
Dharmendra Pradhan Resigns: कॉकरोच के चक्रव्यूह में फंसे धर्मेंद्र प्रधान ! मंत्री पद से दिया इस्तीफा, साझा किया संदेश
नीट-यूजी परीक्षा विवाद और लगातार जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को त्यागपत्र भेजने की जानकारी दी. अपने पत्र में उन्होंने युवाओं के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए यह निर्णय लेने की बात कही.
Dharmendra Pradhan Resigns: NEET-UG परीक्षा को लेकर देशभर में छिड़े विवाद और पिछले कई दिनों से जारी राजनीतिक एवं छात्र संगठनों के विरोध के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि यह फैसला किसी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा के लिए नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है.
एक्स पर दी इस्तीफे की जानकारी
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने आधिकारिक एक्स पोस्ट में बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्यागपत्र भेज दिया है. उन्होंने लिखा कि पिछले 10 दिनों की घटनाओं ने उन्हें बेहद दुखी किया है. उन्होंने कहा कि भारत की युवाशक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है और उसे किसी भी भ्रम या भटकाव के कुचक्र में फंसने नहीं दिया जाएगा.
https://twitter.com/i/status/2080938216505667663

इस्तीफा पत्र में शिक्षा व्यवस्था पर जताया भरोसा
नीट विवाद पर क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान
पूर्व शिक्षा मंत्री ने अपने पत्र में NEET-UG परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि जैसे ही मामले की जानकारी मिली, केंद्र सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच सीबीआई को सौंप दी. साथ ही परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया ताकि किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो.
उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में NEET-UG परीक्षा को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में कराने का निर्णय लिया गया है, जिससे परीक्षा प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाई जा सके.
20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा कराना थी प्राथमिकता
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार का सबसे बड़ा उद्देश्य 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों की परीक्षा को निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना था. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और जिला प्रशासन के समन्वय से 21 जून 2026 को परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित कराई गई.
पहले दिन से जिम्मेदारी स्वीकार की
उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि उन्होंने शुरुआत से ही इस पूरे मामले की जिम्मेदारी स्वीकार की और कभी भी इससे पीछे नहीं हटे. उनका संकल्प था कि परीक्षा माफिया किसी भी मेधावी छात्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ न कर सके और किसी भी विद्यार्थी के साथ अन्याय न हो.
उन्होंने यह भी कहा कि 16 जुलाई को घोषित NEET-UG परीक्षा परिणाम में गरीब और सामान्य परिवारों से आने वाले कई प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की, जो शिक्षा व्यवस्था में विश्वास का प्रतीक है.
विरोध प्रदर्शन और युवाओं के भविष्य का जिक्र
धर्मेंद्र प्रधान ने जंतर-मंतर सहित देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह मामला किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा से कहीं बड़ा है. उन्होंने कहा कि देश की एकता और विद्यार्थियों के भविष्य को किसी भी प्रकार की कानूनी या राजनीतिक जटिलता में नहीं फंसने देना चाहिए.
उन्होंने लिखा कि राष्ट्र विरोधी ताकतें मौजूदा परिस्थितियों का लाभ न उठा सकें और विद्यार्थी आंदोलन की बजाय अपनी पढ़ाई एवं करियर पर ध्यान केंद्रित कर सकें, इसी सोच के साथ उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया.
प्रधानमंत्री का जताया आभार
अपने संदेश के अंत में धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य है और वह भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता तथा देश के युवाओं की सेवा के लिए समर्पित रहेंगे.
Dharmendra Pradhan Resigns: कॉकरोच के चक्रव्यूह में फंसे धर्मेंद्र प्रधान ! मंत्री पद से दिया इस्तीफा, साझा किया संदेश
Dharmendra Pradhan Resigns: NEET-UG परीक्षा को लेकर देशभर में छिड़े विवाद और पिछले कई दिनों से जारी राजनीतिक एवं छात्र संगठनों के विरोध के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि यह फैसला किसी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा के लिए नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है.
एक्स पर दी इस्तीफे की जानकारी
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने आधिकारिक एक्स पोस्ट में बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्यागपत्र भेज दिया है. उन्होंने लिखा कि पिछले 10 दिनों की घटनाओं ने उन्हें बेहद दुखी किया है. उन्होंने कहा कि भारत की युवाशक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है और उसे किसी भी भ्रम या भटकाव के कुचक्र में फंसने नहीं दिया जाएगा.
https://twitter.com/i/status/2080938216505667663
इस्तीफा पत्र में शिक्षा व्यवस्था पर जताया भरोसा
अपने त्यागपत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वह पिछले चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार से जुड़े रहे हैं. उनके अनुसार मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही विकसित भारत की आधारशिला है. उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और विद्यार्थियों का विश्वास बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है.
नीट विवाद पर क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान
पूर्व शिक्षा मंत्री ने अपने पत्र में NEET-UG परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि जैसे ही मामले की जानकारी मिली, केंद्र सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच सीबीआई को सौंप दी. साथ ही परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया ताकि किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो.
उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में NEET-UG परीक्षा को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में कराने का निर्णय लिया गया है, जिससे परीक्षा प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाई जा सके.
20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा कराना थी प्राथमिकता
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार का सबसे बड़ा उद्देश्य 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों की परीक्षा को निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना था. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और जिला प्रशासन के समन्वय से 21 जून 2026 को परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित कराई गई.
पहले दिन से जिम्मेदारी स्वीकार की
उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि उन्होंने शुरुआत से ही इस पूरे मामले की जिम्मेदारी स्वीकार की और कभी भी इससे पीछे नहीं हटे. उनका संकल्प था कि परीक्षा माफिया किसी भी मेधावी छात्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ न कर सके और किसी भी विद्यार्थी के साथ अन्याय न हो.
उन्होंने यह भी कहा कि 16 जुलाई को घोषित NEET-UG परीक्षा परिणाम में गरीब और सामान्य परिवारों से आने वाले कई प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की, जो शिक्षा व्यवस्था में विश्वास का प्रतीक है.
विरोध प्रदर्शन और युवाओं के भविष्य का जिक्र
धर्मेंद्र प्रधान ने जंतर-मंतर सहित देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह मामला किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा से कहीं बड़ा है. उन्होंने कहा कि देश की एकता और विद्यार्थियों के भविष्य को किसी भी प्रकार की कानूनी या राजनीतिक जटिलता में नहीं फंसने देना चाहिए.
उन्होंने लिखा कि राष्ट्र विरोधी ताकतें मौजूदा परिस्थितियों का लाभ न उठा सकें और विद्यार्थी आंदोलन की बजाय अपनी पढ़ाई एवं करियर पर ध्यान केंद्रित कर सकें, इसी सोच के साथ उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया.
प्रधानमंत्री का जताया आभार
अपने संदेश के अंत में धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य है और वह भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता तथा देश के युवाओं की सेवा के लिए समर्पित रहेंगे.