
Fatehpur UPSRTC: अब होली से चालक परिचालक को मिलेगा अतिरिक्त मानदेय, जानिए कब से लागू होगा नया नियम
फतेहपुर में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने होली से पहले संविदा चालक और परिचालकों को राहत दी है. प्रति किलोमीटर मानदेय बढ़ाने का आदेश जारी हो चुका है, जो एक फरवरी से प्रभावी है. इससे संविदा कर्मियों की मासिक आय में सीधा इजाफा होगा.
Fatehpur UPSRTC News: होली से पहले फतेहपुर के संविदा बस चालक और परिचालकों के लिए खुशखबरी आई है. उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने लंबे समय से लंबित मानदेय बढ़ोतरी के फैसले को लागू कर दिया है. नए नियम के तहत प्रति किलोमीटर भुगतान दर बढ़ाई गई है, जिससे लगातार बस संचालन कर रहे संविदा कर्मियों को अतिरिक्त मानदेय का लाभ मिलने लगा है.
डिपो में सैकड़ों संविदा कर्मियों पर टिका बस संचालन

महीनों से चल रही थी मानदेय बढ़ाने की मांग
संविदा चालक और परिचालकों ने कई बार सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, क्षेत्रीय प्रबंधक और प्रधान प्रबंधक को पत्र लिखकर मानदेय बढ़ाने की मांग की थी. कर्मियों का कहना था कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, जबकि प्रति किलोमीटर भुगतान दर लंबे समय से जस की तस बनी हुई थी. ड्यूटी का समय बढ़ने और जिम्मेदारियां ज्यादा होने के बावजूद मानदेय में कोई सुधार नहीं हुआ था. इन मांगों और हालात को देखते हुए जनवरी माह के अंतिम दिनों में परिवहन निगम के उच्च प्रबंधन ने मानदेय बढ़ाने का आदेश जारी किया.
एक फरवरी से लागू हुआ नया मानदेय नियम
मुख्यमंत्री जनता बस सेवा में अलग और ज्यादा भुगतान
मुख्यमंत्री जनता बस सेवा के तहत चलने वाली बसों में कार्यरत संविदा चालक और परिचालकों को इससे भी अधिक मानदेय मिलेगा. निगम के निर्णय के अनुसार इन कर्मियों को 2 रुपये 32 पैसे प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान किया जाएगा. यह दर सामान्य बस सेवाओं से अधिक है. खास बात यह है कि इन बसों में यात्रियों का दबाव ज्यादा रहता है और संचालन भी लगातार किया जाता है. ऐसे में ज्यादा भुगतान से इन रूटों पर काम कर रहे संविदा कर्मियों को सीधा लाभ मिलेगा.
होली से पहले फैसले ने बढ़ाया कर्मियों का उत्साह
होली जैसे बड़े त्योहार से पहले मानदेय बढ़ोतरी का फैसला लागू होने से संविदा चालक और परिचालकों में संतोष है. कर्मियों का कहना है कि अतिरिक्त मानदेय मिलने से उनका मनोबल बढ़ेगा और वे पहले से अधिक जिम्मेदारी और समर्पण के साथ काम कर पाएंगे. परिवहन निगम के अधिकारियों का भी मानना है कि इससे बस सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी और त्योहारों के दौरान यात्रियों को समय पर और सुरक्षित यात्रा सुविधा मिल सकेगी.
