Fatehpur News: फतेहपुर में पकड़े गए अंतर्जनपदीय तस्कर ! ट्रेन में ऐसे छिपाकर लाते थे गांजा, मास्टरमाइंड शिवहरे फरार
फतेहपुर की खागा कोतवाली पुलिस ने अंतर्जनपदीय गांजा तस्करी गिरोह का खुलासा करते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से 12 किलो गांजा, मोबाइल फोन, नकदी और ट्रेन टिकट बरामद हुए हैं. पूछताछ में सामने आया कि वे ओडिशा से ट्रेन के टॉयलेट की छत में गांजा छिपाकर उत्तर प्रदेश लाते थे. मामले का कथित मास्टरमाइंड शुभम शिवहरे अभी फरार है.
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में पुलिस ने गांजा तस्करी के एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसकी तस्करी की तरकीब सुनकर हर कोई हैरान है. खागा कोतवाली क्षेत्र में पकड़े गए तीन तस्करों ने पूछताछ में बताया कि वे ओडिशा से ट्रेन के टॉयलेट की छत खोलकर उसमें गांजा छिपाते थे और फिर उसे प्रयागराज होते हुए फतेहपुर तथा आसपास के इलाकों तक पहुंचाते थे. पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड शुभम शिवहरे अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है.
रामपुर मोड़ के पास घेराबंदी कर पुलिस ने तीन को दबोचा
जानकारी के मुताबिक महिचा चौकी प्रभारी राहुल कुमार पांडेय अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्त और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे. इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर रामपुर मोड़ के पास घेराबंदी की गई. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चित्रकूट जिले के कर्वी कोतवाली क्षेत्र के कोल बदइया निवासी संदीप जायसवाल, बांदा जिले के बबेरू कोतवाली क्षेत्र के रमपुरवा केवटरा निवासी सुरेश निषाद तथा भदौसा निवासी पिंटू यादव को गिरफ्तार कर लिया.

ट्रेन के टॉयलेट की छत में छिपाई जाती थी नशे की खेप
इस तरीके से यात्रा के दौरान चेकिंग होने पर भी गांजा आसानी से पकड़ में नहीं आता था. प्रयागराज पहुंचने के बाद वे दोबारा टॉयलेट की छत खोलकर गांजा निकालते और फिर उसे तय स्थानों तक पहुंचाते थे. पुलिस को आरोपियों के पास से ओडिशा से प्रयागराज तक के दो ट्रेन टिकट भी मिले हैं, जो उनकी तस्करी के रूट और तरीके की पुष्टि करते हैं. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के जरिए अब तक कितनी खेप उत्तर प्रदेश लाई जा चुकी है.
प्रति किलो एक हजार कमीशन, पूरा खर्च उठाता था खरीदार
गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे इस काम के बदले कमीशन प्राप्त करते थे. हर किलो गांजा लाने पर उन्हें एक हजार रुपये दिए जाते थे. इसके अलावा यात्रा, होटल में ठहरने और खाने-पीने का पूरा खर्च भी खरीदार की ओर से वहन किया जाता था. पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच से ये जानकारी भी मिलती है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और इसी तरीके से गांजा सप्लाई कर रहा था.
शुभम शिवहरे बताया जा रहा नेटवर्क का मास्टरमाइंड
पूछताछ में आरोपियों ने जिस नाम का सबसे ज्यादा जिक्र किया, वह शुभम शिवहरे है. जानकारी के मुताबिक शुभम शिवहरे नउवाबाग क्षेत्र में भांग की दुकान संचालित करता है. दुकान परिवार के सदस्य के नाम पर बताई जा रही है. आरोपियों का दावा है कि वही गांजा मंगाने और उसकी खरीद का काम करता था.
जानकारों की माने तो शुभम का नाम पहले से गांजा तस्करी से जुड़े मामलों में सामने आता रहा है. हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और उसके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों को खंगाल रही है. फिलहाल वह फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है.
एनडीपीएस एक्ट में दर्ज हुआ मुकदमा, नेटवर्क की हो रही पड़ताल
खागा कोतवाली पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया सीओ है. सीओ दुर्गेश दीप ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं. बरामद ट्रेन टिकट, मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि फरार शुभम शिवहरे की तलाश जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा.
Fatehpur News: फतेहपुर में पकड़े गए अंतर्जनपदीय तस्कर ! ट्रेन में ऐसे छिपाकर लाते थे गांजा, मास्टरमाइंड शिवहरे फरार
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में पुलिस ने गांजा तस्करी के एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसकी तस्करी की तरकीब सुनकर हर कोई हैरान है. खागा कोतवाली क्षेत्र में पकड़े गए तीन तस्करों ने पूछताछ में बताया कि वे ओडिशा से ट्रेन के टॉयलेट की छत खोलकर उसमें गांजा छिपाते थे और फिर उसे प्रयागराज होते हुए फतेहपुर तथा आसपास के इलाकों तक पहुंचाते थे. पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड शुभम शिवहरे अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है.
रामपुर मोड़ के पास घेराबंदी कर पुलिस ने तीन को दबोचा
जानकारी के मुताबिक महिचा चौकी प्रभारी राहुल कुमार पांडेय अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्त और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे. इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर रामपुर मोड़ के पास घेराबंदी की गई. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चित्रकूट जिले के कर्वी कोतवाली क्षेत्र के कोल बदइया निवासी संदीप जायसवाल, बांदा जिले के बबेरू कोतवाली क्षेत्र के रमपुरवा केवटरा निवासी सुरेश निषाद तथा भदौसा निवासी पिंटू यादव को गिरफ्तार कर लिया.
तलाशी लेने पर पुलिस को उनके कब्जे से 12 किलो गांजा बरामद हुआ. इसके अलावा तीन मोबाइल फोन, एक स्क्रू ड्राइवर और 920 रुपये नकद भी मिले. बरामद सामान को कब्जे में लेकर पुलिस आरोपियों को थाने ले गई, जहां उनसे विस्तृत पूछताछ की गई. शुरुआती जांच में ही यह स्पष्ट हो गया कि मामला सिर्फ स्थानीय स्तर की तस्करी का नहीं बल्कि कई जिलों और राज्यों से जुड़ा नेटवर्क है.
ट्रेन के टॉयलेट की छत में छिपाई जाती थी नशे की खेप
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने जो तरीका बताया, वह बेहद चौंकाने वाला था. आरोपियों के अनुसार वे ओडिशा से गांजा खरीदकर ट्रेन के जरिए उत्तर प्रदेश तक लाते थे. सफर के दौरान वे ट्रेन के टॉयलेट की छत को स्क्रू ड्राइवर से खोलते और उसके भीतर गांजे के पैकेट छिपा देते थे.
इस तरीके से यात्रा के दौरान चेकिंग होने पर भी गांजा आसानी से पकड़ में नहीं आता था. प्रयागराज पहुंचने के बाद वे दोबारा टॉयलेट की छत खोलकर गांजा निकालते और फिर उसे तय स्थानों तक पहुंचाते थे. पुलिस को आरोपियों के पास से ओडिशा से प्रयागराज तक के दो ट्रेन टिकट भी मिले हैं, जो उनकी तस्करी के रूट और तरीके की पुष्टि करते हैं. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के जरिए अब तक कितनी खेप उत्तर प्रदेश लाई जा चुकी है.
प्रति किलो एक हजार कमीशन, पूरा खर्च उठाता था खरीदार
गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे इस काम के बदले कमीशन प्राप्त करते थे. हर किलो गांजा लाने पर उन्हें एक हजार रुपये दिए जाते थे. इसके अलावा यात्रा, होटल में ठहरने और खाने-पीने का पूरा खर्च भी खरीदार की ओर से वहन किया जाता था. पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच से ये जानकारी भी मिलती है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और इसी तरीके से गांजा सप्लाई कर रहा था.
शुभम शिवहरे बताया जा रहा नेटवर्क का मास्टरमाइंड
पूछताछ में आरोपियों ने जिस नाम का सबसे ज्यादा जिक्र किया, वह शुभम शिवहरे है. जानकारी के मुताबिक शुभम शिवहरे नउवाबाग क्षेत्र में भांग की दुकान संचालित करता है. दुकान परिवार के सदस्य के नाम पर बताई जा रही है. आरोपियों का दावा है कि वही गांजा मंगाने और उसकी खरीद का काम करता था.
जानकारों की माने तो शुभम का नाम पहले से गांजा तस्करी से जुड़े मामलों में सामने आता रहा है. हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और उसके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों को खंगाल रही है. फिलहाल वह फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है.
एनडीपीएस एक्ट में दर्ज हुआ मुकदमा, नेटवर्क की हो रही पड़ताल
खागा कोतवाली पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया सीओ है. सीओ दुर्गेश दीप ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं. बरामद ट्रेन टिकट, मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि फरार शुभम शिवहरे की तलाश जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा.