
गौशाला के नाम पर 32 करोड़ की ठगी: कई राज्यों से 178 शिकायतें, कानपुर पुलिस ने फतेहपुर से किया गिरफ्तार
कानपुर पुलिस ने साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए फतेहपुर के ललौली थाना क्षेत्र के कोर्राकरन गांव निवासी सूरज निषाद को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, गोमाता गोरक्षा सेवा मंच के ट्रस्ट खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में किया जा रहा था. वहीं गिरफ्तारी के बाद ग्रामीणों ने आरोपी पर गौशाला और गोसेवा के नाम पर लाखों रुपये चंदा वसूलने के आरोप लगाए हैं.
Fatehpur News: फतेहपुर के ललौली थाना क्षेत्र के कोर्राकरन गांव निवासी सूरज निषाद की गिरफ्तारी के बाद साइबर ठगी का मामला अब स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है. कानपुर पुलिस की कार्रवाई के बाद गांव के लोगों ने दावा किया है कि आरोपी वर्षों से गौशाला निर्माण और गोसेवा के नाम पर लोगों से चंदा एकत्र करता था. अब साइबर ठगी के मामले में उसका नाम सामने आने के बाद क्षेत्र के लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं.
गौशाला और गोसेवा के नाम पर लोगों से जुटाया चंदा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सूरज निषाद खुद को गोसेवा से जुड़ा सामाजिक कार्यकर्ता बताकर गांवों और कस्बों में लोगों से आर्थिक सहयोग मांगता था. वह गौशाला निर्माण, गायों के चारे और सेवा के नाम पर लोगों से दान लेने की अपील करता था.

कानपुर पुलिस ने किया साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा
32 करोड़ रुपये का लेनदेन, कई राज्यों से 178 शिकायतें
पुलिस जांच में सामने आया कि ट्रस्ट के बैंक खाते से करीब 32 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन हुआ. इस मामले में देश के विभिन्न राज्यों से 178 शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज हुई हैं. जांच के दौरान साइबर सेल ने करोड़ों रुपये की राशि फ्रीज करने की कार्रवाई भी की है और पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं.
ग्रामीणों में आक्रोश, निष्पक्ष जांच की मांग
सूरज निषाद की गिरफ्तारी के बाद कोर्राकरन और आसपास के क्षेत्रों में लोगों के बीच नाराजगी है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि गौशाला और गोसेवा के नाम पर एकत्र की गई धनराशि का भी दुरुपयोग हुआ है तो इसकी अलग से गहन जांच होनी चाहिए. लोगों का कहना है कि धार्मिक आस्था और गोसेवा के नाम पर सहयोग करने वालों के साथ यदि धोखा हुआ है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.
गौशाला के नाम पर 32 करोड़ की ठगी: कई राज्यों से 178 शिकायतें, कानपुर पुलिस ने फतेहपुर से किया गिरफ्तार
Fatehpur News: फतेहपुर के ललौली थाना क्षेत्र के कोर्राकरन गांव निवासी सूरज निषाद की गिरफ्तारी के बाद साइबर ठगी का मामला अब स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है. कानपुर पुलिस की कार्रवाई के बाद गांव के लोगों ने दावा किया है कि आरोपी वर्षों से गौशाला निर्माण और गोसेवा के नाम पर लोगों से चंदा एकत्र करता था. अब साइबर ठगी के मामले में उसका नाम सामने आने के बाद क्षेत्र के लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं.
गौशाला और गोसेवा के नाम पर लोगों से जुटाया चंदा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सूरज निषाद खुद को गोसेवा से जुड़ा सामाजिक कार्यकर्ता बताकर गांवों और कस्बों में लोगों से आर्थिक सहयोग मांगता था. वह गौशाला निर्माण, गायों के चारे और सेवा के नाम पर लोगों से दान लेने की अपील करता था.
जानकारी के मुताबिक उसकी बातों पर भरोसा कर कई लोगों ने हजारों रुपये से लेकर लाखों रुपये तक का सहयोग दिया. गिरफ्तारी के बाद अब दान देने वाले लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.
कानपुर पुलिस ने किया साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा
कानपुर पुलिस ने गुरुवार को फतेहपुर निवासी सूरज निषाद और फिनो पेमेंट बैंक के कर्मचारी विक्रम कुमार को गिरफ्तार किया. पुलिस के अनुसार, गोमाता गोरक्षा सेवा मंच के नाम पर बनाए गए ट्रस्ट के बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को मंगाने और उसे विभिन्न खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था.
32 करोड़ रुपये का लेनदेन, कई राज्यों से 178 शिकायतें
पुलिस जांच में सामने आया कि ट्रस्ट के बैंक खाते से करीब 32 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन हुआ. इस मामले में देश के विभिन्न राज्यों से 178 शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज हुई हैं. जांच के दौरान साइबर सेल ने करोड़ों रुपये की राशि फ्रीज करने की कार्रवाई भी की है और पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं.
ग्रामीणों में आक्रोश, निष्पक्ष जांच की मांग
सूरज निषाद की गिरफ्तारी के बाद कोर्राकरन और आसपास के क्षेत्रों में लोगों के बीच नाराजगी है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि गौशाला और गोसेवा के नाम पर एकत्र की गई धनराशि का भी दुरुपयोग हुआ है तो इसकी अलग से गहन जांच होनी चाहिए. लोगों का कहना है कि धार्मिक आस्था और गोसेवा के नाम पर सहयोग करने वालों के साथ यदि धोखा हुआ है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.