लखनऊ अग्निकांड के बाद कानपुर में बड़ा एक्शन, 31 कोचिंग संस्थान सील, बेसमेंट में चल रही क्लासेज पर प्रशासन सख्त
लखनऊ अग्निकांड के बाद कानपुर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. काकादेव समेत कई इलाकों में अभियान चलाकर अब तक 31 कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील किया जा चुका है. बेसमेंट में क्लास संचालन, अग्निसुरक्षा मानकों की अनदेखी और भवन मानचित्र उल्लंघन पर लगातार कार्रवाई जारी है.
Kanpur News: लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी जिलों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा के निर्देश दिए हैं. इसी क्रम में कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने शहर के प्रमुख कोचिंग हब काकादेव में व्यापक जांच अभियान शुरू कर दिया है. दो दिनों की कार्रवाई में 31 कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील किया जा चुका है, जबकि कई अन्य संस्थान प्रशासन के रडार पर हैं.
तीन घंटे में 16 संस्थानों पर चली सीलिंग की कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद सोमवार शाम कानपुर विकास प्राधिकरण की टीम ने काकादेव क्षेत्र में अभियान चलाया. करीब तीन घंटे तक चले निरीक्षण के दौरान फिजिक्स वाला, विद्यापीठ, वर्कस्पेस, संजीव राठौर कोचिंग समेत 16 कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया. जांच में कई संस्थान बेसमेंट में संचालित होते मिले, जबकि कई इमारतों में आपातकालीन निकास व्यवस्था भी मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई.
अलग-अलग जोन में हुई कार्रवाई

- जोन-1 की टीम ने 3 प्रतिष्ठानों को सील किया.
- जोन-2बी की टीम ने 5 प्रतिष्ठानों को सील किया.
- जोन-3 की टीम ने 3 प्रतिष्ठानों को सील किया.
- जोन-5 की टीम ने 5 प्रतिष्ठानों को सील किया.
इसके अलावा 22 अन्य प्रतिष्ठानों को भी चिह्नित किया गया है. इनके भवन मानचित्र, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है. नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर इनके खिलाफ भी सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी.
मंगलवार को भी जारी रही छापेमारी
मंगलवार सुबह प्राधिकरण सचिव अभय पांडेय के नेतृत्व में एक और अभियान चलाया गया. सुबह 11 बजे टीम के काकादेव पहुंचते ही इलाके में खलबली मच गई. कई कोचिंग संचालकों ने संस्थान बंद कर दिए, जबकि कुछ लोग मौके से चले गए.
इस दौरान लगभग 16 अन्य निर्माणों और प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई. प्रशासन के मुताबिक दो दिनों में कुल 31 निर्माण और संस्थान सील किए जा चुके हैं.
कोचिंग संचालकों के साथ होगी अहम बैठक
लखनऊ हादसे के बाद प्रशासन अब केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत करने की तैयारी में है. पुलिस आयुक्त ने सभी प्रमुख कोचिंग संचालकों और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई है.
बैठक में संस्थानों को अग्निसुरक्षा मानकों, आपातकालीन निकास, आपदा प्रबंधन और सुरक्षा प्रोटोकॉल के बारे में जानकारी दी जाएगी. इसके बाद अग्निशमन विभाग विभिन्न कोचिंग संस्थानों में मॉक ड्रिल कर छात्रों और कर्मचारियों को आपात स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण देगा.
बेसमेंट में चल रही गतिविधियां प्रशासन के निशाने पर
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बेसमेंट में बिना अनुमति संचालित हो रही व्यावसायिक गतिविधियों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी. अधिकारियों का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
लखनऊ अग्निकांड के बाद कानपुर में बड़ा एक्शन, 31 कोचिंग संस्थान सील, बेसमेंट में चल रही क्लासेज पर प्रशासन सख्त
Kanpur News: लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी जिलों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा के निर्देश दिए हैं. इसी क्रम में कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने शहर के प्रमुख कोचिंग हब काकादेव में व्यापक जांच अभियान शुरू कर दिया है. दो दिनों की कार्रवाई में 31 कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील किया जा चुका है, जबकि कई अन्य संस्थान प्रशासन के रडार पर हैं.
तीन घंटे में 16 संस्थानों पर चली सीलिंग की कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद सोमवार शाम कानपुर विकास प्राधिकरण की टीम ने काकादेव क्षेत्र में अभियान चलाया. करीब तीन घंटे तक चले निरीक्षण के दौरान फिजिक्स वाला, विद्यापीठ, वर्कस्पेस, संजीव राठौर कोचिंग समेत 16 कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया. जांच में कई संस्थान बेसमेंट में संचालित होते मिले, जबकि कई इमारतों में आपातकालीन निकास व्यवस्था भी मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई.
अलग-अलग जोन में हुई कार्रवाई
केडीए के उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक के निर्देश पर विभिन्न प्रवर्तन दस्तों ने एक साथ कई जोन में कार्रवाई की.
- जोन-1 की टीम ने 3 प्रतिष्ठानों को सील किया.
- जोन-2बी की टीम ने 5 प्रतिष्ठानों को सील किया.
- जोन-3 की टीम ने 3 प्रतिष्ठानों को सील किया.
- जोन-5 की टीम ने 5 प्रतिष्ठानों को सील किया.
इसके अलावा 22 अन्य प्रतिष्ठानों को भी चिह्नित किया गया है. इनके भवन मानचित्र, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है. नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर इनके खिलाफ भी सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी.
मंगलवार को भी जारी रही छापेमारी
मंगलवार सुबह प्राधिकरण सचिव अभय पांडेय के नेतृत्व में एक और अभियान चलाया गया. सुबह 11 बजे टीम के काकादेव पहुंचते ही इलाके में खलबली मच गई. कई कोचिंग संचालकों ने संस्थान बंद कर दिए, जबकि कुछ लोग मौके से चले गए.
इस दौरान लगभग 16 अन्य निर्माणों और प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई. प्रशासन के मुताबिक दो दिनों में कुल 31 निर्माण और संस्थान सील किए जा चुके हैं.
कोचिंग संचालकों के साथ होगी अहम बैठक
लखनऊ हादसे के बाद प्रशासन अब केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत करने की तैयारी में है. पुलिस आयुक्त ने सभी प्रमुख कोचिंग संचालकों और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई है.
बैठक में संस्थानों को अग्निसुरक्षा मानकों, आपातकालीन निकास, आपदा प्रबंधन और सुरक्षा प्रोटोकॉल के बारे में जानकारी दी जाएगी. इसके बाद अग्निशमन विभाग विभिन्न कोचिंग संस्थानों में मॉक ड्रिल कर छात्रों और कर्मचारियों को आपात स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण देगा.
बेसमेंट में चल रही गतिविधियां प्रशासन के निशाने पर
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बेसमेंट में बिना अनुमति संचालित हो रही व्यावसायिक गतिविधियों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी. अधिकारियों का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.