Please enable JavaScript to support our website by allowing ads.

Fatehpur News: फतेहपुर के हसवा बीडीओ पर गिरी गाज ! डिप्टी सीएम से शिकायतों के बाद लखनऊ संबद्ध, अन्य भी जद में

Fatehpur News: फतेहपुर के हसवा बीडीओ पर गिरी गाज ! डिप्टी सीएम से शिकायतों के बाद लखनऊ संबद्ध, अन्य भी जद में
फतेहपुर के हसवा BDO हटाए गए (प्रतीकात्मक फाइल फोटो): Image Credit Original Source

Fatehpur News In Hindi

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फतेहपुर (Fatehpur) जिले के हसवा ब्लॉक में लंबे समय से तैनात खंड विकास अधिकारी सतीश चंद्र पांडेय के खिलाफ आखिरकार बड़ी कार्रवाई हो गई है. डिप्टी सीएम तक शिकायतें पहुंचने के बाद उन्हें हटाकर ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय लखनऊ (Lucknow) में अटैच कर दिया गया है.

Fatehpur News: यूपी के फतेहपुर जिले में हसवा ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी सतीश चंद्र पांडेय को कार्य में लापरवाही और राजनीतिक प्रभाव में काम करने के आरोपों के चलते हटा दिया गया है. उन्हें अब ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय, लखनऊ (Lucknow) में संबद्ध किया गया है. विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई डिप्टी सीएम तक शिकायतें पहुंचने के बाद की गई है. इस कदम से अन्य बीडीओ के लिए भी खतरे की घंटी बज चुकी है.

लंबे समय से हसवा में तैनाती, जनता में थी नाराजगी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सतीश चंद्र पांडेय पिछले काफी समय से हसवा ब्लॉक में बीडीओ के पद पर तैनात थे. हालांकि, उनके कार्यकाल के दौरान आम जनता और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच उनके काम को लेकर भारी असंतोष था.

ग्रामीणों का आरोप था कि बीडीओ सिर्फ चुनिंदा जनप्रतिनिधियों के प्रभाव में रहकर फैसले लेते थे. आम जनता की शिकायतों को नज़रअंदाज़ करना और पंचायतों में विकास कार्यों में रुचि न लेना उनकी पहचान बन गई थी. इन्हीं वजहों से उनके खिलाफ लगातार आवाज़ उठती रही.

विधायक और पुत्र के प्रभाव में काम करने की खुली चर्चा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्थानीय स्तर पर यह चर्चा आम रही कि बीडीओ सतीश चंद्र पांडेय केवल एक विधायक और उनके पुत्र के इशारे पर काम करते थे. कई ग्राम प्रधानों और क्षेत्रीय नेताओं ने इस पक्षपातपूर्ण रवैये पर सवाल उठाए थे.

Read More: Fatehpur News: बेटे की शादी का कार्ड बांटने निकले पिता और भतीजे की मौत, खुशियां बदलीं मातम में

बताया जा रहा है कि योजनाओं की स्वीकृति से लेकर लाभार्थियों के चयन तक, हर निर्णय में राजनीतिक दबाव की भूमिका रही. इस एकतरफा कार्यशैली से क्षेत्र के विकास कार्य भी प्रभावित हुए और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए.

Read More: Fatehpur News: शादी के 10 दिन बाद उजड़ गया शिवम का घर, डंपर की टक्कर से दो युवकों की मौत, एक गंभीर

शिकायतें पहुंचीं डिप्टी सीएम तक, फिर हुई कार्रवाई

स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और कुछ अधिकारियों ने मिलकर बीडीओ की कार्यशैली और अनियमितताओं की शिकायत डिप्टी सीएम तक पहुंचाई थी. सूत्रों के अनुसार इस पर गंभीरता से संज्ञान लिया गया और जांच के बाद बीडीओ सतीश चंद्र पांडेय को लखनऊ (Lucknow) के ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय में संबद्ध कर दिया गया.

Read More: प्यार, शक और कत्ल की खौफनाक कहानी: शादीशुदा प्रेमिका की प्रेमी ने कर दी हत्या, फिर खुद पहुंच गया थाने

ऐरायां बीडीओ पर भी लटक रही कार्रवाई की तलवार

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हसवा के बाद अब ऐरायां ब्लॉक के बीडीओ भी जांच के दायरे में आ गए हैं. उन पर उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, योजनाओं के क्रियान्वयन में ढिलाई और जनता की शिकायतों को अनदेखा करने जैसे गंभीर आरोप हैं.

प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि उनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई हो सकती है. अगर ऐसा होता है तो यह जिले के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है.

जिले भर के BDO हुए सतर्क, शुरू हुआ मंथन

हसवा बीडीओ पर हुई कार्रवाई के बाद जिले के अन्य खंड विकास अधिकारियों में भी हलचल तेज हो गई है. अब वे अपने कार्यों की समीक्षा करने में जुट गए हैं.

जानकारों की मानें तो अगर किसी अधिकारी की कार्यशैली में पारदर्शिता और जवाबदेही नहीं होगी तो उच्च स्तर पर कार्रवाई तय है. प्रशासनिक हलकों में यह भी कहा जा रहा है कि सरकार अब ज़मीनी स्तर पर कार्यों की गुणवत्ता और जनता की संतुष्टि को प्राथमिकता दे रही है.

09 Jun 2025 By Vishwa Deepak Awasthi

Fatehpur News: फतेहपुर के हसवा बीडीओ पर गिरी गाज ! डिप्टी सीएम से शिकायतों के बाद लखनऊ संबद्ध, अन्य भी जद में

Fatehpur News In Hindi

Fatehpur News: यूपी के फतेहपुर जिले में हसवा ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी सतीश चंद्र पांडेय को कार्य में लापरवाही और राजनीतिक प्रभाव में काम करने के आरोपों के चलते हटा दिया गया है. उन्हें अब ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय, लखनऊ (Lucknow) में संबद्ध किया गया है. विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई डिप्टी सीएम तक शिकायतें पहुंचने के बाद की गई है. इस कदम से अन्य बीडीओ के लिए भी खतरे की घंटी बज चुकी है.

लंबे समय से हसवा में तैनाती, जनता में थी नाराजगी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सतीश चंद्र पांडेय पिछले काफी समय से हसवा ब्लॉक में बीडीओ के पद पर तैनात थे. हालांकि, उनके कार्यकाल के दौरान आम जनता और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच उनके काम को लेकर भारी असंतोष था.

ग्रामीणों का आरोप था कि बीडीओ सिर्फ चुनिंदा जनप्रतिनिधियों के प्रभाव में रहकर फैसले लेते थे. आम जनता की शिकायतों को नज़रअंदाज़ करना और पंचायतों में विकास कार्यों में रुचि न लेना उनकी पहचान बन गई थी. इन्हीं वजहों से उनके खिलाफ लगातार आवाज़ उठती रही.

विधायक और पुत्र के प्रभाव में काम करने की खुली चर्चा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्थानीय स्तर पर यह चर्चा आम रही कि बीडीओ सतीश चंद्र पांडेय केवल एक विधायक और उनके पुत्र के इशारे पर काम करते थे. कई ग्राम प्रधानों और क्षेत्रीय नेताओं ने इस पक्षपातपूर्ण रवैये पर सवाल उठाए थे.

बताया जा रहा है कि योजनाओं की स्वीकृति से लेकर लाभार्थियों के चयन तक, हर निर्णय में राजनीतिक दबाव की भूमिका रही. इस एकतरफा कार्यशैली से क्षेत्र के विकास कार्य भी प्रभावित हुए और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए.

शिकायतें पहुंचीं डिप्टी सीएम तक, फिर हुई कार्रवाई

स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और कुछ अधिकारियों ने मिलकर बीडीओ की कार्यशैली और अनियमितताओं की शिकायत डिप्टी सीएम तक पहुंचाई थी. सूत्रों के अनुसार इस पर गंभीरता से संज्ञान लिया गया और जांच के बाद बीडीओ सतीश चंद्र पांडेय को लखनऊ (Lucknow) के ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय में संबद्ध कर दिया गया.

ऐरायां बीडीओ पर भी लटक रही कार्रवाई की तलवार

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हसवा के बाद अब ऐरायां ब्लॉक के बीडीओ भी जांच के दायरे में आ गए हैं. उन पर उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, योजनाओं के क्रियान्वयन में ढिलाई और जनता की शिकायतों को अनदेखा करने जैसे गंभीर आरोप हैं.

प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि उनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई हो सकती है. अगर ऐसा होता है तो यह जिले के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है.

जिले भर के BDO हुए सतर्क, शुरू हुआ मंथन

हसवा बीडीओ पर हुई कार्रवाई के बाद जिले के अन्य खंड विकास अधिकारियों में भी हलचल तेज हो गई है. अब वे अपने कार्यों की समीक्षा करने में जुट गए हैं.

जानकारों की मानें तो अगर किसी अधिकारी की कार्यशैली में पारदर्शिता और जवाबदेही नहीं होगी तो उच्च स्तर पर कार्रवाई तय है. प्रशासनिक हलकों में यह भी कहा जा रहा है कि सरकार अब ज़मीनी स्तर पर कार्यों की गुणवत्ता और जनता की संतुष्टि को प्राथमिकता दे रही है.

Latest News

Fatehpur News: फतेहपुर में बिना मानकों के संचालित हैं सैकड़ों नर्सिंग होम, कोचिंग सेंटर और होटल, क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन? Fatehpur News: फतेहपुर में बिना मानकों के संचालित हैं सैकड़ों नर्सिंग होम, कोचिंग सेंटर और होटल, क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन?
लखनऊ के कोचिंग सेंटर में हुई आग की घटना के बाद पूरे प्रदेश में अग्नि सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ी...
Fatehpur News: बहन की डोली उठने के कुछ घंटे बाद उजड़ गया परिवार, संपत्ति विवाद में भाइयों ने ले ली भाई की जान
लखनऊ अग्निकांड के बाद कानपुर में बड़ा एक्शन, 31 कोचिंग संस्थान सील, बेसमेंट में चल रही क्लासेज पर प्रशासन सख्त
Fatehpur News: शिकायतकर्ता दंपती को थाने में बैठाना पड़ा भारी, बिंदकी कोतवाल समेत 5 पुलिसकर्मियों पर एसपी की बड़ी कार्रवाई
21 जून का राशिफल: किसे मिलेगा व्यापार में लाभ, किसे रहना है सावधान, जानें मेष से मीन तक का दैनिक भाग्यफल
Fatehpur News: भ्रष्टाचार की परतें खोलने वाली 100 पेज की पत्रावली कलेक्ट्रेट से गायब ! मुख्यमंत्री योगी से शिकायत, सरकारी जमीनों पर बड़ा खेल
Fatehpur News: 8 माह की गर्भवती महिला को रोडवेज बस ने कुचला, मौत के बाद 4 घंटे तक बांदा-सागर मार्ग जाम

Follow Us