फतेहपुर का गैंगस्टर कानपुर में गिरफ्तार: तीन पिस्टलों के साथ पकड़ा गया, चुनाव से पहले अवैध हथियार नेटवर्क की जांच
कानपुर पुलिस ने फतेहपुर के गैंगस्टर मो. अजीम को तीन देसी पिस्टलों के साथ गिरफ्तार किया है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी मध्य प्रदेश से अवैध हथियार खरीदकर कानपुर, फतेहपुर और आसपास के जिलों में उनकी सप्लाई करता था. पुलिस अब पूरे नेटवर्क और चुनाव से पहले हथियारों की संभावित तस्करी की जांच कर रही है.
Crime In UP: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कानपुर पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी के एक संदिग्ध नेटवर्क का खुलासा किया है. महाराजपुर थाना क्षेत्र में चेकिंग के दौरान फतेहपुर के गैंगस्टर मो. अजीम को गिरफ्तार किया गया. उसके कब्जे से तीन देसी पिस्टल बरामद हुई हैं. पुलिस अब उसके संपर्कों और हथियार खरीद-बिक्री की पूरी श्रृंखला खंगाल रही है.
हाईवे चेकिंग में पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी
डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता के अनुसार मंगलवार को महाराजपुर थाना पुलिस हाईवे पर नियमित चेकिंग अभियान चला रही थी. इसी दौरान एक संदिग्ध युवक को रोककर उसकी तलाशी ली गई. उसके बैग से तीन देसी पिस्टल मिलने पर उसे तत्काल हिरासत में ले लिया गया. पूछताछ में आरोपी की पहचान मो. अजीम, निवासी छोटी बाजार, थाना कोतवाली, जिला फतेहपुर के रूप में हुई.
मध्य प्रदेश से खरीदकर उत्तर प्रदेश में करता था सप्लाई

जेल में बनी पहचान, वहीं से शुरू हुआ अवैध कारोबार
मेडिकल स्टोर चलाने वाला युवक कैसे बना गैंगस्टर
पुलिस के मुताबिक मो. अजीम फतेहपुर में मेडिकल स्टोर संचालित करता है. पूछताछ में उसने दावा किया कि कोविड महामारी के दौरान कारोबार प्रभावित होने के बाद उसने अपराध का रास्ता अपनाया. पहले वह चोरी, चोरी का माल खरीदने और धोखाधड़ी जैसे मामलों में जेल गया. बाद में उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई.
कई जिलों में फैला हो सकता है नेटवर्क
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने पूछताछ में 8 से 10 लोगों को अवैध पिस्टल बेचने की बात स्वीकार की है. अब उन सभी लोगों की पहचान की जा रही है. साथ ही उसके अन्य सहयोगियों की तलाश में कई स्थानों पर दबिश दी जा रही है.
चुनाव से पहले अवैध हथियारों की सप्लाई पर जांच
जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बड़े पैमाने पर अवैध हथियारों का जखीरा तैयार करने की कोशिश तो नहीं की जा रही थी. पुलिस आरोपी के मोबाइल, संपर्कों और लेनदेन से जुड़े अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है.
आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मो. अजीम पर फतेहपुर में चोरी, चोरी के माल की खरीद-फरोख्त, जालसाजी और गैंगस्टर एक्ट सहित कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है.
फतेहपुर का गैंगस्टर कानपुर में गिरफ्तार: तीन पिस्टलों के साथ पकड़ा गया, चुनाव से पहले अवैध हथियार नेटवर्क की जांच
Crime In UP: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कानपुर पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी के एक संदिग्ध नेटवर्क का खुलासा किया है. महाराजपुर थाना क्षेत्र में चेकिंग के दौरान फतेहपुर के गैंगस्टर मो. अजीम को गिरफ्तार किया गया. उसके कब्जे से तीन देसी पिस्टल बरामद हुई हैं. पुलिस अब उसके संपर्कों और हथियार खरीद-बिक्री की पूरी श्रृंखला खंगाल रही है.
हाईवे चेकिंग में पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी
डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता के अनुसार मंगलवार को महाराजपुर थाना पुलिस हाईवे पर नियमित चेकिंग अभियान चला रही थी. इसी दौरान एक संदिग्ध युवक को रोककर उसकी तलाशी ली गई. उसके बैग से तीन देसी पिस्टल मिलने पर उसे तत्काल हिरासत में ले लिया गया. पूछताछ में आरोपी की पहचान मो. अजीम, निवासी छोटी बाजार, थाना कोतवाली, जिला फतेहपुर के रूप में हुई.
मध्य प्रदेश से खरीदकर उत्तर प्रदेश में करता था सप्लाई
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह मध्य प्रदेश के खांडवा निवासी प्रशांत के माध्यम से लगभग 30 हजार रुपये प्रति पिस्टल की दर से हथियार खरीदता था. इसके बाद वही पिस्टल कानपुर, फतेहपुर और आसपास के जिलों में 40 से 50 हजार रुपये तक में बेची जाती थीं. पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के समय वह कानपुर में एक ग्राहक को पिस्टल पहुंचाने आया था.
जेल में बनी पहचान, वहीं से शुरू हुआ अवैध कारोबार
पुलिस जांच में सामने आया कि वर्ष 2020 में चोरी के एक मामले में मो. अजीम फतेहपुर जेल में बंद था. जेल के दौरान उसकी मुलाकात खांडवा निवासी प्रशांत से हुई.रिहा होने के बाद दोनों के बीच संपर्क बना रहा और यहीं से अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री का सिलसिला शुरू हुआ. आरोपी बस और ट्रकों के माध्यम से पिस्टल उत्तर प्रदेश तक पहुंचाता था.
मेडिकल स्टोर चलाने वाला युवक कैसे बना गैंगस्टर
पुलिस के मुताबिक मो. अजीम फतेहपुर में मेडिकल स्टोर संचालित करता है. पूछताछ में उसने दावा किया कि कोविड महामारी के दौरान कारोबार प्रभावित होने के बाद उसने अपराध का रास्ता अपनाया. पहले वह चोरी, चोरी का माल खरीदने और धोखाधड़ी जैसे मामलों में जेल गया. बाद में उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई.
कई जिलों में फैला हो सकता है नेटवर्क
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने पूछताछ में 8 से 10 लोगों को अवैध पिस्टल बेचने की बात स्वीकार की है. अब उन सभी लोगों की पहचान की जा रही है. साथ ही उसके अन्य सहयोगियों की तलाश में कई स्थानों पर दबिश दी जा रही है.
चुनाव से पहले अवैध हथियारों की सप्लाई पर जांच
जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बड़े पैमाने पर अवैध हथियारों का जखीरा तैयार करने की कोशिश तो नहीं की जा रही थी. पुलिस आरोपी के मोबाइल, संपर्कों और लेनदेन से जुड़े अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है.
आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मो. अजीम पर फतेहपुर में चोरी, चोरी के माल की खरीद-फरोख्त, जालसाजी और गैंगस्टर एक्ट सहित कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है.