भीड़ ने किया पथराव, चौकी इंचार्ज की वर्दी फटी, सिपाही समेत 43 लोगों पर मुकदमा

CMO के बयान से साफ है कि समस्या का समाधान ढूंढने के बजाय जिम्मेदारी तय करने का खेल चल रहा है. जानकारी के मुताबिक कुछ महीने पहले डॉक्टरों की कमी पर सीएचसी के डॉक्टरों को यहां संबद्ध किया गया था लेकिन CMO के बदले तेवर से साफ है कि वो कुछ करना नहीं चाहते.

Read More: Shiksha Mitra News: पिता नहीं रहे, लेकिन अकेला नहीं है परिवार, शिक्षामित्र की बेटी की शादी के लिए साथियों ने बढ़ाया हाथ

मेडिकल कॉलेज ने बुलाए डॉक्टर, यहां चरमराई व्यवस्था

जिला महिला अस्पताल के डॉक्टरों को मेडिकल कॉलेज बुला लिया गया है, जिसके कारण यहां की सेवाएं ठप हो गई हैं. मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राजेश मौर्या ने मीडिया को बयान देते हुए कहा कि व्यवस्थाओं को सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं और समस्याओं का संज्ञान लिया जा रहा है. लेकिन जब जिम्मेदार व्यक्ति जिसने खुद ही डॉक्टरों को बुलाया है अगर वो खुद ऐसी बात करे तो इसे अतिशयोक्ति ही कहा जाएगा.

रेफरल सिस्टम बना खतरा, एक घटना ने खोली पोल

बीते दिनों एक गर्भवती महिला को जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां वह घंटों तक तड़पती रही और उसे समय पर इलाज नहीं मिला. आखिरकार परिजन उसे निजी अस्पताल लेकर गए, जहां मां और बच्चे की जान बच सकी. यह घटना पूरे सिस्टम की नाकामी को उजागर करती है. अगर समय पर इलाज न मिलता, तो यह मामला गंभीर हो सकता था. ऐसे कई मामले लोगों के मन में डर पैदा कर रहे हैं.

क्या केवल आश्वासन से सुधरेगी व्यवस्था

फतेहपुर का महिला अस्पताल अब धीरे-धीरे सीएचसी और पीएचसी जैसी स्थिति में पहुंचता दिख रहा है. चर्चा यह भी है कि आने वाले दिनों में सामान्य प्रसव की सुविधा भी यहां से हटाई जा सकती है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन केवल कागजी प्रयासों और आश्वासनों से काम चलाएगा या फिर जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाए जाएंगे. क्योंकि यहां मुद्दा केवल व्यवस्था का नहीं, बल्कि सीधे तौर पर जच्चा-बच्चा की जिंदगी का है.

12 Apr 2026 By Vishwa Deepak Awasthi

Fatehpur News: मंच पर डिप्टी सीएम के स्वास्थ्य के दावे, चंद कदम दूर महिला अस्पताल की ओटी एक महीने से बंद

Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की सच्चाई सरकारी दावों से बिल्कुल उलट नजर आ रही है. मंच पर बीते दिनों डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक स्वास्थ्य और नारी सशक्तिकरण की बात करते रहे, लेकिन कुछ ही कदम दूर महिला अस्पताल की हालत उन दावों की पोल खोलती रही. यहां एक महीने से ऑपरेशन थियेटर (OT) बंद है और गंभीर मरीजों को 10 किलोमीटर दूर मेडिकल कॉलेज भेजा जा रहा है.

एक महीने से बंद ओटी, जोखिम में माताओं की जान

जिला महिला अस्पताल की सबसे महत्वपूर्ण सुविधा, ऑपरेशन थियेटर, पिछले एक महीने से बंद पड़ी है. इसका सीधा असर उन गर्भवती महिलाओं पर पड़ रहा है जिन्हें सीजर की जरूरत होती है. अस्पताल में अब केवल सामान्य प्रसव हो पा रहे हैं, वह भी सीमित संख्या में.

जैसे ही स्थिति जटिल होती है, मरीज को तुरंत मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है. 10 किलोमीटर की दूरी, ट्रैफिक और समय की देरी कई बार जानलेवा साबित हो सकती है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर रास्ते में या सीजर होने में कोई देरी होती है और कोई अनहोनी हो गई तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा.

मंच से दावे, जमीन पर बदहाली

हाल ही में जिले में रेड क्रॉस भवन के उद्घाटन में पहुंचे डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य सेवाओं और नारी सशक्तिकरण को लेकर बड़े-बड़े दावे किए. लेकिन विडंबना यह रही कि जिस महिला अस्पताल की हालत सबसे खराब है, वह उनके कार्यक्रम स्थल से महज कुछ कदमों की दूरी पर था. मंच से मिल रही तालियों और अस्पताल की खामोशी के बीच का यह अंतर एक कड़वा सच बयान करता है. स्थानीय लोग इसे केवल भाषणों तक सीमित विकास बता रहे हैं, जहां जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है.

डॉक्टरों की कमी या जिम्मेदारी से बचने की कोशिश

जिला पुरुष और महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेश का कहना है कि सर्जन की नियुक्ति के लिए कई बार पत्राचार किया गया है और सीएमओ से भी डॉक्टरों की मांग की गई है. वहीं सीएमओ डॉ. इश्तियाक अहमद ने हांथ खड़े करते हुए साफ कहा कि जिला अस्पताल अब मेडिकल कॉलेज से संबद्ध है, इसलिए जिम्मेदारी वहां के प्रिंसिपल की है.

CMO के बयान से साफ है कि समस्या का समाधान ढूंढने के बजाय जिम्मेदारी तय करने का खेल चल रहा है. जानकारी के मुताबिक कुछ महीने पहले डॉक्टरों की कमी पर सीएचसी के डॉक्टरों को यहां संबद्ध किया गया था लेकिन CMO के बदले तेवर से साफ है कि वो कुछ करना नहीं चाहते.

मेडिकल कॉलेज ने बुलाए डॉक्टर, यहां चरमराई व्यवस्था

जिला महिला अस्पताल के डॉक्टरों को मेडिकल कॉलेज बुला लिया गया है, जिसके कारण यहां की सेवाएं ठप हो गई हैं. मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राजेश मौर्या ने मीडिया को बयान देते हुए कहा कि व्यवस्थाओं को सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं और समस्याओं का संज्ञान लिया जा रहा है. लेकिन जब जिम्मेदार व्यक्ति जिसने खुद ही डॉक्टरों को बुलाया है अगर वो खुद ऐसी बात करे तो इसे अतिशयोक्ति ही कहा जाएगा.

रेफरल सिस्टम बना खतरा, एक घटना ने खोली पोल

बीते दिनों एक गर्भवती महिला को जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां वह घंटों तक तड़पती रही और उसे समय पर इलाज नहीं मिला. आखिरकार परिजन उसे निजी अस्पताल लेकर गए, जहां मां और बच्चे की जान बच सकी. यह घटना पूरे सिस्टम की नाकामी को उजागर करती है. अगर समय पर इलाज न मिलता, तो यह मामला गंभीर हो सकता था. ऐसे कई मामले लोगों के मन में डर पैदा कर रहे हैं.

क्या केवल आश्वासन से सुधरेगी व्यवस्था

फतेहपुर का महिला अस्पताल अब धीरे-धीरे सीएचसी और पीएचसी जैसी स्थिति में पहुंचता दिख रहा है. चर्चा यह भी है कि आने वाले दिनों में सामान्य प्रसव की सुविधा भी यहां से हटाई जा सकती है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन केवल कागजी प्रयासों और आश्वासनों से काम चलाएगा या फिर जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाए जाएंगे. क्योंकि यहां मुद्दा केवल व्यवस्था का नहीं, बल्कि सीधे तौर पर जच्चा-बच्चा की जिंदगी का है.

Latest News

Fatehpur News: फतेहपुर में गूंजा ‘गोमाता राष्ट्रमाता बनाओ’ का स्वर, शबनम बानो और फिदा हुसैन ने भी उठाई आवाज़ Fatehpur News: फतेहपुर में गूंजा ‘गोमाता राष्ट्रमाता बनाओ’ का स्वर, शबनम बानो और फिदा हुसैन ने भी उठाई आवाज़
ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की ‘गविष्ठ गौरक्षार्थ यात्रा’ बुधवार को फतेहपुर पहुंची, जहां विभिन्न स्थानों पर उनका भव्य स्वागत...
Fatehpur News: फतेहपुर में धू-धू कर जले 12 ट्रक, हाईवे किनारे मची अफरा-तफरी, करोड़ों का नुकसान
Aaj Ka Rashifal 26 May 2026: मेष से मीन तक किसको क्या करना है उपाय, जानिए आज का दैनिक राशिफल
UPPCL News: पूर्व विधायक पर बिजली चोरी का मुकदमा ! भाई-भतीजे संग कटिया डालकर चला रहे थे ट्यूबवेल
Uttar Pradesh: यूपी के ग्राम प्रधानों को योगी सरकार का बड़ा तोहफा ! प्रदेश में पहली बार लागू हुई व्यवस्था
UP के बांदा-टांडा के लिए 6500 करोड़ का प्रोजेक्ट: फतेहपुर समेत 6 जिलों की बदलेगी तस्वीर, चमकेगा अवध से बुंदेलखंड
25 मई 2026 का राशिफल: सोमवार को दर्पण देख कर करें यात्रा ! जानिए सभी राशियों का राशिफल

Follow Us