
Fatehpur News: फतेहपुर में एंटी करप्शन का बड़ा एक्शन, 1 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार हुआ वरिष्ठ लेखा परीक्षक
फतेहपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन संगठन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग के वरिष्ठ लेखा परीक्षक रविंद्र प्रताप सिंह को 1 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया. आरोपी पर बुढ़वन इंटर कॉलेज की ऑडिट रिपोर्ट लगाने के नाम पर 1.60 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है. शिकायत के सत्यापन के बाद प्रयागराज की 13 सदस्यीय ट्रैप टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया.
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में ऑडिट रिपोर्ट के नाम पर रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है. बुढ़वन इंटर कॉलेज प्रबंधन की शिकायत पर एंटी करप्शन संगठन प्रयागराज ने जाल बिछाकर स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग के वरिष्ठ लेखा परीक्षक रविंद्र प्रताप सिंह को पहली किस्त के रूप में 1 लाख रुपये लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया. आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
पहले 1.80 लाख रुपये मांगे, बाद में 1.60 लाख पर हुई बात
चौड़ाखेर मोहल्ला निवासी एवं बुढ़वन इंटर कॉलेज की प्रबंधक रीता सिंह के पुत्र अभय प्रताप सिंह ने बताया कि उनकी मां की तबीयत ठीक न होने के कारण ऑडिट से जुड़ी पूरी बातचीत उन्होंने ही वरिष्ठ लेखा परीक्षक रविंद्र प्रताप सिंह से की थी. आरोप है कि शुरुआत में ऑडिट रिपोर्ट लगाने के एवज में 1.80 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई. कॉलेज की आर्थिक स्थिति और विद्यार्थियों के हित का हवाला देने पर आरोपी ने 20 हजार रुपये कम कर 1.60 लाख रुपये लेने पर सहमति जताई.
राष्ट्रीय राजमार्ग मुआवजे से कराया गया था निर्माण कार्य

ऑडियो क्लिप बनी सबसे बड़ा सबूत
रिश्वत की लगातार मांग से परेशान होकर अभय प्रताप सिंह ने 23 जुलाई को भ्रष्टाचार निवारण संगठन के मंडलीय थाने प्रयागराज में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के साथ रिश्वत मांगने की ऑडियो क्लिप भी साक्ष्य के रूप में सौंपी गई. प्रारंभिक जांच और सत्यापन में शिकायत सही मिलने के बाद एंटी करप्शन संगठन ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई.
समर चाय के पास बिछा जाल, 1 लाख लेते ही दबोचा
प्रयागराज की 13 सदस्यीय एंटी करप्शन ट्रैप टीम ने सोमवार दोपहर करीब 1:25 बजे जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के सामने आबूनगर स्थित समर चाय भंडार के पास जाल बिछाया. शिकायतकर्ता ने जैसे ही पहली किस्त के रूप में 1 लाख रुपये आरोपी को दिए, टीम ने तत्काल उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया.
गिरफ्तार आरोपी की पहचान रायबरेली जिले के राना नगर निवासी रविंद्र प्रताप सिंह के रूप में हुई है. वह वर्तमान में स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग, फतेहपुर में वरिष्ठ लेखा परीक्षक के पद पर तैनात है.
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुई एफआईआर
एंटी करप्शन संगठन की तहरीर पर फतेहपुर सदर कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई. आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को एंटी करप्शन टीम अपने साथ प्रयागराज ले गई. उसे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा. कोतवाल हेमंत मिश्रा ने बताया कि लिखापढ़ी पूरी होने के बाद आरोपी को एंटी करप्शन टीम के सुपुर्द कर दिया गया है. मामले की विवेचना एंटी करप्शन संगठन द्वारा की जा रही है.
Fatehpur News: फतेहपुर में एंटी करप्शन का बड़ा एक्शन, 1 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार हुआ वरिष्ठ लेखा परीक्षक
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में ऑडिट रिपोर्ट के नाम पर रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है. बुढ़वन इंटर कॉलेज प्रबंधन की शिकायत पर एंटी करप्शन संगठन प्रयागराज ने जाल बिछाकर स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग के वरिष्ठ लेखा परीक्षक रविंद्र प्रताप सिंह को पहली किस्त के रूप में 1 लाख रुपये लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया. आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
पहले 1.80 लाख रुपये मांगे, बाद में 1.60 लाख पर हुई बात
चौड़ाखेर मोहल्ला निवासी एवं बुढ़वन इंटर कॉलेज की प्रबंधक रीता सिंह के पुत्र अभय प्रताप सिंह ने बताया कि उनकी मां की तबीयत ठीक न होने के कारण ऑडिट से जुड़ी पूरी बातचीत उन्होंने ही वरिष्ठ लेखा परीक्षक रविंद्र प्रताप सिंह से की थी. आरोप है कि शुरुआत में ऑडिट रिपोर्ट लगाने के एवज में 1.80 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई. कॉलेज की आर्थिक स्थिति और विद्यार्थियों के हित का हवाला देने पर आरोपी ने 20 हजार रुपये कम कर 1.60 लाख रुपये लेने पर सहमति जताई.
राष्ट्रीय राजमार्ग मुआवजे से कराया गया था निर्माण कार्य
अभय प्रताप सिंह के अनुसार वर्ष 2020-21 में राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए बुढ़वन इंटर कॉलेज की कुछ भूमि अधिग्रहित की गई थी. इसके बदले कॉलेज को करीब 1.09 करोड़ रुपये का मुआवजा मिला था. इसी धनराशि से कॉलेज परिसर में नए कक्षों का निर्माण और पुराने भवनों की मरम्मत कराई गई. निर्माण कार्य की ऑडिट रिपोर्ट लगाने के नाम पर आरोपी लगातार रिश्वत की मांग कर रहा था. बताया गया कि वह पिछले एक महीने में दो बार जांच के बहाने कॉलेज भी पहुंचा था.
ऑडियो क्लिप बनी सबसे बड़ा सबूत
रिश्वत की लगातार मांग से परेशान होकर अभय प्रताप सिंह ने 23 जुलाई को भ्रष्टाचार निवारण संगठन के मंडलीय थाने प्रयागराज में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के साथ रिश्वत मांगने की ऑडियो क्लिप भी साक्ष्य के रूप में सौंपी गई. प्रारंभिक जांच और सत्यापन में शिकायत सही मिलने के बाद एंटी करप्शन संगठन ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई.
समर चाय के पास बिछा जाल, 1 लाख लेते ही दबोचा
प्रयागराज की 13 सदस्यीय एंटी करप्शन ट्रैप टीम ने सोमवार दोपहर करीब 1:25 बजे जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के सामने आबूनगर स्थित समर चाय भंडार के पास जाल बिछाया. शिकायतकर्ता ने जैसे ही पहली किस्त के रूप में 1 लाख रुपये आरोपी को दिए, टीम ने तत्काल उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया.
गिरफ्तार आरोपी की पहचान रायबरेली जिले के राना नगर निवासी रविंद्र प्रताप सिंह के रूप में हुई है. वह वर्तमान में स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग, फतेहपुर में वरिष्ठ लेखा परीक्षक के पद पर तैनात है.
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुई एफआईआर
एंटी करप्शन संगठन की तहरीर पर फतेहपुर सदर कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई. आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को एंटी करप्शन टीम अपने साथ प्रयागराज ले गई. उसे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा. कोतवाल हेमंत मिश्रा ने बताया कि लिखापढ़ी पूरी होने के बाद आरोपी को एंटी करप्शन टीम के सुपुर्द कर दिया गया है. मामले की विवेचना एंटी करप्शन संगठन द्वारा की जा रही है.