
Bank Scam In UP: फतेहपुर के ग्रामीण बैंक में करोड़ों का घोटाला ! शाखा प्रबंधक सहित माता-पिता पर मुकदमा, पुलिस पर भी उठे सवाल
Fatehpur News In Hindi
यूपी के फतेहपुर (Fatehpur) के गहरूखेड़ा में उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की शाखा में करोड़ों का गबन सामने आया है. पूर्व शाखा प्रबंधक पवन सचान ने फर्जी खातों के जरिये करीब दो करोड़ रुपये से अधिक की रकम हड़प ली और अब फरार है. आरोपी पर देश छोड़ने की आशंका जताई जा रही है. पुलिस तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है.
UP Fatehpur News: फतेहपुर जिले में उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की गहरूखेड़ा शाखा में सामने आए करोड़ों रुपये के बैंक घोटाले ने जिले में हड़कंप मचा दिया है. जांच में खुलासा हुआ है कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन सचान ने फर्जी खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये का गबन किया और फरार हो गया. पुलिस ने आरोपी शाखा प्रबंधक, उसके माता-पिता पर एफआईआर दर्ज की है. साथ ही विदेश भागने की आशंका के चलते निगरानी बढ़ा दी गई है.
छह दिन बाद FIR, पुलिस पर उठे सवाल
बैंक में 3 जून को ही गबन की पुष्टि हो गई थी लेकिन एफआईआर दर्ज करने में पुलिस ने छह दिन का समय लगा दिया. क्षेत्रीय प्रबंधक प्रदीप कुमार इक्का ने 5 जून को सीओ जाफरगंज को तहरीर दी थी जिसमें तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन सचान को मुख्य आरोपी बनाया गया.

फर्जी खातों से करोड़ों का गबन, SBI-HDFC में ट्रांसफर
गबन की गई राशि को बाद में भारतीय स्टेट बैंक और एचडीएफसी बैंक के खातों में ट्रांसफर किया गया. इस पूरे खेल को शाखा प्रबंधक ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अंजाम दिया. अब तक दो करोड़ रुपये से अधिक की रकम के गबन की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन आशंका है कि यह रकम इससे कहीं ज्यादा हो सकती है.
तीन सदस्यीय जांच टीम पहुंची बैंक, दस्तावेज जब्त
घोटाले की जानकारी मिलते ही बुधवार को एक तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच टीम गहरूखेड़ा शाखा पहुंची. टीम सुबह करीब 11 बजे दो वाहनों से बैंक पहुंची और बिना कोई हंगामा किए सीधे कम्प्यूटर सिस्टम से डाटा खंगालने लगी. जांच टीम ने बैंक में करीब छह घंटे तक मौजूद रहकर संदिग्ध खातों की जानकारी और दस्तावेजों की जांच की. टीम ने कई जरूरी फाइलें और दस्तावेज जब्त किए जिन्हें अपने साथ ले गई.
घोटाले की खबर फैलते ही ग्राहकों में मचा हड़कंप
घोटाले की खबर जैसे ही बाहर फैली, बैंक के नियमित ग्राहकों में हड़कंप मच गया. आम दिनों की तुलना में बुधवार को बैंक में मात्र 20 ग्राहक ही पहुंचे. वहीं बड़ी संख्या में खाता धारक बैंक की फ्रेंचाइजी और अन्य माध्यमों से निकासी करते नजर आए. ग्राहकों में यह डर बैठ गया है कि बैंक में जमा उनकी मेहनत की पूंजी कहीं खतरे में ना पड़ जाए. इससे शाखा की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ता नजर आ रहा है.
सीओ बोले– जल्द की जाएगी गिरफ्तारी, हर बिंदु की हो रही जांच
सीओ दुर्गेशदीप ने मीडिया को बताया कि पवन सचान, उसके पिता रघुबीर और माता पदमा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है. तीनों आरोपियों की तलाश की जा रही है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा.
मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है. वहीं आरएम प्रदीप कुमार ने यह भी आशंका जताई है कि आरोपी देश से भाग सकता है, इसलिए पासपोर्ट और एयरपोर्ट अलर्ट की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.
Bank Scam In UP: फतेहपुर के ग्रामीण बैंक में करोड़ों का घोटाला ! शाखा प्रबंधक सहित माता-पिता पर मुकदमा, पुलिस पर भी उठे सवाल
Fatehpur News In Hindi
UP Fatehpur News: फतेहपुर जिले में उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की गहरूखेड़ा शाखा में सामने आए करोड़ों रुपये के बैंक घोटाले ने जिले में हड़कंप मचा दिया है. जांच में खुलासा हुआ है कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन सचान ने फर्जी खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये का गबन किया और फरार हो गया. पुलिस ने आरोपी शाखा प्रबंधक, उसके माता-पिता पर एफआईआर दर्ज की है. साथ ही विदेश भागने की आशंका के चलते निगरानी बढ़ा दी गई है.
छह दिन बाद FIR, पुलिस पर उठे सवाल
बैंक में 3 जून को ही गबन की पुष्टि हो गई थी लेकिन एफआईआर दर्ज करने में पुलिस ने छह दिन का समय लगा दिया. क्षेत्रीय प्रबंधक प्रदीप कुमार इक्का ने 5 जून को सीओ जाफरगंज को तहरीर दी थी जिसमें तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन सचान को मुख्य आरोपी बनाया गया.
बावजूद इसके एफआईआर 11 जून को दर्ज की गई. इस देरी को लेकर पुलिस पर सवाल खड़े हो रहे हैं. चर्चा है कि किसी रसूखदार सफेदपोश स्वजातीय के दबाव में पुलिस मामले को दबाने की कोशिश कर रही थी जिससे आरोपी को देश छोड़ने का मौका मिल सके.
फर्जी खातों से करोड़ों का गबन, SBI-HDFC में ट्रांसफर
जांच में सामने आया है कि आरोपी पवन सचान निवासी चतुरीपुर हरबंशपुर, घाटमपुर थाना सजेती कानपुर (Kanpur) ने अपने माता-पिता रघुबीर और पदमा सचान समेत रिश्तेदारों व परिचितों के नाम से 32 फर्जी खाते खोले. इन खातों में बिना किसी दस्तावेज के अवैध रूप से ऋण स्वीकृत किए गए और सरकारी धन को अपने निजी लाभ के लिए उपयोग किया गया.
गबन की गई राशि को बाद में भारतीय स्टेट बैंक और एचडीएफसी बैंक के खातों में ट्रांसफर किया गया. इस पूरे खेल को शाखा प्रबंधक ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अंजाम दिया. अब तक दो करोड़ रुपये से अधिक की रकम के गबन की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन आशंका है कि यह रकम इससे कहीं ज्यादा हो सकती है.
तीन सदस्यीय जांच टीम पहुंची बैंक, दस्तावेज जब्त
घोटाले की जानकारी मिलते ही बुधवार को एक तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच टीम गहरूखेड़ा शाखा पहुंची. टीम सुबह करीब 11 बजे दो वाहनों से बैंक पहुंची और बिना कोई हंगामा किए सीधे कम्प्यूटर सिस्टम से डाटा खंगालने लगी. जांच टीम ने बैंक में करीब छह घंटे तक मौजूद रहकर संदिग्ध खातों की जानकारी और दस्तावेजों की जांच की. टीम ने कई जरूरी फाइलें और दस्तावेज जब्त किए जिन्हें अपने साथ ले गई.
घोटाले की खबर फैलते ही ग्राहकों में मचा हड़कंप
घोटाले की खबर जैसे ही बाहर फैली, बैंक के नियमित ग्राहकों में हड़कंप मच गया. आम दिनों की तुलना में बुधवार को बैंक में मात्र 20 ग्राहक ही पहुंचे. वहीं बड़ी संख्या में खाता धारक बैंक की फ्रेंचाइजी और अन्य माध्यमों से निकासी करते नजर आए. ग्राहकों में यह डर बैठ गया है कि बैंक में जमा उनकी मेहनत की पूंजी कहीं खतरे में ना पड़ जाए. इससे शाखा की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ता नजर आ रहा है.
सीओ बोले– जल्द की जाएगी गिरफ्तारी, हर बिंदु की हो रही जांच
सीओ दुर्गेशदीप ने मीडिया को बताया कि पवन सचान, उसके पिता रघुबीर और माता पदमा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है. तीनों आरोपियों की तलाश की जा रही है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा.
मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है. वहीं आरएम प्रदीप कुमार ने यह भी आशंका जताई है कि आरोपी देश से भाग सकता है, इसलिए पासपोर्ट और एयरपोर्ट अलर्ट की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.