UP News: फतेहपुर की भाजपा जिला उपाध्यक्ष और पति पर ठगी का आरोप, बालू ठेका दिलाने के नाम पर 2.34 करोड़ हड़पे
कानपुर में भाजपा जिला उपाध्यक्ष रेखा मिश्रा और उनके पति अवधेश मिश्रा के खिलाफ 2.34 करोड़ रुपये की ठगी का मुकदमा दर्ज हुआ है. पीड़ित का आरोप है कि बालू खनन ठेका और सस्ती जमीन दिलाने के नाम पर कई किश्तों में रकम ली गई. पुलिस जांच में जुटी.
Fatehpur BJP News: राजनीतिक रसूख, बड़ी-बड़ी बातें और भरोसे का जाल… कानपुर में सामने आया यह मामला इन्हीं तीन चीजों के इर्द-गिर्द घूमता नजर आता है. फतेहपुर की भाजपा जिला उपाध्यक्ष रेखा मिश्रा और उनके भाजपा नेता पति अवधेश मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने एक कारोबारी को पहले बालू खनन का ठेका दिलाने का भरोसा दिया, फिर जमीन के नाम पर निवेश करवाया और आखिर में करोड़ों रुपये डकार लिए.
प्रभाव दिखाकर लिखी गई करोड़ों की ठगी की पठकथा
एफआईआर में कानपुर के नारायण प्रसाद सुल्तानिया बताते हैं कि साल 2018 में एक कार्यक्रम के दौरान उनकी मुलाकात अवधेश मिश्रा से हुई थी. मुलाकात भले ही औपचारिक थी, लेकिन अंदाज ऐसा था जिसने वो तुरंत प्रभाव में आ गए. गाड़ी पर भाजपा का झंडा, साथ में गनर और बातचीत में सीधे सत्ता से जुड़ाव का मानमर्दन इन सबने भरोसा दिला दिया कि वह कोई आम व्यक्ति नहीं है.
इसी मुलाकात के बाद बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ. धीरे-धीरे संपर्क नजदीकी में बदला और फिर कारोबारी प्रस्तावों तक पहुंच गया. पीड़ित के मुताबिक, अवधेश मिश्रा ने खुद को तत्कालीन मंत्री रणवेंद्र प्रसाद सिंह उर्फ धुन्नी सिंह का करीबी बताते हुए काम कराने की बात कही.
बालू का ठेका दिलाने के नाम पर ऐंठे पैसे
पीड़ित का कहना है कि हर बार उसे यही भरोसा दिया गया कि प्रक्रिया अंतिम चरण में है. यहां तक कि एक बार मंत्री से मुलाकात भी कराई गई, जिससे उसे यकीन हो गया कि काम अब तय है. लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी ठेका नहीं मिला
ठेका नहीं अब जमीन का मिला ऑफर, 1.67 करोड़ डकारे
जब बालू ठेका मिलने में देरी होने लगी, तो आरोपी ने नया जाल बुनना शूरू कर दिया, पीड़ित को जमीन खरीद फरोख्त का लालच दिया गया और कहा कि कुछ खास लोकेशन पर अंदरखाने डील हो सकती है, जिससे मोटा फायदा होगा. इसी लालच में पीड़ित ने और निवेश कर दिया.
जुलाई 2018 से दिसंबर 2019 के बीच करीब 1.67 करोड़ रुपये और लिए गए. रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराई गई. एफआईआर के मुताबिक, कुछ पैसे रेखा मिश्रा के खाते में गए, जबकि बाकी कथित किसानों के नाम पर भेजे गए.
बैनामे के वक्त खुली परतें, दस्तावेजों में दिखा खेल
मामले का मोड़ तब आया जब जमीन के बैनामे की प्रक्रिया शुरू हुई. पीड़ित को तब शक हुआ जब दस्तावेजों में गड़बड़ी नजर आई. आरोप है कि अवधेश मिश्रा ने चुपचाप अपने नाम को भी बैनामे में शामिल करवा लिया था. पीड़ित ने जब गहराई से जांच कराई तो कई और बातें सामने आईं. सुल्तानिया अब समझ चुका था कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है आरोप है कि जब उसने अपने पैसे मांगे तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई.
मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच में जुटी पुलिस, खुलेंगी परतें
कोहना थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर रेखा मिश्रा और अवधेश मिश्रा के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस अब पूरे मामले की परतें खोलने में जुटी है. बैंक ट्रांजैक्शन, जमीन के कागजात और जिन खातों में पैसे भेजें गए हैं, उन सभी की जांच की जा रही है.
UP News: फतेहपुर की भाजपा जिला उपाध्यक्ष और पति पर ठगी का आरोप, बालू ठेका दिलाने के नाम पर 2.34 करोड़ हड़पे
Fatehpur BJP News: राजनीतिक रसूख, बड़ी-बड़ी बातें और भरोसे का जाल… कानपुर में सामने आया यह मामला इन्हीं तीन चीजों के इर्द-गिर्द घूमता नजर आता है. फतेहपुर की भाजपा जिला उपाध्यक्ष रेखा मिश्रा और उनके भाजपा नेता पति अवधेश मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने एक कारोबारी को पहले बालू खनन का ठेका दिलाने का भरोसा दिया, फिर जमीन के नाम पर निवेश करवाया और आखिर में करोड़ों रुपये डकार लिए.
प्रभाव दिखाकर लिखी गई करोड़ों की ठगी की पठकथा
एफआईआर में कानपुर के नारायण प्रसाद सुल्तानिया बताते हैं कि साल 2018 में एक कार्यक्रम के दौरान उनकी मुलाकात अवधेश मिश्रा से हुई थी. मुलाकात भले ही औपचारिक थी, लेकिन अंदाज ऐसा था जिसने वो तुरंत प्रभाव में आ गए. गाड़ी पर भाजपा का झंडा, साथ में गनर और बातचीत में सीधे सत्ता से जुड़ाव का मानमर्दन इन सबने भरोसा दिला दिया कि वह कोई आम व्यक्ति नहीं है.
इसी मुलाकात के बाद बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ. धीरे-धीरे संपर्क नजदीकी में बदला और फिर कारोबारी प्रस्तावों तक पहुंच गया. पीड़ित के मुताबिक, अवधेश मिश्रा ने खुद को तत्कालीन मंत्री रणवेंद्र प्रसाद सिंह उर्फ धुन्नी सिंह का करीबी बताते हुए काम कराने की बात कही.
बालू का ठेका दिलाने के नाम पर ऐंठे पैसे
एफआईआर में दर्ज आरोपों के मुताबिक, अवधेश मिश्रा ने बालू खनन का ठेका दिलाने का भरोसा दिलाया. शुरुआत में रकम कम मांगी गई, लेकिन धीरे-धीरे यह सिलसिला बढ़ता गया. मार्च 2018 से फरवरी 2019 के बीच करीब 67 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिए ट्रांसफर कराए गए.
पीड़ित का कहना है कि हर बार उसे यही भरोसा दिया गया कि प्रक्रिया अंतिम चरण में है. यहां तक कि एक बार मंत्री से मुलाकात भी कराई गई, जिससे उसे यकीन हो गया कि काम अब तय है. लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी ठेका नहीं मिला
ठेका नहीं अब जमीन का मिला ऑफर, 1.67 करोड़ डकारे
जब बालू ठेका मिलने में देरी होने लगी, तो आरोपी ने नया जाल बुनना शूरू कर दिया, पीड़ित को जमीन खरीद फरोख्त का लालच दिया गया और कहा कि कुछ खास लोकेशन पर अंदरखाने डील हो सकती है, जिससे मोटा फायदा होगा. इसी लालच में पीड़ित ने और निवेश कर दिया.
जुलाई 2018 से दिसंबर 2019 के बीच करीब 1.67 करोड़ रुपये और लिए गए. रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराई गई. एफआईआर के मुताबिक, कुछ पैसे रेखा मिश्रा के खाते में गए, जबकि बाकी कथित किसानों के नाम पर भेजे गए.
बैनामे के वक्त खुली परतें, दस्तावेजों में दिखा खेल
मामले का मोड़ तब आया जब जमीन के बैनामे की प्रक्रिया शुरू हुई. पीड़ित को तब शक हुआ जब दस्तावेजों में गड़बड़ी नजर आई. आरोप है कि अवधेश मिश्रा ने चुपचाप अपने नाम को भी बैनामे में शामिल करवा लिया था. पीड़ित ने जब गहराई से जांच कराई तो कई और बातें सामने आईं. सुल्तानिया अब समझ चुका था कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है आरोप है कि जब उसने अपने पैसे मांगे तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई.
मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच में जुटी पुलिस, खुलेंगी परतें
कोहना थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर रेखा मिश्रा और अवधेश मिश्रा के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस अब पूरे मामले की परतें खोलने में जुटी है. बैंक ट्रांजैक्शन, जमीन के कागजात और जिन खातों में पैसे भेजें गए हैं, उन सभी की जांच की जा रही है.