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Fatehpur News: फतेहपुर में बिना मानकों के संचालित हैं सैकड़ों नर्सिंग होम, कोचिंग सेंटर और होटल, क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन?

Fatehpur News: फतेहपुर में बिना मानकों के संचालित हैं सैकड़ों नर्सिंग होम, कोचिंग सेंटर और होटल, क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन?
लखनऊ अग्निकांड के बाद भी फतेहपुर में प्रशासन नहीं ले रहा सबक, जिले में बिना मानक के चल रहे हैं नर्सिंग होम कोचिंग सेंटर और होटल (प्रतीकात्मक फोटो): Image Credit Original Source

लखनऊ के कोचिंग सेंटर में हुई आग की घटना के बाद पूरे प्रदेश में अग्नि सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ी है, कानपुर में 31 कोचिंग सेंटर सील किए गए हैं. लेकिन फतेहपुर में अब भी प्रशासन सुस्त दिखाई दे रहा है. जिले में सैकड़ों कोचिंग सेंटर, नर्सिंग होम, होटल, गेस्ट हाउस और मैरिज हॉल बिना सुरक्षा मानकों के संचालित हो रहे हैं. कई जगहों पर फायर एनओसी तक नहीं है, वहीं कई स्थानों में बिना मानक के NOC जारी की जा चुकी है.

Fatehpur News: उत्तर प्रदेश का फतेहपुर जिला एक ऐसे खतरे के मुहाने पर खड़ा दिखाई दे रहा है, जहां लापरवाही किसी भी दिन बड़े हादसे में बदल सकती है. लखनऊ के अलीगंज कोचिंग अग्निकांड के बाद प्रदेश सरकार भले ही सख्त हो गई हो, लेकिन जिले में सुरक्षा मानकों की अनदेखी अब भी जारी है. सबसे बड़ी चिंता यह है कि हजारों छात्र, मरीज और आम लोग प्रतिदिन ऐसे संस्थानों में पहुंच रहे हैं, जहां आपात स्थिति से निपटने की पर्याप्त व्यवस्था तक मौजूद नहीं है.

फायर एनओसी व्यवस्था पर भी उठ रहे सवाल

जिले में फायर विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ संस्थानों को मानकों का पूरी तरह पालन किए बिना ही एनओसी जारी कर दी जाती है. वहीं लखनऊ की घटना के बाद लोगों में इसको लेकर लगातार चर्चाएं होती रही हैं. अग्निशमन विभाग अब इसको लेकर खाना पूर्ति करने में लगा हुआ है.

जिले में सैकड़ों कोचिंग सेंटर, लेकिन पंजीकृत केवल 11

जिले में बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं, लेकिन इनमें से केवल 11 कोचिंग सेंटर ही पंजीकृत बताए जा रहे हैं. इनमें भी महज पांच संस्थानों के पास फायर एनओसी उपलब्ध है.

कई कोचिंग सेंटर दो मंजिला इमारतों और बेसमेंट में संचालित हो रहे हैं, जहां आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरण और सुरक्षा प्रबंधन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. ऐसे में किसी भी दुर्घटना की स्थिति में बड़ी जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.

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बेसमेंट में चल रहे नर्सिंग होम बने खतरे की वजह

शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक कई निजी अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक और पैथोलॉजी लैब नियमों के विपरीत संचालित हो रहे हैं. कई जगह बेसमेंट में अस्पतालों का संचालन किया जा रहा है, जबकि शासन के नियमों के तहत यह पूरी तरह प्रतिबंधित माना जाता है.

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जानकारों की माने तो बेसमेंट में वेंटिलेशन और सुरक्षित निकास मार्ग का अभाव होने से आग लगने की स्थिति में दम घुटने और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है. इसके बावजूद कई स्थानों पर इस प्रकार का संचालन लगातार जारी है. 

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350 से अधिक होटल, गेस्ट हाउस और मैरिज हॉल बिना एनओसी

दिल्ली में हुए रेस्टोरेंट अग्निकांड जैसी घटनाओं के बाद भी फतेहपुर में होटल और मैरिज हॉल संचालकों पर इसका प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है.

जानकारी के मुताबिक जिले में 350 से अधिक होटल, गेस्ट हाउस और मैरिज हॉल संचालित हैं, लेकिन उनमें से केवल आठ प्रतिष्ठानों के पास ही फायर एनओसी मौजूद है. प्रशासन और अग्निशमन विभाग को इसकी जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई सीमित स्तर पर ही दिखाई दे रही है.

संकरी गलियां भी बढ़ा सकती हैं मुश्किलें

भारतीय राष्ट्रीय भवन संहिता (नेशनल बिल्डिंग कोड) के अनुसार बड़ी इमारतों तक दमकल वाहनों की निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करना आवश्यक है. लेकिन फतेहपुर शहर, खागा और बिंदकी समेत कई पुराने बाजार और रिहायशी इलाके संकरी गलियों की समस्या से जूझ रहे हैं.

ऐसी स्थिति में आग लगने पर दमकल वाहनों का समय पर घटनास्थल तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, जिससे राहत और बचाव कार्य प्रभावित होने का खतरा बढ़ जाता है.

क्या हैं अग्नि सुरक्षा के प्रमुख मानक
  • 15 मीटर तक ऊंची इमारतों के लिए कम से कम छह मीटर चौड़ा मार्ग होना चाहिए.
  • 15 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली इमारतों के लिए 7.5 मीटर चौड़ा मार्ग जरूरी है.
  • बड़े प्रतिष्ठानों के प्रवेश द्वार की चौड़ाई कम से कम पांच मीटर और ऊंचाई छह मीटर तक होनी चाहिए.
  • मोड़ों पर न्यूनतम नौ मीटर का टर्निंग रेडियस होना चाहिए.
  • इमारतों के आसपास का क्षेत्र पूरी तरह अवरोध मुक्त रहना चाहिए.
क्या बोले मुख्य अग्निशमन अधिकारी

मुख्य अग्निशमन अधिकारी जसबीर सिंह ने मीडिया रिपोर्ट्स में बताया कि बिना फायर एनओसी संचालित हो रहे करीब 70 होटल संचालकों को नोटिस जारी किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि अभियान लगातार जारी है और कोचिंग सेंटरों के साथ नर्सिंग होम की भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

सरकार की सख्ती के बाद बढ़ सकती है कार्रवाई

लखनऊ अग्निकांड के बाद योगी सरकार ने प्रदेशभर में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सख्ती बढ़ा दी है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बिना मानकों के संचालित कोचिंग सेंटर, नर्सिंग होम, होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा सकता है. ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती है.

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