Fatehpur News: शिकायतकर्ता दंपती को थाने में बैठाना पड़ा भारी, बिंदकी कोतवाल समेत 5 पुलिसकर्मियों पर एसपी की बड़ी कार्रवाई
फतेहपुर के बिंदकी कस्बे में भूमि विवाद के बीच नीम के पेड़ काटने और शिकायतकर्ता दंपती के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बड़ा एक्शन लिया है. जांच में पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध मिलने पर कोतवाल, चौकी इंचार्ज और तीन सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया गया.
Fatehpur Bindki News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक भूमि विवाद ने पुलिस विभाग को कटघरे में खड़ा कर दिया है. बिंदकी क्षेत्र में विवादित संपत्ति पर नीम के पेड़ काटे जाने और शिकायतकर्ता दंपती को थाने में घंटों बैठाने के आरोपों के बाद पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने सख्त रुख अपनाया. मामले की जांच के बाद पांच पुलिसकर्मियों पर तत्काल कार्रवाई की गई.
न्यायालय में लंबित विवाद के बीच शुरू हुआ पूरा मामला
बिंदकी नगर की महाजनी गली में रहने वाली शांति देवी और शिवकली के बीच एक खंडहर भवन को लेकर वर्षों से कानूनी विवाद चल रहा है. बताया जा रहा है कि मामला दीवानी न्यायालय में विचाराधीन है. इसी परिसर में खड़े पुराने नीम के पेड़ विवाद की नई वजह बन गए. बताया जा रहा है कि एक पक्ष की ओर से पांच नीम के पेड़ों की कटान के लिए वन विभाग से अनुमति ली गई थी और इसके बाद ठेकेदार को पेड़ काटने की जिम्मेदारी सौंपी गई.
संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंची शिकायत

पुलिस पर लगाए दबाव बनाने के आरोप
शिकायतकर्ता अनिल कुमार का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद उन्हें और उनकी पत्नी को कोतवाली बुला लिया गया. वहां कई घंटे तक बैठाए रखा गया और पेड़ों का विरोध न करने की बात कही गई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया.
एसपी को फोन पहुंचते ही शुरू हुई जांच
रविवार को दोबारा पेड़ों की कटान शुरू होने की सूचना मिलने पर शिकायतकर्ता ने सीधे एसपी अभिमन्यु मांगलिक को फोन कर पूरी जानकारी दी. एसपी ने तत्काल सीओ गौरव शर्मा को मामले की जांच सौंपी. जांच के दौरान पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हुए, जिसके बाद जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया गया.
बिंदकी कोतवाल, चौकी इंचार्ज समेत पांच पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
एसपी ने बिंदकी कोतवाली प्रभारी राजेंद्र सिंह, कस्बा चौकी इंचार्ज चंदन सिंह और सिपाही तपेंद्र बघेल, राहुल तथा अरविंद को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया. इस कार्रवाई के बाद जिले के पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है. मीडिया से बातचीत करते हुए एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि विवादित भूमि पर हरे नीम के पेड़ काटे जाने की सूचना मिलने के बाद जांच कराई गई थी. जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है.
वहीं क्षेत्रीय वन अधिकारी रवींद्र सिंह विष्ट ने बताया कि उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर पांच पेड़ों की कटान की अनुमति जारी की गई थी. हालांकि भूमि विवाद की जानकारी मिलने के बाद कटान रोकने के निर्देश दिए गए थे.
पीड़ित ने बताया 1996 से चल रहा मुकदमा
अनिल कुमार के अनुसार यह विवाद नया नहीं है. उनका कहना है कि वर्ष 1996 से दीवानी न्यायालय में मुकदमा चल रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके परिवार द्वारा रहने के लिए दी गई जगह पर बाद में कब्जा कर लिया गया और अब विवादित स्थिति में पेड़ों की कटान का प्रयास किया जा रहा है.
Fatehpur News: शिकायतकर्ता दंपती को थाने में बैठाना पड़ा भारी, बिंदकी कोतवाल समेत 5 पुलिसकर्मियों पर एसपी की बड़ी कार्रवाई
Fatehpur Bindki News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक भूमि विवाद ने पुलिस विभाग को कटघरे में खड़ा कर दिया है. बिंदकी क्षेत्र में विवादित संपत्ति पर नीम के पेड़ काटे जाने और शिकायतकर्ता दंपती को थाने में घंटों बैठाने के आरोपों के बाद पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने सख्त रुख अपनाया. मामले की जांच के बाद पांच पुलिसकर्मियों पर तत्काल कार्रवाई की गई.
न्यायालय में लंबित विवाद के बीच शुरू हुआ पूरा मामला
बिंदकी नगर की महाजनी गली में रहने वाली शांति देवी और शिवकली के बीच एक खंडहर भवन को लेकर वर्षों से कानूनी विवाद चल रहा है. बताया जा रहा है कि मामला दीवानी न्यायालय में विचाराधीन है. इसी परिसर में खड़े पुराने नीम के पेड़ विवाद की नई वजह बन गए. बताया जा रहा है कि एक पक्ष की ओर से पांच नीम के पेड़ों की कटान के लिए वन विभाग से अनुमति ली गई थी और इसके बाद ठेकेदार को पेड़ काटने की जिम्मेदारी सौंपी गई.
संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंची शिकायत
शनिवार को एक पेड़ काटे जाने के बाद शांति देवी के पुत्र अनिल कुमार ने संपूर्ण समाधान दिवस में अधिकारियों से शिकायत की. शिकायत के बाद संबंधित विभागों को जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए. वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पेड़ों की कटान रोकने के लिए कहा गया.
पुलिस पर लगाए दबाव बनाने के आरोप
शिकायतकर्ता अनिल कुमार का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद उन्हें और उनकी पत्नी को कोतवाली बुला लिया गया. वहां कई घंटे तक बैठाए रखा गया और पेड़ों का विरोध न करने की बात कही गई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया.
एसपी को फोन पहुंचते ही शुरू हुई जांच
रविवार को दोबारा पेड़ों की कटान शुरू होने की सूचना मिलने पर शिकायतकर्ता ने सीधे एसपी अभिमन्यु मांगलिक को फोन कर पूरी जानकारी दी. एसपी ने तत्काल सीओ गौरव शर्मा को मामले की जांच सौंपी. जांच के दौरान पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हुए, जिसके बाद जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया गया.
बिंदकी कोतवाल, चौकी इंचार्ज समेत पांच पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
एसपी ने बिंदकी कोतवाली प्रभारी राजेंद्र सिंह, कस्बा चौकी इंचार्ज चंदन सिंह और सिपाही तपेंद्र बघेल, राहुल तथा अरविंद को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया. इस कार्रवाई के बाद जिले के पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है. मीडिया से बातचीत करते हुए एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि विवादित भूमि पर हरे नीम के पेड़ काटे जाने की सूचना मिलने के बाद जांच कराई गई थी. जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है.
वहीं क्षेत्रीय वन अधिकारी रवींद्र सिंह विष्ट ने बताया कि उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर पांच पेड़ों की कटान की अनुमति जारी की गई थी. हालांकि भूमि विवाद की जानकारी मिलने के बाद कटान रोकने के निर्देश दिए गए थे.
पीड़ित ने बताया 1996 से चल रहा मुकदमा
अनिल कुमार के अनुसार यह विवाद नया नहीं है. उनका कहना है कि वर्ष 1996 से दीवानी न्यायालय में मुकदमा चल रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके परिवार द्वारा रहने के लिए दी गई जगह पर बाद में कब्जा कर लिया गया और अब विवादित स्थिति में पेड़ों की कटान का प्रयास किया जा रहा है.