Who Is IPS Abhimanyu Manglik: फतेहपुर के नए कप्तान अभिमन्यु मांगलिक, 41 से ज्यादा एनकाउंटर, CA की नौकरी छोड़ पहनी खाकी
IPS Transfer In UP: उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 2018 बैच के आईपीएस अभिमन्यु मांगलिक को फतेहपुर का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया है. भदोही के एसपी रहे मांगलिक अपने तेजतर्रार एक्शन, 40 से अधिक एनकाउंटर और सख्त पुलिसिंग के लिए जाने जाते हैं. उनका सफर CA से IPS बनने तक बेहद प्रेरणादायक है.
Who Is IPS Abhimanyu Manglik: उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए योगी सरकार ने शुक्रवार देर रात सात आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया. इसी क्रम में फतेहपुर के पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार सिंह को हटाकर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है और उनकी जगह 2018 बैच के आईपीएस अभिमन्यु मांगलिक को जिले की कमान सौंपी गई है. युवा, तेजतर्रार और सख्त छवि वाले अभिमन्यु मांगलिक अपने नौ साल के करियर में कई बड़े ऑपरेशन और एनकाउंटर के लिए पहचाने जाते हैं.
CA की पढ़ाई से खाकी तक का सफर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फतेहपुर के नए पुलिस कप्तान अभिमन्यु मांगलिक का जन्म 2 फरवरी 1991 को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में हुआ. उनके पिता प्रमोद मांगलिक पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और परिवार का माहौल शुरू से ही पढ़ाई-लिखाई वाला रहा. अभिमन्यु की शुरुआती पढ़ाई बुलंदशहर के निर्मल कॉन्वेंट स्कूल में हुई.
साल 2007 में उन्होंने सीबीएसई बोर्ड से हाईस्कूल फर्स्ट डिवीजन में पास किया. इसके बाद उनके पिता ने उन्हें बेहतर शिक्षा के लिए दिल्ली भेज दिया. दिल्ली पब्लिक स्कूल से 2009 में इंटरमीडिएट पास करने के बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला लिया और 2012 में बीकॉम की पढ़ाई पूरी की.
इसके बाद अभिमन्यु ने ICAT दिल्ली से चार्टर्ड अकाउंटेंसी की पढ़ाई पूरी की. पढ़ाई खत्म होते ही उन्हें निजी कंपनियों से कई जॉब ऑफर मिले और उन्होंने RECL में करीब 16 लाख रुपये सालाना पैकेज पर नौकरी भी शुरू कर दी. लेकिन कुछ ही समय बाद उन्हें महसूस हुआ कि कॉर्पोरेट नौकरी उन्हें संतुष्टि नहीं दे रही. यहीं से उनके मन में सिविल सेवा में जाने का विचार मजबूत हो गया.
नौकरी करते हुए शुरू की UPSC की तैयारी
अभिमन्यु मांगलिक ने सिविल सेवा की तैयारी अचानक नहीं बल्कि बेहद सोच-समझकर शुरू की. उन्होंने शुरुआत में अपनी नौकरी नहीं छोड़ी और दिन में नौकरी करने के बाद रात में पांच से छह घंटे पढ़ाई करते थे. उनके कई दोस्त और परिचित उन्हें समझाते कि इतनी अच्छी नौकरी छोड़कर सिविल सेवा की तैयारी करना जोखिम भरा फैसला है.
लेकिन अभिमन्यु ने इन बातों को नजरअंदाज किया. उनका मानना था कि अगर जीवन में संतोष नहीं है तो सफलता का कोई मतलब नहीं. आखिरकार साल 2016 में उन्होंने नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह यूपीएससी की तैयारी में जुट गए.
लगातार मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने परीक्षा पास कर ली और 2018 बैच में भारतीय पुलिस सेवा के लिए चयनित हुए. रिजल्ट आने के बाद परिवार, रिश्तेदार और दोस्तों में खुशी की लहर दौड़ गई. उनके कई दोस्तों को शुरुआत में यकीन ही नहीं हुआ कि उन्होंने यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा पास कर ली है.
बरेली से वाराणसी तक, अपराधियों के खिलाफ सख्त एक्शन
ट्रेनिंग के बाद अभिमन्यु मांगलिक की पहली पोस्टिंग बरेली में हुई. यहां उन्होंने ड्रग्स माफिया के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया. बरेली के फरीदपुर और आसपास के इलाकों में ड्रग्स सप्लाई का बड़ा नेटवर्क सक्रिय था.
अभिमन्यु ने सबसे पहले गैंग्स की पहचान कराई और मुखबिरों का नेटवर्क मजबूत किया. इसके बाद पुलिस टीम ने लगातार कार्रवाई करते हुए कई गैंग्स का पर्दाफाश किया. तीन महीने के अभियान में करीब 200 ड्रग्स डीलरों के खिलाफ कार्रवाई की गई.
इस ऑपरेशन के बाद कई बड़े माफिया जिला छोड़कर फरार हो गए. इसके अलावा उन्होंने साइबर क्राइम से जुड़े मामलों की भी गंभीरता से जांच की. उनकी रणनीति और सख्त पुलिसिंग के कारण अपराधियों में खौफ पैदा हो गया.
डेढ़ लाख के इनामी बदमाश मोनू चौहान का एनकाउंटर
अभिमन्यु मांगलिक की बहादुरी का एक बड़ा उदाहरण वाराणसी में देखने को मिला, जब उन्होंने डेढ़ लाख रुपये के इनामी बदमाश मोनू चौहान के खिलाफ ऑपरेशन लीड किया.
नवंबर 2020 में मोनू चौहान अपने गैंग के साथ लगातार लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दे रहा था. उसने एक महिला को गोली मार दी थी और कई व्यापारी भी उसके निशाने पर थे. सारनाथ थाना क्षेत्र में पुलिस को सूचना मिली कि मोनू चौहान बाइक से इलाके में आने वाला है.
चेकिंग के दौरान उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें एक कॉन्स्टेबल और एक दरोगा घायल हो गए. इसके बाद पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी. करीब 20 मिनट तक चली मुठभेड़ के बाद मोनू चौहान को गोली लगी.
उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मौके से पुलिस को एक पिस्टल, बाइक और भारी मात्रा में कारतूस मिले. मोनू चौहान पर हत्या, लूट और गैंगस्टर एक्ट समेत 18 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज थे.
41 से ज्यादा एनकाउंटर और सख्त पुलिसिंग की पहचान
करीब नौ साल के अपने पुलिस करियर में अभिमन्यु मांगलिक ने 41 से अधिक एनकाउंटर ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई है. उनकी रणनीति और तेज कार्रवाई के कारण कई कुख्यात अपराधियों ने पुलिस के सामने सरेंडर भी किया है.
अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख के साथ-साथ वह तकनीक और आधुनिक पुलिसिंग पर भी जोर देते हैं. सहारनपुर में एसपी सिटी रहते हुए उन्होंने कई संगठित अपराध मामलों को सुलझाया. इसी दौरान उनकी रिपोर्ट पर माफिया से जमीन खरीदने वाले एक इंस्पेक्टर को बर्खास्त भी किया गया था. इसके अलावा वह राज्यपाल के एडीसी भी रह चुके हैं और उन्हें उत्कृष्ट कार्य के लिए डीजीपी सिल्वर मेडल से सम्मानित किया जा चुका है.
खेल में अव्वल रहे मांगलिक, कृति से लव मैरिज
अभिमन्यु मांगलिक पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी काफी सक्रिय रहे हैं. उन्हें बैडमिंटन और क्रिकेट खेलने का शौक है. बुलंदशहर में जिला स्तर की प्रतियोगिताओं में उन्होंने दो गोल्ड मेडल जीते हैं.
उनकी पत्नी कृति मांगलिक से मुलाकात दिल्ली में पढ़ाई के दौरान हुई थी. दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे गहरी होती गई और बाद में आईपीएस बनने के बाद उन्होंने कृति से लव मैरिज की.
अब फतेहपुर के नए पुलिस अधीक्षक के रूप में अभिमन्यु मांगलिक के सामने जिले में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने की बड़ी जिम्मेदारी है. उनके पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए माना जा रहा है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
Who Is IPS Abhimanyu Manglik: फतेहपुर के नए कप्तान अभिमन्यु मांगलिक, 41 से ज्यादा एनकाउंटर, CA की नौकरी छोड़ पहनी खाकी
Who Is IPS Abhimanyu Manglik: उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए योगी सरकार ने शुक्रवार देर रात सात आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया. इसी क्रम में फतेहपुर के पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार सिंह को हटाकर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है और उनकी जगह 2018 बैच के आईपीएस अभिमन्यु मांगलिक को जिले की कमान सौंपी गई है. युवा, तेजतर्रार और सख्त छवि वाले अभिमन्यु मांगलिक अपने नौ साल के करियर में कई बड़े ऑपरेशन और एनकाउंटर के लिए पहचाने जाते हैं.
CA की पढ़ाई से खाकी तक का सफर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फतेहपुर के नए पुलिस कप्तान अभिमन्यु मांगलिक का जन्म 2 फरवरी 1991 को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में हुआ. उनके पिता प्रमोद मांगलिक पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और परिवार का माहौल शुरू से ही पढ़ाई-लिखाई वाला रहा. अभिमन्यु की शुरुआती पढ़ाई बुलंदशहर के निर्मल कॉन्वेंट स्कूल में हुई.
साल 2007 में उन्होंने सीबीएसई बोर्ड से हाईस्कूल फर्स्ट डिवीजन में पास किया. इसके बाद उनके पिता ने उन्हें बेहतर शिक्षा के लिए दिल्ली भेज दिया. दिल्ली पब्लिक स्कूल से 2009 में इंटरमीडिएट पास करने के बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला लिया और 2012 में बीकॉम की पढ़ाई पूरी की.
इसके बाद अभिमन्यु ने ICAT दिल्ली से चार्टर्ड अकाउंटेंसी की पढ़ाई पूरी की. पढ़ाई खत्म होते ही उन्हें निजी कंपनियों से कई जॉब ऑफर मिले और उन्होंने RECL में करीब 16 लाख रुपये सालाना पैकेज पर नौकरी भी शुरू कर दी. लेकिन कुछ ही समय बाद उन्हें महसूस हुआ कि कॉर्पोरेट नौकरी उन्हें संतुष्टि नहीं दे रही. यहीं से उनके मन में सिविल सेवा में जाने का विचार मजबूत हो गया.
नौकरी करते हुए शुरू की UPSC की तैयारी
अभिमन्यु मांगलिक ने सिविल सेवा की तैयारी अचानक नहीं बल्कि बेहद सोच-समझकर शुरू की. उन्होंने शुरुआत में अपनी नौकरी नहीं छोड़ी और दिन में नौकरी करने के बाद रात में पांच से छह घंटे पढ़ाई करते थे. उनके कई दोस्त और परिचित उन्हें समझाते कि इतनी अच्छी नौकरी छोड़कर सिविल सेवा की तैयारी करना जोखिम भरा फैसला है.
लेकिन अभिमन्यु ने इन बातों को नजरअंदाज किया. उनका मानना था कि अगर जीवन में संतोष नहीं है तो सफलता का कोई मतलब नहीं. आखिरकार साल 2016 में उन्होंने नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह यूपीएससी की तैयारी में जुट गए.
लगातार मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने परीक्षा पास कर ली और 2018 बैच में भारतीय पुलिस सेवा के लिए चयनित हुए. रिजल्ट आने के बाद परिवार, रिश्तेदार और दोस्तों में खुशी की लहर दौड़ गई. उनके कई दोस्तों को शुरुआत में यकीन ही नहीं हुआ कि उन्होंने यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा पास कर ली है.
बरेली से वाराणसी तक, अपराधियों के खिलाफ सख्त एक्शन
ट्रेनिंग के बाद अभिमन्यु मांगलिक की पहली पोस्टिंग बरेली में हुई. यहां उन्होंने ड्रग्स माफिया के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया. बरेली के फरीदपुर और आसपास के इलाकों में ड्रग्स सप्लाई का बड़ा नेटवर्क सक्रिय था.
अभिमन्यु ने सबसे पहले गैंग्स की पहचान कराई और मुखबिरों का नेटवर्क मजबूत किया. इसके बाद पुलिस टीम ने लगातार कार्रवाई करते हुए कई गैंग्स का पर्दाफाश किया. तीन महीने के अभियान में करीब 200 ड्रग्स डीलरों के खिलाफ कार्रवाई की गई.
इस ऑपरेशन के बाद कई बड़े माफिया जिला छोड़कर फरार हो गए. इसके अलावा उन्होंने साइबर क्राइम से जुड़े मामलों की भी गंभीरता से जांच की. उनकी रणनीति और सख्त पुलिसिंग के कारण अपराधियों में खौफ पैदा हो गया.
डेढ़ लाख के इनामी बदमाश मोनू चौहान का एनकाउंटर
अभिमन्यु मांगलिक की बहादुरी का एक बड़ा उदाहरण वाराणसी में देखने को मिला, जब उन्होंने डेढ़ लाख रुपये के इनामी बदमाश मोनू चौहान के खिलाफ ऑपरेशन लीड किया.
नवंबर 2020 में मोनू चौहान अपने गैंग के साथ लगातार लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दे रहा था. उसने एक महिला को गोली मार दी थी और कई व्यापारी भी उसके निशाने पर थे. सारनाथ थाना क्षेत्र में पुलिस को सूचना मिली कि मोनू चौहान बाइक से इलाके में आने वाला है.
चेकिंग के दौरान उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें एक कॉन्स्टेबल और एक दरोगा घायल हो गए. इसके बाद पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी. करीब 20 मिनट तक चली मुठभेड़ के बाद मोनू चौहान को गोली लगी.
उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मौके से पुलिस को एक पिस्टल, बाइक और भारी मात्रा में कारतूस मिले. मोनू चौहान पर हत्या, लूट और गैंगस्टर एक्ट समेत 18 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज थे.
41 से ज्यादा एनकाउंटर और सख्त पुलिसिंग की पहचान
करीब नौ साल के अपने पुलिस करियर में अभिमन्यु मांगलिक ने 41 से अधिक एनकाउंटर ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई है. उनकी रणनीति और तेज कार्रवाई के कारण कई कुख्यात अपराधियों ने पुलिस के सामने सरेंडर भी किया है.
अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख के साथ-साथ वह तकनीक और आधुनिक पुलिसिंग पर भी जोर देते हैं. सहारनपुर में एसपी सिटी रहते हुए उन्होंने कई संगठित अपराध मामलों को सुलझाया. इसी दौरान उनकी रिपोर्ट पर माफिया से जमीन खरीदने वाले एक इंस्पेक्टर को बर्खास्त भी किया गया था. इसके अलावा वह राज्यपाल के एडीसी भी रह चुके हैं और उन्हें उत्कृष्ट कार्य के लिए डीजीपी सिल्वर मेडल से सम्मानित किया जा चुका है.
खेल में अव्वल रहे मांगलिक, कृति से लव मैरिज
अभिमन्यु मांगलिक पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी काफी सक्रिय रहे हैं. उन्हें बैडमिंटन और क्रिकेट खेलने का शौक है. बुलंदशहर में जिला स्तर की प्रतियोगिताओं में उन्होंने दो गोल्ड मेडल जीते हैं.
उनकी पत्नी कृति मांगलिक से मुलाकात दिल्ली में पढ़ाई के दौरान हुई थी. दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे गहरी होती गई और बाद में आईपीएस बनने के बाद उन्होंने कृति से लव मैरिज की.
अब फतेहपुर के नए पुलिस अधीक्षक के रूप में अभिमन्यु मांगलिक के सामने जिले में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने की बड़ी जिम्मेदारी है. उनके पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए माना जा रहा है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.