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Fatehpur News: फतेहपुर में आंगनबाड़ी कायाकल्प घोटाला! खुलासे के बाद भी जमा हुआ है भ्रष्टाचारी सचिव, RTI और जांच रिपोर्ट ने खड़े किए बड़े सवाल

Fatehpur News: फतेहपुर में आंगनबाड़ी कायाकल्प घोटाला! खुलासे के बाद भी जमा हुआ है भ्रष्टाचारी सचिव, RTI और जांच रिपोर्ट ने खड़े किए बड़े सवाल
फतेहपुर में आंगनबाड़ी कायाकल्प घोटाला, दो साल बाद भी जमा हुआ है भ्रष्टाचारी सचिव: Image Credit Original Source

फतेहपुर के मालवां ब्लॉक की ग्राम पंचायत गोधरौली में आंगनबाड़ी कायाकल्प कार्य को लेकर टेंडर घोटाले का मामला सामने आया है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही निर्माण कार्य करा दिया गया. RTI और जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के बावजूद दो वर्ष बाद भी विभागीय कार्रवाई न होने पर सवाल उठ रहे हैं.

Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में आंगनबाड़ी कायाकल्प योजना के तहत कराए गए निर्माण कार्य में वित्तीय अनियमितता का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. मालवां विकासखंड की ग्राम पंचायत गोधरौली में हुए कार्य को लेकर अधिवक्ता लोकेश कुमार द्विवेदी ने गंभीर आरोप लगाए हैं. शिकायत, RTI से प्राप्त जानकारी और जांच रिपोर्ट के आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है.

टेंडर प्रक्रिया से पहले ही शुरू हो गया था निर्माण कार्य

जानकारी के अनुसार मालवां ब्लॉक की ग्राम पंचायत गोधरौली स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के कायाकल्प कार्य के लिए 12 नवंबर 2024 को निविदा प्रकाशित की गई थी. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 13 नवंबर से 19 नवंबर 2024 तक टेंडर प्रक्रिया पूरी होनी थी.

शिकायतकर्ता एवं गांव निवासी अधिवक्ता लोकेश कुमार द्विवेदी का कहना है कि जब वह आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे तो वहां निर्माण कार्य पहले से चल रहा था. उनका दावा है कि 27 नवंबर 2024 तक पूरा निर्माण कार्य भी समाप्त हो चुका था. ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि निविदा प्रक्रिया पूरी होने से पहले निर्माण कार्य किसके आदेश पर और किस आधार पर कराया गया.

पसंदीदा सप्लायर से काम कराने का आरोप

अधिवक्ता लोकेश कुमार द्विवेदी का आरोप है कि संबंधित ग्राम सचिव कृष्ण गोपाल शुक्ला ने ने अपने पसंदीदा सप्लायर से सांठ-गांठ करते हुए पहले ही पूरा निर्माण कार्य करा लिया और बाद में केवल कागजी औपचारिकता पूरी करने के लिए स्थानीय समाचार पत्र में टेंडर प्रकाशित कराया.

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उनका कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो यह सरकारी खरीद प्रक्रिया और निविदा नियमों का गंभीर उल्लंघन है तथा सरकारी धन के उपयोग में बड़ी वित्तीय अनियमितता की ओर संकेत करता है.

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जांच रिपोर्ट में भी उठे सचिव की भूमिका पर सवाल

शिकायतकर्ता के अनुसार मामले की शिकायत तत्कालीन एडीओ पंचायत से की गई थी. जांच के बाद एडीओ पंचायत ने अपनी लिखित रिपोर्ट में संबंधित सचिव की भूमिका को संदिग्ध माना और पूरे प्रकरण में अनियमितताओं की पुष्टि संबंधी टिप्पणियां दर्ज कीं.

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RTI में हुआ बड़ा खुलासा सचिव ने भी स्वीकारा

लोकेश कहते हैं कि सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत प्राप्त जवाब में तत्कालीन सचिव कृष्ण गोपाल शुक्ला ने स्वीकार किया कि संबंधित टेंडर में किसी भी ठेकेदार द्वारा निविदा प्रपत्र (Tender Form) जमा नहीं किया गया था.

यदि यह तथ्य सही है तो यह सवाल उठता है कि बिना किसी वैध निविदा प्रक्रिया के निर्माण कार्य किसे आवंटित किया गया और सरकारी धन का भुगतान किस नियम के तहत किया गया.

दो साल बाद भी नहीं हुई विभागीय कार्रवाई

बताया जा रहा है कि पूरे मामले को लगभग दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन तत्कालीन सचिव कृष्ण गोपाल शुक्ला के खिलाफ अब तक कोई विभागीय कार्रवाई नहीं हुई है. लोकेश द्विवेदी ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. साथ ही ग्राम पंचायत में लगातार हो रहे भ्रष्टाचार की भी मांग की है.

08 Jul 2026 By Vishwa Deepak Awasthi

Fatehpur News: फतेहपुर में आंगनबाड़ी कायाकल्प घोटाला! खुलासे के बाद भी जमा हुआ है भ्रष्टाचारी सचिव, RTI और जांच रिपोर्ट ने खड़े किए बड़े सवाल

Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में आंगनबाड़ी कायाकल्प योजना के तहत कराए गए निर्माण कार्य में वित्तीय अनियमितता का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. मालवां विकासखंड की ग्राम पंचायत गोधरौली में हुए कार्य को लेकर अधिवक्ता लोकेश कुमार द्विवेदी ने गंभीर आरोप लगाए हैं. शिकायत, RTI से प्राप्त जानकारी और जांच रिपोर्ट के आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है.

टेंडर प्रक्रिया से पहले ही शुरू हो गया था निर्माण कार्य

जानकारी के अनुसार मालवां ब्लॉक की ग्राम पंचायत गोधरौली स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के कायाकल्प कार्य के लिए 12 नवंबर 2024 को निविदा प्रकाशित की गई थी. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 13 नवंबर से 19 नवंबर 2024 तक टेंडर प्रक्रिया पूरी होनी थी.

शिकायतकर्ता एवं गांव निवासी अधिवक्ता लोकेश कुमार द्विवेदी का कहना है कि जब वह आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे तो वहां निर्माण कार्य पहले से चल रहा था. उनका दावा है कि 27 नवंबर 2024 तक पूरा निर्माण कार्य भी समाप्त हो चुका था. ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि निविदा प्रक्रिया पूरी होने से पहले निर्माण कार्य किसके आदेश पर और किस आधार पर कराया गया.

पसंदीदा सप्लायर से काम कराने का आरोप

अधिवक्ता लोकेश कुमार द्विवेदी का आरोप है कि संबंधित ग्राम सचिव कृष्ण गोपाल शुक्ला ने ने अपने पसंदीदा सप्लायर से सांठ-गांठ करते हुए पहले ही पूरा निर्माण कार्य करा लिया और बाद में केवल कागजी औपचारिकता पूरी करने के लिए स्थानीय समाचार पत्र में टेंडर प्रकाशित कराया.

उनका कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो यह सरकारी खरीद प्रक्रिया और निविदा नियमों का गंभीर उल्लंघन है तथा सरकारी धन के उपयोग में बड़ी वित्तीय अनियमितता की ओर संकेत करता है.

जांच रिपोर्ट में भी उठे सचिव की भूमिका पर सवाल

शिकायतकर्ता के अनुसार मामले की शिकायत तत्कालीन एडीओ पंचायत से की गई थी. जांच के बाद एडीओ पंचायत ने अपनी लिखित रिपोर्ट में संबंधित सचिव की भूमिका को संदिग्ध माना और पूरे प्रकरण में अनियमितताओं की पुष्टि संबंधी टिप्पणियां दर्ज कीं.

RTI में हुआ बड़ा खुलासा सचिव ने भी स्वीकारा

लोकेश कहते हैं कि सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत प्राप्त जवाब में तत्कालीन सचिव कृष्ण गोपाल शुक्ला ने स्वीकार किया कि संबंधित टेंडर में किसी भी ठेकेदार द्वारा निविदा प्रपत्र (Tender Form) जमा नहीं किया गया था.

यदि यह तथ्य सही है तो यह सवाल उठता है कि बिना किसी वैध निविदा प्रक्रिया के निर्माण कार्य किसे आवंटित किया गया और सरकारी धन का भुगतान किस नियम के तहत किया गया.

दो साल बाद भी नहीं हुई विभागीय कार्रवाई

बताया जा रहा है कि पूरे मामले को लगभग दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन तत्कालीन सचिव कृष्ण गोपाल शुक्ला के खिलाफ अब तक कोई विभागीय कार्रवाई नहीं हुई है. लोकेश द्विवेदी ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. साथ ही ग्राम पंचायत में लगातार हो रहे भ्रष्टाचार की भी मांग की है.

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