Please enable JavaScript to support our website by allowing ads.

UP SI Exam 2026: दरोगा भर्ती परीक्षा के सवाल में ‘पंडित’ शब्द से मचा बवाल, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिए जांच के निर्देश

UP SI Exam 2026: दरोगा भर्ती परीक्षा के सवाल में ‘पंडित’ शब्द से मचा बवाल, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिए जांच के निर्देश
दरोगा परीक्षा में पंडित प्रश्न पर सियासत नाराज़ हुए ब्रजेश पाठक (प्रतीकात्मक फोटो): Image Credit Original Source

उत्तर प्रदेश दरोगा भर्ती परीक्षा 2026 में पूछे गए एक सवाल के विकल्प में ‘पंडित’ शब्द शामिल होने पर विवाद खड़ा हो गया है. इस सवाल को लेकर कई नेताओं और संगठनों ने आपत्ति जताई है. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है.

UP SI Exam Pandit 2026: उत्तर प्रदेश में शुरू हुई दरोगा भर्ती परीक्षा 2026 का एक सवाल अचानक विवाद का केंद्र बन गया है. परीक्षा में पूछे गए एक प्रश्न के विकल्पों में ‘पंडित’ शब्द शामिल होने पर कई संगठनों और नेताओं ने इसे आपत्तिजनक बताया है. मामला सामने आने के बाद प्रदेश सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने स्पष्ट कहा कि किसी भी समाज या समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली चीजें स्वीकार्य नहीं हैं और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी.

दरोगा भर्ती परीक्षा के सवाल से उठी नई बहस

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित दरोगा भर्ती परीक्षा शनिवार से प्रदेश भर के विभिन्न केंद्रों पर शुरू हुई. हजारों अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हुए, लेकिन इसी दौरान एक प्रश्न ने अचानक विवाद खड़ा कर दिया.

प्रश्न में पूछा गया था – “अवसर के अनुसार बदलने वाला कौन?” इसके जवाब के विकल्पों में ‘पंडित’ शब्द भी दिया गया था. परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों और कुछ सामाजिक संगठनों ने इस पर आपत्ति जताई. उनका कहना है कि किसी भी जाति या समुदाय से जुड़े शब्द को इस तरह के संदर्भ में इस्तेमाल करना उचित नहीं है. देखते ही देखते यह सवाल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगीं.

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने जताई कड़ी नाराज़गी

विवाद बढ़ने के बाद उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि पुलिस भर्ती परीक्षा में पूछे गए इस प्रश्न के विकल्पों पर उन्हें कड़ी आपत्ति है. ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकार ने इस मामले को गंभीरता से संज्ञान में लिया है.

Read More: खामेनेई का यूपी कनेक्शन: बाराबंकी के किंटूर से ईरान की सर्वोच्च सत्ता तक का सफर

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी प्रश्न के कारण यदि किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचती है तो यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी जाति, समुदाय या परंपरा के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग नहीं होना चाहिए और ऐसी स्थिति पैदा होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.

Read More: UPPSC PCS Result 2024: नेहा पांचाल ने किया टॉप, बेटियों का दबदबा, 932 अभ्यर्थी सफल

सरकार ने दिए तत्काल जांच के आदेश

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि इस पूरे मामले की तत्काल जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने बताया कि जांच के बाद जो भी लोग इस प्रश्न को तैयार करने या परीक्षा में शामिल करने के लिए जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. सरकार का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले प्रश्न बेहद संवेदनशील होते हैं और उन्हें तैयार करते समय हर पहलू का ध्यान रखना जरूरी है.

उन्होंने यह भी दोहराया कि उत्तर प्रदेश सरकार सभी समाजों के सम्मान, समानता और संवेदनशीलता के सिद्धांत पर काम करती है. प्रदेश के हर नागरिक की गरिमा सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की असंवेदनशीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं से गरमाई सियासत

इस मुद्दे को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गर्म हो गई है. बीजेपी के प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्र समेत कई नेताओं ने इस सवाल पर सवाल उठाए हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले प्रश्नों को तैयार करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए.

वहीं सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस छिड़ गई है. कई लोग इसे परीक्षा प्रणाली की लापरवाही बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे गंभीर चूक मान रहे हैं. इस विवाद के बाद भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया पर भी चर्चा शुरू हो गई है.

कांग्रेस ने योगी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

कांग्रेस पार्टी ने इस पूरे मामले को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है. कांग्रेस प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने कहा कि इस तरह के सवालों से ब्राह्मण समाज को अवसरवादी बताने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जातिवादी मानसिकता से ग्रसित होने का आरोप लगाया.

अंशु अवस्थी ने कहा कि ब्राह्मण समाज को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहले शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद सामने आए और अब प्रतियोगी परीक्षा में इस तरह का प्रश्न पूछकर समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाई जा रही है. कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

14 Mar 2026 By Vishwa Deepak Awasthi

UP SI Exam 2026: दरोगा भर्ती परीक्षा के सवाल में ‘पंडित’ शब्द से मचा बवाल, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिए जांच के निर्देश

UP SI Exam Pandit 2026: उत्तर प्रदेश में शुरू हुई दरोगा भर्ती परीक्षा 2026 का एक सवाल अचानक विवाद का केंद्र बन गया है. परीक्षा में पूछे गए एक प्रश्न के विकल्पों में ‘पंडित’ शब्द शामिल होने पर कई संगठनों और नेताओं ने इसे आपत्तिजनक बताया है. मामला सामने आने के बाद प्रदेश सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने स्पष्ट कहा कि किसी भी समाज या समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली चीजें स्वीकार्य नहीं हैं और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी.

दरोगा भर्ती परीक्षा के सवाल से उठी नई बहस

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित दरोगा भर्ती परीक्षा शनिवार से प्रदेश भर के विभिन्न केंद्रों पर शुरू हुई. हजारों अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हुए, लेकिन इसी दौरान एक प्रश्न ने अचानक विवाद खड़ा कर दिया.

प्रश्न में पूछा गया था – “अवसर के अनुसार बदलने वाला कौन?” इसके जवाब के विकल्पों में ‘पंडित’ शब्द भी दिया गया था. परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों और कुछ सामाजिक संगठनों ने इस पर आपत्ति जताई. उनका कहना है कि किसी भी जाति या समुदाय से जुड़े शब्द को इस तरह के संदर्भ में इस्तेमाल करना उचित नहीं है. देखते ही देखते यह सवाल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगीं.

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने जताई कड़ी नाराज़गी

विवाद बढ़ने के बाद उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि पुलिस भर्ती परीक्षा में पूछे गए इस प्रश्न के विकल्पों पर उन्हें कड़ी आपत्ति है. ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकार ने इस मामले को गंभीरता से संज्ञान में लिया है.

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी प्रश्न के कारण यदि किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचती है तो यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी जाति, समुदाय या परंपरा के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग नहीं होना चाहिए और ऐसी स्थिति पैदा होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.

सरकार ने दिए तत्काल जांच के आदेश

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि इस पूरे मामले की तत्काल जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने बताया कि जांच के बाद जो भी लोग इस प्रश्न को तैयार करने या परीक्षा में शामिल करने के लिए जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. सरकार का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले प्रश्न बेहद संवेदनशील होते हैं और उन्हें तैयार करते समय हर पहलू का ध्यान रखना जरूरी है.

उन्होंने यह भी दोहराया कि उत्तर प्रदेश सरकार सभी समाजों के सम्मान, समानता और संवेदनशीलता के सिद्धांत पर काम करती है. प्रदेश के हर नागरिक की गरिमा सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की असंवेदनशीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं से गरमाई सियासत

इस मुद्दे को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गर्म हो गई है. बीजेपी के प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्र समेत कई नेताओं ने इस सवाल पर सवाल उठाए हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले प्रश्नों को तैयार करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए.

वहीं सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस छिड़ गई है. कई लोग इसे परीक्षा प्रणाली की लापरवाही बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे गंभीर चूक मान रहे हैं. इस विवाद के बाद भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया पर भी चर्चा शुरू हो गई है.

कांग्रेस ने योगी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

कांग्रेस पार्टी ने इस पूरे मामले को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है. कांग्रेस प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने कहा कि इस तरह के सवालों से ब्राह्मण समाज को अवसरवादी बताने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जातिवादी मानसिकता से ग्रसित होने का आरोप लगाया.

अंशु अवस्थी ने कहा कि ब्राह्मण समाज को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहले शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद सामने आए और अब प्रतियोगी परीक्षा में इस तरह का प्रश्न पूछकर समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाई जा रही है. कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

Latest News

Accident In Fatehpur: फतेहपुर में बारातियों से भरी बस डंपर से टकराकर पलटी, बड़ी संख्या में घायल Accident In Fatehpur: फतेहपुर में बारातियों से भरी बस डंपर से टकराकर पलटी, बड़ी संख्या में घायल
फतेहपुर के असोथर क्षेत्र में शनिवार रात बारातियों से भरी मिनी बस डंपर से टकराकर खंती में पलट गई. हादसे...
आज का राशिफल 25 अप्रैल 2026: शनिवार के दिन कैसे रहेंगे आपके ग्रह, जानिए दैनिक भाग्यफल में क्या कहते हैं सितारे
Fatehpur News: फतेहपुर में पूर्व मंत्री धुन्नी सिंह की तहरीर पर सपा मीडिया सेल के एक्स अकाउंट पर दर्ज हुआ मुकदमा
Uttar Pradesh: यूपी के किसान 30 तारीख तक करा लें ये काम, नहीं बंद हो जाएगा सरकारी योजनाओं का लाभ
Fatehpur News: बेटे की शादी का कार्ड बांटने निकले पिता और भतीजे की मौत, खुशियां बदलीं मातम में
UP Board Results 2026: फतेहपुर के अभिषेक तिवारी ने रचा इतिहास ! किसान के बेटे ने 97% अंक लाकर प्रदेश में हासिल की 5वीं रैंक
आज का राशिफल 24 अप्रैल 2026: मेष से लेकर मीन तक क्या कहते हैं आपके ग्रह, जानिए दैनिक भाग्यफल

Follow Us