PM Kisan 22nd Installment 2026: जारी हुई 22वीं किस्त, लेकिन कई किसानों के खाते में नहीं पहुंचे 2000 रुपये, तुरंत करें ये 5 काम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त जारी कर दी है. असम के गुवाहाटी से 9.32 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 18,640 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए. हालांकि कई किसानों के खाते में 2000 रुपये नहीं पहुंचे. अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है तो 5 जरूरी चीजें तुरंत चेक करनी होंगी.
PM Kisan 22nd Installment 2026: देश के करोड़ों किसानों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त जारी कर दी है. असम के गुवाहाटी से सिंगल क्लिक के जरिए करोड़ों किसानों के बैंक खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर किए गए. हालांकि कई किसान ऐसे भी हैं जिनके खाते में अभी तक 2000 रुपये नहीं पहुंचे. ऐसे में किसानों को कुछ जरूरी प्रक्रियाएं तुरंत जांचनी चाहिए.
गुवाहाटी से जारी हुई पीएम किसान की 22वीं किस्त
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को असम के गुवाहाटी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त जारी की. सिंगल क्लिक के जरिए देश के 9.32 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 18,640 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए. यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT के माध्यम से भेजी गई.
फरवरी 2019 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक किसानों के खातों में 4.09 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी जा चुकी है. यह योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए बड़ी आर्थिक मदद मानी जाती है और खेती से जुड़े खर्चों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
पीएम किसान योजना क्या है, किसानों को कैसे मिलता है लाभ
इस तरह एक साल में तीन किस्तों के रूप में कुल 6000 रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजे जाते हैं. सरकार यह पैसा DBT के माध्यम से ट्रांसफर करती है जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जाती है. देश के करोड़ों किसानों के लिए यह योजना खेती के खर्चों को संभालने में काफी मददगार साबित हो रही है.
कई किसानों के खाते में क्यों नहीं पहुंचे 2000 रुपये
हालांकि सरकार ने करोड़ों किसानों के खातों में पैसा भेज दिया है, लेकिन कई किसानों को अभी तक किस्त नहीं मिली है. इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं. सबसे आम कारण e-KYC का अपडेट न होना है. अगर किसान ने PM किसान पोर्टल पर अपनी e-KYC पूरी नहीं की है तो उसकी किस्त रोक दी जाती है.
इसके अलावा आधार और बैंक खाते के बीच लिंक न होना भी भुगतान रुकने की वजह बन सकता है. कई बार आवेदन में नाम की स्पेलिंग गलत होना, जन्मतिथि में गलती या दस्तावेजों में मिसमैच होने के कारण भी किस्त नहीं पहुंच पाती.
किसानों को तुरंत पूरे करने होंगे ये 5 जरूरी काम
अगर किसान चाहते हैं कि उनकी किस्त बिना किसी रुकावट के खाते में पहुंचे तो उन्हें पांच जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी. सबसे पहले e-KYC को अपडेट करना जरूरी है, जिसे PM किसान पोर्टल पर OTP या फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए किया जा सकता है.
दूसरा आधार सीडिंग है यानी बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए और DBT सक्रिय होना चाहिए. तीसरा लैंड सीडिंग है जिसमें जमीन के दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है. चौथा बैंक अकाउंट KYC है ताकि बैंक रिकॉर्ड में कोई गलती न हो. पांचवां फार्मर आईडी है. अगर फार्मर आईडी में कोई गड़बड़ी होगी तो किस्त रुक सकती है.
लाभार्थी सूची में ऐसे चेक करें अपना नाम
अगर किसी किसान को यह देखना है कि उसका नाम लाभार्थी सूची में है या नहीं, तो वह pmkisan.gov.in वेबसाइट पर जाकर यह जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकता है. वेबसाइट के फॉर्मर कॉर्नर सेक्शन में लाभार्थी सूची का विकल्प दिया गया है. यहां किसान अपना राज्य, जिला और ब्लॉक चुनकर सूची में अपना नाम देख सकते हैं.
सरकार के नियमों के अनुसार अगर किसी किसान ने 1 फरवरी 2019 के बाद जमीन खरीदी है तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा. साथ ही एक परिवार से केवल एक ही सदस्य इस योजना का लाभ उठा सकता है.
लगातार किस्त नहीं मिलने पर यहां करें शिकायत
कई किसानों की शिकायत रहती है कि उन्हें कई किस्तों का पैसा नहीं मिला. अगर किसी किसान को लगातार तीन किस्तें नहीं मिली हैं तो उसे तुरंत अपनी e-KYC और अन्य दस्तावेजों की स्थिति जांचनी चाहिए. अगर सभी जानकारी सही होने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ है तो किसान अपने जिले की शिकायत निवारण निगरानी समिति से संपर्क कर सकते हैं. इन समितियों का गठन खास तौर पर ऐसे मामलों के समाधान के लिए किया गया है ताकि पात्र किसानों को योजना का लाभ मिल सके.
PM Kisan 22nd Installment 2026: जारी हुई 22वीं किस्त, लेकिन कई किसानों के खाते में नहीं पहुंचे 2000 रुपये, तुरंत करें ये 5 काम
PM Kisan 22nd Installment 2026: देश के करोड़ों किसानों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त जारी कर दी है. असम के गुवाहाटी से सिंगल क्लिक के जरिए करोड़ों किसानों के बैंक खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर किए गए. हालांकि कई किसान ऐसे भी हैं जिनके खाते में अभी तक 2000 रुपये नहीं पहुंचे. ऐसे में किसानों को कुछ जरूरी प्रक्रियाएं तुरंत जांचनी चाहिए.
गुवाहाटी से जारी हुई पीएम किसान की 22वीं किस्त
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को असम के गुवाहाटी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त जारी की. सिंगल क्लिक के जरिए देश के 9.32 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 18,640 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए. यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT के माध्यम से भेजी गई.
फरवरी 2019 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक किसानों के खातों में 4.09 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी जा चुकी है. यह योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए बड़ी आर्थिक मदद मानी जाती है और खेती से जुड़े खर्चों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
पीएम किसान योजना क्या है, किसानों को कैसे मिलता है लाभ
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को की गई थी. इस योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है. इसके तहत पात्र किसानों को हर चार महीने में 2000 रुपये की किस्त दी जाती है.
इस तरह एक साल में तीन किस्तों के रूप में कुल 6000 रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजे जाते हैं. सरकार यह पैसा DBT के माध्यम से ट्रांसफर करती है जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जाती है. देश के करोड़ों किसानों के लिए यह योजना खेती के खर्चों को संभालने में काफी मददगार साबित हो रही है.
कई किसानों के खाते में क्यों नहीं पहुंचे 2000 रुपये
हालांकि सरकार ने करोड़ों किसानों के खातों में पैसा भेज दिया है, लेकिन कई किसानों को अभी तक किस्त नहीं मिली है. इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं. सबसे आम कारण e-KYC का अपडेट न होना है. अगर किसान ने PM किसान पोर्टल पर अपनी e-KYC पूरी नहीं की है तो उसकी किस्त रोक दी जाती है.
इसके अलावा आधार और बैंक खाते के बीच लिंक न होना भी भुगतान रुकने की वजह बन सकता है. कई बार आवेदन में नाम की स्पेलिंग गलत होना, जन्मतिथि में गलती या दस्तावेजों में मिसमैच होने के कारण भी किस्त नहीं पहुंच पाती.
किसानों को तुरंत पूरे करने होंगे ये 5 जरूरी काम
अगर किसान चाहते हैं कि उनकी किस्त बिना किसी रुकावट के खाते में पहुंचे तो उन्हें पांच जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी. सबसे पहले e-KYC को अपडेट करना जरूरी है, जिसे PM किसान पोर्टल पर OTP या फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए किया जा सकता है.
दूसरा आधार सीडिंग है यानी बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए और DBT सक्रिय होना चाहिए. तीसरा लैंड सीडिंग है जिसमें जमीन के दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है. चौथा बैंक अकाउंट KYC है ताकि बैंक रिकॉर्ड में कोई गलती न हो. पांचवां फार्मर आईडी है. अगर फार्मर आईडी में कोई गड़बड़ी होगी तो किस्त रुक सकती है.
लाभार्थी सूची में ऐसे चेक करें अपना नाम
अगर किसी किसान को यह देखना है कि उसका नाम लाभार्थी सूची में है या नहीं, तो वह pmkisan.gov.in वेबसाइट पर जाकर यह जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकता है. वेबसाइट के फॉर्मर कॉर्नर सेक्शन में लाभार्थी सूची का विकल्प दिया गया है. यहां किसान अपना राज्य, जिला और ब्लॉक चुनकर सूची में अपना नाम देख सकते हैं.
सरकार के नियमों के अनुसार अगर किसी किसान ने 1 फरवरी 2019 के बाद जमीन खरीदी है तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा. साथ ही एक परिवार से केवल एक ही सदस्य इस योजना का लाभ उठा सकता है.
लगातार किस्त नहीं मिलने पर यहां करें शिकायत
कई किसानों की शिकायत रहती है कि उन्हें कई किस्तों का पैसा नहीं मिला. अगर किसी किसान को लगातार तीन किस्तें नहीं मिली हैं तो उसे तुरंत अपनी e-KYC और अन्य दस्तावेजों की स्थिति जांचनी चाहिए. अगर सभी जानकारी सही होने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ है तो किसान अपने जिले की शिकायत निवारण निगरानी समिति से संपर्क कर सकते हैं. इन समितियों का गठन खास तौर पर ऐसे मामलों के समाधान के लिए किया गया है ताकि पात्र किसानों को योजना का लाभ मिल सके.